
ओवरटेक बना मौत का कारण: ट्रक के नीचे आकर युवक की दर्दनाक मौत, ईद की खुशियां मातम में बदलीं
बिजनौर जिले से एक दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटना सामने आई है, जिसने एक परिवार ही नहीं बल्कि पूरे गांव को गम में डुबो दिया। ईद जैसे खुशी के मौके पर जहां हर घर में उत्सव का माहौल होना चाहिए था, वहीं एक हादसे ने सब कुछ बदल दिया। नहटौर-नगीना मार्ग पर शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसे में 20 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त घायल हो गया।

जानकारी के अनुसार, नहटौर थाना क्षेत्र के गांव सेढा निवासी इमरान अली, जो कि रियासत अली का पुत्र था, अपने दोस्त उजैफा के साथ बाइक से नगीना से नहटौर की ओर जा रहा था। दोनों युवक किसी काम से निकले थे और उन्हें क्या पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा।
घटना शाम के समय की बताई जा रही है, जब वे गांव तरकौली के पास पहुंचे। इसी दौरान सड़क पर आगे चल रहे गन्ने से भरे एक ट्रक को ओवरटेक करने की कोशिश की गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक सवार युवक ने जैसे ही ट्रक को पार करने की कोशिश की, तभी अचानक संतुलन बिगड़ गया और बाइक ट्रक की चपेट में आ गई।
इस हादसे में सबसे ज्यादा गंभीर चोट इमरान अली को लगी। वह सीधे ट्रक के पहिए के नीचे आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह दृश्य इतना भयावह था कि वहां मौजूद लोग भी सन्न रह गए। कुछ ही क्षणों में खुशी से भरी जिंदगी खत्म हो गई।
वहीं, उसके साथ बैठा दोस्त उजैफा इस हादसे में घायल हो गया। हालांकि उसे गंभीर चोटें नहीं आईं, लेकिन घटना के बाद वह काफी सदमे में है। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल को संभाला और घटना की जानकारी पुलिस को दी।
हादसे की खबर जैसे ही गांव सेढा पहुंची, वहां मातम छा गया। ईद का दिन होने के कारण पूरे गांव में खुशियों का माहौल था, लेकिन इमरान की मौत की खबर ने सब कुछ बदल दिया। परिवार के लोग रो-रोकर बेहाल हो गए। मां-बाप का दुख शब्दों में बयां करना मुश्किल है। जिस बेटे के साथ ईद मनाने की तैयारी थी, वही अब हमेशा के लिए उन्हें छोड़कर चला गया।
गांव के लोगों का कहना है कि इमरान बहुत ही सीधा और मिलनसार लड़का था। उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी और वह अपने परिवार का सहारा भी था। उसकी असमय मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात का जायजा लिया। थाना प्रभारी रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन मृतक के परिजन बिना किसी कानूनी कार्रवाई के ही शव को अपने साथ ले गए। ऐसे में आगे की कार्रवाई नहीं हो सकी।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। अक्सर देखा जाता है कि जल्दी के चक्कर में लोग ओवरटेक करते समय सावधानी नहीं बरतते, जो कई बार जानलेवा साबित होता है। खासकर भारी वाहनों जैसे ट्रक के पास ओवरटेक करना बेहद जोखिम भरा होता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क पर चलते समय धैर्य और सतर्कता सबसे जरूरी होती है। थोड़ी सी जल्दबाजी पूरी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। इस घटना में भी यही देखने को मिला, जहां एक छोटी सी गलती ने एक परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया।
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। लोग इमरान की आत्मा की शांति के लिए दुआ कर रहे हैं और परिवार को इस दुख की घड़ी में हिम्मत देने की कोशिश कर रहे हैं।
ईद जैसे पवित्र त्योहार पर हुई इस घटना ने सभी को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि जिंदगी कितनी अनमोल है और इसे सुरक्षित रखने के लिए हमें हर कदम पर सावधानी बरतनी चाहिए।



