
करोल बाग बस हादसा—2 की मौत, कई घायल
राजधानी दिल्ली के करोल बाग इलाके में मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। देर रात करीब 1 बजे के आसपास झंडेवालान मंदिर के पास हनुमान मूर्ति चौक पर एक निजी बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। इस भयावह दुर्घटना में दो यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि लगभग दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, यह निजी बस राजस्थान के जयपुर से दिल्ली के फतेहपुरी की ओर आ रही थी। बस में कुल 25 यात्री सवार थे, जो लंबी यात्रा के कारण गहरी नींद में थे। तभी अचानक चालक का वाहन पर नियंत्रण बिगड़ गया और बस सड़क पर ही पलट गई। हादसा इतना अचानक और जबरदस्त था कि यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। बस के पलटते ही चारों तरफ चीख-पुकार मच गई और आसपास मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस काफी तेज रफ्तार में थी और जैसे ही वह झंडेवालान मंदिर के पास पहुंची, अचानक संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते बस पलट गई और उसमें सवार यात्री अंदर ही फंस गए। हादसे के बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ लोग बस के शीशे तोड़कर अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकालने लगे, जबकि अन्य लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी।
सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और एंबुलेंस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया। मलबे में फंसे यात्रियों को एक-एक कर बाहर निकाला गया और नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। बचाव अभियान के दौरान कई यात्रियों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान दो लोगों ने दम तोड़ दिया।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, घायलों में कुछ की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनका इलाज कर रही है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
पुलिस ने इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और चालक का नियंत्रण खोना ही दुर्घटना की मुख्य वजह माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस इस बात की भी गहराई से जांच कर रही है कि कहीं बस में कोई तकनीकी खराबी तो नहीं थी या फिर चालक को झपकी आने के कारण यह हादसा हुआ।
जांच अधिकारियों का कहना है कि बस के ब्रेक सिस्टम, टायर और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जाएगी। साथ ही चालक की स्थिति और उसकी ड्राइविंग हिस्ट्री की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या चालक लंबे समय से लगातार गाड़ी चला रहा था, जिससे उसे थकान या नींद का सामना करना पड़ा हो।
इस हादसे ने एक बार फिर राजधानी में रात के समय चलने वाले वाहनों, खासकर निजी बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर देखा जाता है कि देर रात सड़कों पर वाहन तेज रफ्तार में चलते हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में यह घटना प्रशासन के लिए भी एक चेतावनी है कि सड़क सुरक्षा नियमों को और सख्ती से लागू किया जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में पहले भी कई बार तेज रफ्तार वाहनों के कारण हादसे हो चुके हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस इलाके में ट्रैफिक नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठाए जाएं और स्पीड लिमिट का सख्ती से पालन कराया जाए।
हादसे के बाद पुलिस ने बस को अपने कब्जे में ले लिया है और उसे जांच के लिए भेज दिया गया है। साथ ही मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है और उनके शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक का माहौल बना हुआ है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और हादसे के असली कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। इस दर्दनाक घटना ने न सिर्फ पीड़ित परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है, बल्कि एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण लोगों की जान जाती रहेगी।



