हरियाणा

आदित्य सुरजेवाला ने एचपीएससी-एचएसएससी को ‘रिजेक्शन कमीशन’ कहा, युवाओं के सपनों का ‘संस्थागत कत्ल’ करार दिया

हरियाणा विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव के दौरान आदित्य सुरजेवाला का भाजपा सरकार पर तीखा हमला

आदित्य सुरजेवाला ने एचपीएससी-एचएसएससी को ‘रिजेक्शन कमीशन’ कहा, युवाओं के सपनों का ‘संस्थागत कत्ल’ करार दिया
हरियाणा विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव के दौरान आदित्य सुरजेवाला का भाजपा सरकार पर तीखा हमला

पेपर लीक, कॉपी-पेस्ट, 97% पद खाली—हरियाणा का नौजवान अपने राज्य में बन रहा बेगाना

कैथल, 27 फरवरी 2026
हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में कांग्रेस के युवा नेता एवं कैथल विधायक आदित्य सुरजेवाला ने प्रदेश की भर्ती व्यवस्था पर जमकर हमला बोला। उन्होंने हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) को रिजेक्शन कमीशन करार देते हुए गंभीर आरोप लगाए कि इन आयोगों द्वारा पेपर लीक, प्रश्नों की नकल, बेहद कम चयन दर तथा गैर-हरियाणवी उम्मीदवारों को प्राथमिकता देकर राज्य के युवाओं के साथ “संस्थागत धोखाधड़ी” की जा रही है।

Rule 66 के तहत लाए गए स्थगन प्रस्ताव के दौरान सुरजेवाला ने भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि हरियाणा का नौजवान रात-दिन मेहनत करता है, माता-पिता जमीनें गिरवी रखते हैं, कोचिंग की भारी फीस चुकाते हैं और बड़े-बड़े सपने देखते हैं। लेकिन बदले में मिलता है पेपर लीक, परीक्षा रद्द होना, अदालती चक्कर और सरकार की खामोशी। यह महज प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि संवैधानिक संकट है।

सुरजेवाला ने ठोस आंकड़ों और उदाहरणों के साथ आरोपों को मजबूत किया और कहा कि
* एचपीएससी की विफलता: पीजीटी कंप्यूटर साइंस के 1,711 पदों पर मात्र 39 चयन हुए, यानी 97% से अधिक पद खाली रहे। मेवात कैडर में एक भी चयन नहीं हुआ। असिस्टेंट प्रोफेसर इंग्लिश के 613 पदों में सिर्फ 151 उम्मीदवार योग्य घोषित हुए, जबकि 462 पद रिक्त छूट गए। कई विषयों में गोल्ड मेडलिस्ट और NET योग्य उम्मीदवार भी अयोग्य ठहराए गए।
* अन्य भर्तियां: एडीओ में 600 पदों में से 550 खाली, पीजीटी म्यूजिक में 80 में से 55 खाली रहे।
* पेपर लीक और नकल: असिस्टेंट प्रोफेसर हिंदी की परीक्षा (जून 2025) रद्द की गई। जियोग्राफी पेपर में 32 प्रश्न बीपीएससी से शब्दशः कॉपी किए गए, हिस्ट्री में 24 प्रश्न छत्तीसगढ़ पीएससी से लिए गए। आदित्य ने व्यंग्य करते हुए कहा कि हम बच्चों को नकल न करने की सीख देते हैं, लेकिन कमीशन खुद नकल कर रहा है।
* सीईटी की लालफीताशाही: सीईटी को सुधार के नाम पर पेश किया गया, लेकिन भर्ती प्रक्रिया ठप हो गई। ग्रुप डी सीईटी 2022 के बाद सिर्फ एक बार हुआ, संशोधित परिणाम में 2 साल लगे। ग्रुप सी में फेज 1 और 2 के बीच एक साल का अंतर। लाखों युवा अनिश्चितता में फंसे हैं।
* शिक्षा क्षेत्र में संकट: 21,812 से अधिक शिक्षक पद खाली हैं। असिस्टेंट प्रोफेसर में 60%+, हेडमास्टर में 80%+ पद रिक्त। कई विषयों में 100% वेकन्सी है, जिससे बच्चों का भविष्य खतरे में है।
* गैर-हरियाणवी को प्राथमिकता: पॉवर यूटिलिटीज एई /एसडीओ की 214 पदों वाली भर्ती में 185 गैर-दोमकाइल उम्मीदवारों का चयन हुआ। हरियाणा का युवा अपने ही राज्य में बेगाना बन रहा है।
* संवैधानिक उल्लंघन: आर्टिकल 16 (समान अवसर) का हनन हो रहा है। सोशियो-इकोनॉमिक बोनस मार्क्स को असंवैधानिक घोषित होने से 53,000 पद प्रभावित हुए और 10,000 कर्मचारियों पर नौकरी छिनने का खतरा मंडरा रहा है।
भावुक होकर सुरजेवाला ने कहा कि जिस हरियाणा की मिट्टी ने ओलंपिक में तिरंगा फहराया, सरहदों पर खून बहाया—क्या वे युवा ग्रुप ए/बी की नौकरियों के लायक नहीं?

उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सैनी और सरकार से कई सवाल पूछे:

* पेपर लीक और कॉपी-पेस्ट की जिम्मेदारी किसकी?
* चयन में विफलता की जवाबदेही कौन लेगा?
* सीईटी का चरणबद्ध समय-सारिणी और रिक्तियों को भरने का कैलेंडर क्या है?
* क्या एचपीएससी के निदेशक का इस्तीफा मांगेगी सरकार?
* युवाओं के साथ अन्याय कब रोका जाएगा?

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