
काशी का कैंपस दहला: हॉस्टल गेट पर चली गोलियां, छात्र पर जानलेवा हमला—रातभर पुलिस घेराबंदी, डर में जी रहे विद्यार्थी
देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शुमार Banaras Hindu University शनिवार रात अचानक सुर्खियों में आ गया, जब विश्वविद्यालय के बिरला हॉस्टल के बाहर एक छात्र पर जानलेवा हमला कर दिया गया। बाइक सवार हमलावरों ने लगातार फायरिंग की, जिससे पूरा परिसर दहशत में आ गया।

गोलियों की आवाज सुनते ही छात्रावास के आसपास अफरा-तफरी मच गई। कई छात्र कमरों में छिप गए तो कुछ बाहर निकलकर घटनास्थल की ओर दौड़े। कुछ ही मिनटों में विश्वविद्यालय का शांत वातावरण भय और तनाव में बदल गया।
🔶 निशाने पर छात्र, बाल-बाल बची जान
मिली जानकारी के अनुसार, बीए तृतीय वर्ष का छात्र रोशन मिश्रा शाम को हॉस्टल गेट के पास अपने दोस्त के साथ खड़ा था। उसी समय तीन युवक बाइक पर पहुंचे और अचानक फायरिंग शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि हमलावरों ने चार राउंड गोलियां चलाईं। एक गोली छात्र के सिर के बेहद करीब से गुजर गई। अगर छात्र समय रहते भागकर हॉस्टल के भीतर नहीं पहुंचता, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
🔶 छात्रों में दहशत, उग्र प्रदर्शन
फायरिंग की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में छात्र बाहर निकल आए। कई छात्रों ने इस घटना को सुरक्षा में बड़ी चूक बताते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
गुस्साए छात्रों ने सड़क जाम कर दी और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
छात्रों का कहना था कि परिसर में पहले से ही कुछ असामाजिक तत्व सक्रिय थे, लेकिन प्रशासन ने समय रहते सख्ती नहीं दिखाई।
🔶 पहले से मिली थी हमले की आशंका
पीड़ित छात्र ने दावा किया है कि उसने प्रशासन और पुलिस को पहले ही खतरे की सूचना दी थी।
उसका कहना है कि उसने लिखित शिकायत देकर बताया था कि कुछ लोग उसके खिलाफ साजिश कर रहे हैं और हथियारों के साथ घूम रहे हैं।
इसके बावजूद कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई। यही कारण है कि घटना के बाद छात्रों का गुस्सा और बढ़ गया।
🔶 मौके से बरामद हुए कारतूस
फायरिंग के बाद छात्रों ने घटनास्थल की जांच की तो उन्हें चार कारतूस के खोखे मिले।
इन खोखों को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस ने उन्हें जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अधिकारियों का कहना है कि इससे हमलावरों के हथियार और उनकी पहचान तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
🔶 पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई।
स्थिति को देखते हुए वाराणसी के कई थानों की फोर्स बुला ली गई। देर रात तक अधिकारी छात्रों को समझाते रहे और परिसर में गश्त बढ़ा दी गई।
तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए कुछ समय के लिए हॉस्टल की बिजली भी बंद कर दी गई, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और सुरक्षा बलों को कार्रवाई में सुविधा मिले।
🔶 नामजद आरोपियों पर केस दर्ज
पीड़ित छात्र की शिकायत पर पुलिस ने कई लोगों को नामजद करते हुए हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है।
छात्र ने आरोप लगाया है कि यह हमला विश्वविद्यालय से निष्कासित कुछ छात्रों के इशारे पर किया गया। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है।
संदिग्धों की तलाश में दबिश दी जा रही है और पुलिस का दावा है कि जल्द गिरफ्तारी हो सकती है।
🔶 कैंपस में बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर को लगभग छावनी में बदल दिया गया है।
मुख्य प्रवेश द्वारों पर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है। हॉस्टलों के बाहर अतिरिक्त गार्ड लगाए गए हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी सुरक्षा समीक्षा बैठक बुलाई है, जिसमें भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की रणनीति पर चर्चा हो रही है।
🔶 छात्रों की प्रमुख मांगें
इस घटना के बाद छात्रों ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखी हैं:
विश्वविद्यालय में स्थायी पुलिस चौकी स्थापित की जाए
हॉस्टलों के बाहर सीसीटीवी और सुरक्षा गश्त बढ़ाई जाए
हमलावरों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए
सुरक्षा में लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो
छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
🔶 विश्वविद्यालय की छवि पर असर
यह घटना ऐसे समय हुई है जब विश्वविद्यालय देश के शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों में गिना जाता है और यहां देश-विदेश से छात्र पढ़ने आते हैं।
कैंपस में गोलीबारी जैसी घटना ने न केवल छात्रों बल्कि अभिभावकों को भी चिंता में डाल दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई तो इससे संस्थान की साख पर असर पड़ सकता है।
🔶 आगे क्या?
पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों के मोबाइल लोकेशन भी ट्रैक किए जा रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों की पहचान लगभग हो चुकी है और जल्द गिरफ्तारी संभव है।
फिलहाल छात्रावासों में सन्नाटा है, लेकिन अंदर ही अंदर डर का माहौल बना हुआ है। सभी को उम्मीद है कि पुलिस जल्द कार्रवाई करेगी और कैंपस फिर से सुरक्षित माहौल में लौटेगा।



