
कानपुर में मिलावट पर बड़ा एक्शन: बर्गर किंग का रिफाइंड और अर्सिया फूड का पनीर फेल, 95 पर ₹31.20 लाख की पेनल्टी
कानपुर में खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए मिलावटखोरों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है। बीते एक वर्ष के दौरान लिए गए खाद्य नमूनों की जांच में फेल पाए गए मामलों की सुनवाई पूरी करते हुए एडीएम सिटी की अदालत ने 95 दोषियों पर कुल 31.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इस कार्रवाई में प्रतिष्ठित फूड ब्रांड्स से जुड़े उत्पादों के नाम सामने आने से खाद्य कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

एडीएम सिटी डॉ. राजेश कुमार के अनुसार, जेड स्क्वायर मॉल स्थित बर्गर किंग प्राइवेट लिमिटेड से लिया गया रिफाइंड पामोलिन तेल गुणवत्ता जांच में पूरी तरह मानकविहीन पाया गया। खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए कोर्ट ने संबंधित इकाई पर 75 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
इसी क्रम में जेड स्क्वायर स्थित अर्सिया फूड वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड के पनीर का नमूना भी जांच में असफल रहा। पनीर में वसा की मात्रा निर्धारित मानक से कम पाई गई, जिसके चलते उसे सब-स्टैंडर्ड घोषित किया गया और कंपनी पर 1.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
खाद्य पदार्थों की जांच में पान मसाला और चाय जैसे रोजमर्रा के उपयोग वाले उत्पाद भी मानकों पर खरे नहीं उतरे। राजधानी ब्रांड पान मसाला का नमूना फेल होने पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि गगन ब्रांड पान मसाला के मामले में ग्रीन वर्थ इंटरप्राइजेज पर 50 हजार रुपये की पेनल्टी लगाई गई। वहीं, मेसर्स नितिश टी कंपनी की खुली चायपत्ती गुणवत्ता परीक्षण में असफल पाई गई, जिस पर 70 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
एडीएम सिटी ने कहा कि रिफाइंड तेल, पनीर, चाय और पान मसाला जैसे खाद्य पदार्थ सीधे आम नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़े होते हैं। ऐसे में इनकी गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने साफ किया कि मिलावट या घटिया उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ आगे भी जांच और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई को शहर में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। भारी जुर्माने के चलते खाद्य कारोबार से जुड़े लोगों में सतर्कता बढ़ी है और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की उम्मीद भी जगी है।



