
खून से सनी दोस्ती! शराब पार्टी के बाद दोस्त ने चाकू से रेता गला, मरता समझ अस्पताल छोड़ा और हुआ फरार, होश में आया तो खुला सनसनीखेज राज
दिल्ली के नरेला औद्योगिक क्षेत्र से रिश्तों को झकझोर देने वाली एक खौफनाक वारदात सामने आई है, जहां दोस्ती शराब और गुस्से की भेंट चढ़ गई। जिस दोस्त पर भरोसा था, उसी ने मौत के मुहाने तक पहुंचा दिया। शराब के नशे में मामूली कहासुनी के बाद एक युवक ने अपने ही जिगरी दोस्त का गला चाकू से रेत दिया। इसके बाद आरोपी दोस्त घायल को मरता छोड़ अस्पताल पहुंचाकर खुद फरार हो गया। जब पीड़ित को होश आया, तो उसने जो बयान दिया, उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए।

यह सनसनीखेज घटना शुक्रवार देर रात नरेला औद्योगिक क्षेत्र के शाहपुर गढ़ी इलाके में हुई। पीड़ित की पहचान तवरेज आलम के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला है। तवरेज दिल्ली में अपने परिवार के साथ रह रहा था और शादी की तैयारियों के बीच जिंदगी के नए सपने देख रहा था। लेकिन उसे क्या पता था कि जिस दोस्त के साथ वह पार्टी कर रहा है, वही उसकी जिंदगी छीनने पर उतारू हो जाएगा।
पुलिस के अनुसार, तवरेज और राहुल पुराने दोस्त हैं। दोनों चेन्नई की एक निजी कंपनी में साथ काम करते थे। तवरेज की शादी तय होने के बाद परिवार ने उसे दिल्ली बुला लिया था। कुछ दिन पहले ही राहुल भी उसके साथ दिल्ली आ गया। नरेला इलाके में दोनों साथ घूमते-फिरते और अक्सर शराब पार्टी करते थे। शुक्रवार रात भी दोनों ने पेट्रोल पंप के पास बैठकर शराब पी।
शराब के नशे में अचानक किसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। आरोप है कि राहुल गाली-गलौज करने लगा। तवरेज ने जब इसका विरोध किया तो राहुल आपे से बाहर हो गया। गुस्से में उसने जेब से चाकू निकाला और बिना कुछ सोचे-समझे तवरेज की गर्दन पर वार कर दिया। चाकू लगते ही खून का फव्वारा फूट पड़ा और तवरेज जमीन पर गिर गया।
घटना इतनी तेजी से हुई कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही राहुल घायल तवरेज को घसीटते हुए सड़क तक ले आया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तवरेज की हालत बेहद गंभीर थी और वह लगातार खून से लथपथ हो रहा था। इसी दौरान राहुल ने एक बाइक सवार को रोका और उसकी मदद से घायल दोस्त को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल पहुंचते ही तवरेज बेहोश हो गया। डॉक्टरों ने जब उसकी गंभीर हालत देखी तो इलाज शुरू किया। इसी बीच राहुल को एहसास हुआ कि मामला अब उसके हाथ से निकल चुका है। पुलिस के डर से वह अस्पताल में घायल को छोड़कर चुपचाप फरार हो गया। डॉक्टरों ने तवरेज को प्राथमिक उपचार के बाद लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल रेफर कर दिया।
लोक नायक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझते हुए जब तवरेज को होश आया, तो उसने पुलिस को पूरी घटना सिलसिलेवार बताई। उसके बयान के बाद नरेला औद्योगिक क्षेत्र थाने में आरोपी राहुल के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है और उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह मामला शराब के नशे में हुए विवाद का लग रहा है, लेकिन दोस्ती, विश्वास और अचानक हुई हिंसा के पीछे की असली वजह की भी जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि राहुल ने पहले से चाकू क्यों रखा था और क्या वारदात की कोई और पृष्ठभूमि है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि शराब के नशे में इंसान किस हद तक हैवान बन सकता है। दोस्ती, भरोसा और साथ का दावा करने वाले लोग पल भर में खून के प्यासे बन जाते हैं। जिस दोस्त ने कभी साथ जीने-मरने की कसमें खाई हों, वही अगर जान लेने पर उतर आए, तो समाज के लिए यह बेहद डरावना संकेत है।
फिलहाल तवरेज आलम का इलाज अस्पताल में चल रहा है और डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। वहीं, पुलिस आरोपी राहुल की तलाश में जुटी हुई है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है। इलाके में इस वारदात के बाद दहशत का माहौल है और लोग देर रात शराबखोरी और बढ़ते अपराधों पर सवाल उठाने लगे हैं।
यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि दोस्ती के नाम पर हुए विश्वासघात की एक ऐसी कहानी है, जिसने इंसानियत को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है।



