
इश्क, दोस्ती और खून की साजिश: पत्नी के प्रेमी ने रची खौफनाक हत्या, 21 दिन बाद पुलिस ने सुलझाया ब्लाइंड मर्डर
हरियाणा के कुरुक्षेत्र से सामने आया यह मामला किसी अपराध कथा या वेब सीरीज से कम नहीं है, जिसमें प्यार, विश्वासघात, दोस्ती और निर्ममता का खतरनाक संगम देखने को मिला। थीम पार्क में मिले एक अज्ञात धड़ और बाद में सरोवर से बरामद सिर ने पुलिस को ऐसी उलझन में डाल दिया था, जिसे सुलझाने में 21 दिन, पांच पुलिस टीमें और 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की जांच लगी। आखिरकार पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर से पर्दा उठाया तो कहानी ने सभी को चौंका दिया।

इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी मृतक का दोस्त निकला, जो उसकी पत्नी के साथ प्रेम संबंध में था। हत्या इतनी बेरहमी से की गई कि आरोपियों ने सुनील नाम के युवक का सिर धड़ से अलग कर सबूत मिटाने की कोशिश की। लेकिन कहते हैं न, अपराधी चाहे जितना शातिर हो, कोई न कोई निशान छोड़ ही देता है।
दोस्ती से दुश्मनी तक का सफर
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक सुनील पानीपत के खोजकीपुर गांव का रहने वाला था और दिव्यांग था। उसकी दाहिनी टांग कृत्रिम थी। सुनील के दो छोटे बच्चे हैं और वह अपने परिवार के साथ रहता था। आरोपी मोहित उसका करीबी दोस्त था। इसी दोस्ती के बीच मोहित के सुनील की पत्नी से अवैध प्रेम संबंध बन गए।
मोहित ने पुलिस पूछताछ में बताया कि सुनील अपनी पत्नी के साथ शराब के नशे में अक्सर मारपीट करता था। कई बार वह उसे सर्द रातों में घर से बाहर खड़ा कर देता था। पत्नी अपनी पीड़ा मोहित को बताती थी, जिससे मोहित के अंदर गुस्सा और नफरत बढ़ती चली गई। मोहित खुद को इस हालात का जिम्मेदार भी मानता था, क्योंकि सुनील ने अपने नाम पर उसे एक मोटरसाइकिल ईएमआई पर दिलवाई थी।
पैसों और धमकियों ने भड़काई आग
जांच में यह भी सामने आया कि मोटरसाइकिल की ईएमआई के बदले सुनील मोहित से रोज शराब के लिए पैसे मांगता था। पैसे न देने पर वह बाइक छीनने और पुलिस में चोरी की शिकायत करने की धमकी देता था। इन धमकियों और प्रेमिका की प्रताड़ना भरी कहानियों ने मोहित के भीतर हिंसा की आग को और भड़का दिया।
आखिरकार मोहित ने अपने दोस्त मंजीत सिंह उर्फ काकू और उसके भाई अंकुश उर्फ अंकित के साथ मिलकर सुनील की हत्या की साजिश रच डाली। तीनों ने तय किया कि सुनील को शराब पिलाने के बहाने कहीं सुनसान जगह ले जाकर रास्ते से हटा दिया जाएगा।
करनाल से कुरुक्षेत्र तक मौत का सफर
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, 29 दिसंबर की रात सुनील, मोहित, मंजीत और अंकुश पहले करनाल पहुंचे। यहां शराब पी गई, लेकिन हत्या के लिए उन्हें कोई सुरक्षित और सुनसान जगह नहीं मिली। इसके बाद सभी कुरुक्षेत्र की ओर रवाना हो गए।
कुरुक्षेत्र पहुंचने के बाद उन्होंने एक होटल में खाना खाया और फिर थीम पार्क का रुख किया। वहां दोबारा शराब पी गई। इसी दौरान मौका पाकर मोहित ने पानीपत से पहले ही खरीदे चाकू से सुनील पर हमला कर दिया। बेरहमी की हद तब पार हुई, जब हत्या के बाद भी आरोपियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ।
सिर धड़ से अलग, सरोवर में फेंका
हत्या के बाद पुलिस से बचने के लिए आरोपियों ने सुनील का सिर धड़ से अलग कर दिया। सिर को मोहित की चादर में लपेटा गया और कुरुक्षेत्र के सन्निहित सरोवर में फेंक दिया गया, ताकि पहचान न हो सके। आरोपियों को लगा कि इस तरह वे कानून की पकड़ से बाहर निकल जाएंगे, लेकिन उनकी यह चाल ही उनके लिए सबसे बड़ी गलती साबित हुई।
नकली टांग बनी सुराग
कुछ दिन बाद पुलिस को थीम पार्क के पास एक अज्ञात धड़ मिला। धड़ से थोड़ी दूरी पर जयपुर मार्का की नकली दाहिनी टांग भी बरामद हुई। इसी कृत्रिम टांग ने पुलिस को जांच की नई दिशा दी। पुलिस ने जयपुर स्थित विकलांग समिति से संपर्क किया और प्रदेश में दाहिनी टांग लगवाने वाले 184 दिव्यांग लोगों की सूची हासिल की।
इसके बाद सभी 184 लोगों से संपर्क किया गया। इसी कड़ी में पुलिस खोजकीपुर गांव पहुंची, जहां सुनील के लापता होने की जानकारी मिली। सुनील के पिता ने 4 जनवरी को बापौली थाना में उसकी गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। बाद में जब सरोवर से बरामद सिर दिखाया गया, तो पिता ने धड़ और सिर दोनों की पहचान अपने बेटे सुनील के रूप में कर ली।
पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
थाना कृष्णा गेट प्रभारी के अनुसार, हत्या के बाद आरोपी मोहित बेहद सतर्क हो गया था। जब उसे पता चला कि पुलिस मृतक को दाहिनी टांग से दिव्यांग मानकर जांच कर रही है, तो उसने चाल चली। वह सुनील के पिता के पास पहुंचा और थाने में यह जानकारी दर्ज करवा दी कि सुनील बाई टांग से दिव्यांग था।
मोहित का मकसद यह था कि पुलिस को जब दाहिनी टांग की जानकारी मिले, तो रिकॉर्ड में बाई टांग दर्ज होने के कारण पहचान न हो सके। इस भ्रम की वजह से कुछ समय तक पानीपत और कुरुक्षेत्र पुलिस के बीच समन्वय भी नहीं बन पाया।
21 दिन बाद खुला राज
लगातार जांच, सीसीटीवी फुटेज खंगालने और जयपुर तक के सुराग जोड़ने के बाद पुलिस ने आखिरकार मोहित और मंजीत उर्फ काकू को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने पूरी वारदात कबूल कर ली। पुलिस ने बताया कि तीसरे आरोपी अंकुश की तलाश जारी है।
पत्नी की भूमिका पर जांच
फिलहाल जांच में यह सामने आया है कि मृतक की पत्नी ने हत्या की साजिश में सीधे तौर पर हिस्सा नहीं लिया। हालांकि, मोहित ने उसके साथ अवैध संबंध की बात कबूल की है। इसी वजह से पुलिस पत्नी से भी पूछताछ कर रही है। अगर जांच में कोई ठोस सबूत मिला, तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि रिश्तों में छिपा धोखा और गुस्सा किस हद तक इंसान को दरिंदा बना सकता है। प्यार, दोस्ती और विश्वास के नाम पर रची गई यह साजिश आखिरकार कानून की नजर से बच नहीं सकी।

