
उत्तम नगर तरुण हत्याकांड पर उबाल, हजारों लोगों ने किया विरोध प्रदर्शन
दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में होली के दिन हुई 26 वर्षीय युवक तरुण खटीक की हत्या को लेकर लोगों में लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी के विरोध में रविवार शाम हस्तसाल स्थित श्री अयप्पा पार्क, एलआईजी फ्लैट्स क्षेत्र में सर्व हिंदू समाज की ओर से आक्रोश सभा और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए और हत्या के आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी व उन्हें कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की।

सभा में दिवंगत तरुण के पिता मेमराज, उनकी माता और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। साथ ही तरुण की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई और दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया और कई लोगों की आंखें नम नजर आईं।
इस सभा में कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। कार्यक्रम में योगी महाराज, हिंदू खटीक समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष छेल बिहारी किराड़, अखिल भारतीय खटीक फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. नेताराम तंगोला, महामंडलेश्वर कृष्ण शाह द्विवेदी महाराज, सामाजिक-आध्यात्मिक मार्गदर्शक गोपाल कृष्ण, नवाब सिंह और दिल्ली प्रदेश ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष वीरेंद्र शांडिल्य जैसे कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। सभी वक्ताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की और इसे समाज को झकझोर देने वाली घटना बताया।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज के लिए बेहद चिंताजनक हैं और इससे कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उन्हें सख्त सजा दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की वारदात को अंजाम देने से पहले सौ बार सोचे। साथ ही वक्ताओं ने यह भी कहा कि पूरा समाज पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव मदद की जाएगी।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने प्रशासन से मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और इसमें शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। लोगों का कहना था कि इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक लोगों का आक्रोश शांत नहीं होगा।
वक्ताओं ने लोगों से शांति बनाए रखने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है, इसलिए किसी भी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ गतिविधियों से दूर रहना चाहिए। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि समाज के सभी लोग मिलकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में काम करेंगे।
गौरतलब है कि यह पूरा विवाद होली के दिन यानी 4 मार्च को शुरू हुआ था। बताया जा रहा है कि उस दिन एक बच्ची द्वारा फेंके गए पानी के गुब्बारे के छींटे पास से गुजर रही एक महिला पर पड़ गए थे। इसी बात को लेकर महिला और आसपास के लोगों के बीच कहासुनी हो गई थी। शुरुआत में यह मामला छोटा सा विवाद लग रहा था, लेकिन बाद में यह गंभीर रूप ले बैठा।
स्वजनों का आरोप है कि रात के समय महिला के परिवार के कुछ लोगों और उनके परिचितों ने मिलकर तरुण खटीक पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि पहले तरुण की बेरहमी से पिटाई की गई और उसके बाद उसके सीने पर बड़े पत्थर से वार किया गया। इस हमले में तरुण गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद घायल तरुण को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। लेकिन उसकी हालत बेहद गंभीर थी। काफी कोशिशों के बावजूद 5 मार्च की सुबह उपचार के दौरान तरुण ने दम तोड़ दिया। इस घटना की खबर फैलते ही इलाके में तनाव का माहौल बन गया था और लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक दो नाबालिग समेत कुल 16 लोगों को हिरासत में लिया है। हालांकि तरुण के परिजनों का कहना है कि इस हमले में और भी कई लोग शामिल थे, जिनकी पहचान सीसीटीवी कैमरों में हो चुकी है।
परिजनों का आरोप है कि उन्होंने पुलिस को कई आरोपियों के नाम भी बताए हैं, लेकिन अब तक उन सभी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। इसी वजह से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है और वे जल्द से जल्द सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना बेहद दुखद और शर्मनाक है। उनका कहना है कि एक छोटे से विवाद को लेकर किसी की जान ले लेना बेहद निंदनीय है। लोगों का मानना है कि अगर समय रहते विवाद को शांत करा दिया जाता तो शायद यह घटना इतनी भयावह न होती।
वहीं सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और समाज में यह संदेश जाए कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।
सभा के अंत में सभी लोगों ने एकजुट होकर यह संकल्प लिया कि वे पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहेंगे और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। साथ ही प्रशासन से भी अपील की गई कि इस मामले में तेजी से कार्रवाई की जाए और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जाए, ताकि समाज में न्याय और कानून व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बना



