
26 जनवरी से पहले आतंकी मंसूबों पर करारा प्रहार, खालिस्तान समर्थक दबोचा गया
देश की राजधानी दिल्ली को दहलाने की एक बड़ी साजिश को सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते नाकाम कर दिया है। गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व से ठीक पहले पंजाब पुलिस ने हरियाणा के जींद जिले से एक खालिस्तान समर्थक को गिरफ्तार कर आतंकियों की योजना पर पानी फेर दिया। यह गिरफ्तारी न केवल दिल्ली, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।

पंजाब के लुधियाना जिले की पुलिस ने हरियाणा के सफीदों कस्बे में दबिश देकर वार्ड नंबर पांच निवासी कुलदीप उर्फ कालू (36) को हिरासत में लिया। पुलिस का कहना है कि कुलदीप दिल्ली में बड़े आतंकी हमले की साजिश का अहम हिस्सा था और वह लंबे समय से खालिस्तानी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। पूछताछ में उसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
पूछताछ से खुली साजिश की परतें
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में लुधियाना से दो खालिस्तानी आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था। जब उनसे गहन पूछताछ की गई, तो दिल्ली में संभावित आतंकी हमले की योजना का संकेत मिला। इसी दौरान कुलदीप उर्फ कालू का नाम सामने आया। इसके बाद पंजाब पुलिस ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की और पुख्ता सबूत मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कुलदीप पाकिस्तान में बैठे बांग्लादेशी कट्टरपंथियों के संपर्क में था। आरोप है कि इन्हीं के साथ मिलकर उसने दिल्ली में धमाके की योजना बनाई थी। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस हमले का मकसद गणतंत्र दिवस के दिन देश में दहशत फैलाना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाना था।
सोशल मीडिया बना प्रचार का जरिया
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कुलदीप सोशल मीडिया के जरिए खालिस्तानी विचारधारा का प्रचार करता था। उसके फेसबुक अकाउंट पर खालिस्तान समर्थक तस्वीरें, आपत्तिजनक पोस्ट और संदिग्ध फोन नंबर पाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि वह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर युवाओं को गुमराह करने और नेटवर्क बढ़ाने की कोशिश कर रहा था।
साइबर सेल की टीम अब उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स की गहराई से जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसके संपर्क में और कौन-कौन लोग थे और क्या वह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था।
डंकी रूट से अमेरिका, फिर भारत वापसी
कुलदीप का अतीत भी कई सवाल खड़े करता है। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2019 में वह अवैध तरीके से, जिसे डंकी रूट कहा जाता है, अमेरिका गया था। सीमा पार करते समय अमेरिकी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद वह करीब 10 महीने तक वहां जेल में रहा।
वर्ष 2020 में जेल से छूटने के बाद वह भारत लौट आया। भारत लौटने के बाद उसने खुद को एक सामान्य किसान के रूप में पेश किया, लेकिन जांच एजेंसियों का दावा है कि इस दौरान भी वह खालिस्तानी तत्वों के संपर्क में बना रहा और देशविरोधी गतिविधियों में शामिल रहा।
परिवार और स्थानीय जीवन
सफीदों में कुलदीप अपने परिवार के साथ रह रहा था। उसके परिवार में पत्नी, दो छोटे बच्चे, माता-पिता, दादी और एक अविवाहित बहन शामिल हैं। वह खेती-बाड़ी करता था और स्थानीय लोगों की नजर में एक सामान्य व्यक्ति की तरह जीवन जी रहा था। यही वजह है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद इलाके में लोग हैरान हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कुलदीप पर वर्ष 2016 में एक सड़क दुर्घटना का मामला भी दर्ज था। हालांकि वह मामला गंभीर नहीं था, लेकिन इससे यह स्पष्ट होता है कि उसका नाम पहले भी पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज रहा है।
सफीदों और खालिस्तानी कनेक्शन
यह पहली बार नहीं है जब सफीदों क्षेत्र का नाम खालिस्तानी गतिविधियों से जुड़ा हो। इससे पहले अप्रैल 2024 में रोहड़ गांव निवासी रतनदीप की पंजाब के नवांशहर जिले के बलाचौर इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रतनदीप को बब्बर खालसा टाइगर फोर्स का सक्रिय सदस्य बताया गया था।
रतनदीप पर पाकिस्तान से भारत में आरडीएक्स भेजने, वर्ष 1999 में चंडीगढ़ के सेक्टर-34 में आरडीएक्स प्लांट करने और वर्ष 2010 में अमृतसर में हुए आरडीएक्स धमाके में शामिल होने जैसे गंभीर आरोप थे। पंजाब पुलिस ने उसे आतंकी घोषित कर 10 लाख रुपये का इनाम भी रखा था। हालांकि दिसंबर 2019 में वह कई मामलों में बरी हो गया था, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए थीं।
दिल्ली में हाई अलर्ट, आतंकियों के पोस्टर जारी
कुलदीप की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली समेत कई राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने दिल्ली के विभिन्न इलाकों में कुल 10 संदिग्ध आतंकियों के पोस्टर चस्पा किए हैं। इन आतंकियों में हरविंदर उर्फ रंधा, कुलवंत, अवतार सिंह, करणवीर, हर्षदीप उर्फ हर्ष, भूपेंद्र उर्फ भिंडरा, पुरुषोतम उर्फ पम्मा, वाधवा सिंह उर्फ बबर और गुरमीत के नाम शामिल हैं।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि इन संदिग्धों में से कोई भी व्यक्ति कहीं नजर आए, तो तुरंत पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दें। किसी भी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है।
गहन जांच जारी
फिलहाल कुलदीप उर्फ कालू से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने में जुटी है कि दिल्ली में हमले की सटीक योजना क्या थी, फंडिंग कहां से हो रही थी और इस साजिश में कितने लोग शामिल थे। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या देश के अन्य हिस्सों में भी इस नेटवर्क की शाखाएं सक्रिय हैं।
गणतंत्र दिवस से पहले इस गिरफ्तारी को सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि देश की एकता और अखंडता को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश को सख्ती से कुचला जाएगा और दोषियों को कानून के कठघरे में लाया जाएगा।



