
आज विद्युत सदन में सुनी जाएंगी उपभोक्ताओं की बिजली शिकायतें
करनाल में बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) करनाल परिचालन परिमंडल के अधीक्षक अभियंता ने जानकारी देते हुए बताया कि 3 मार्च को सुबह 11 बजे सेक्टर-12 स्थित विद्युत सदन के कॉन्फ्रेंस हॉल में उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम की बैठक होगी। इस बैठक में बिजली उपभोक्ताओं की लंबित शिकायतों की सुनवाई की जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार इस फोरम की अध्यक्षता उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के अध्यक्ष करेंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य उन उपभोक्ताओं को राहत देना है जिनकी समस्याएं स्थानीय स्तर पर बार-बार शिकायत करने के बावजूद हल नहीं हो पाई हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को मौका दिया जाएगा कि वे सीधे फोरम के समक्ष अपनी बात रख सकें और समाधान प्राप्त कर सकें।
बिजली निगम की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह मंच विशेष रूप से उन मामलों के लिए बनाया गया है, जो संबंधित उपमंडल या कार्यालय स्तर पर लंबित हैं। कई बार उपभोक्ता बिलिंग, मीटर रीडिंग, लोड, कनेक्शन, वोल्टेज या अन्य तकनीकी समस्याओं को लेकर शिकायत करते हैं, लेकिन समाधान में देरी हो जाती है। ऐसे मामलों को प्राथमिकता से सुनने के लिए यह फोरम नियमित रूप से बैठक आयोजित करता है।
अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपनी शिकायत से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज साथ लेकर आएं, ताकि मौके पर ही मामलों की प्रभावी सुनवाई हो सके। यदि उपभोक्ता के पास पूर्व में की गई शिकायतों की प्रतियां, बिल, मीटर संबंधी विवरण या अन्य संबंधित कागजात होंगे तो समाधान की प्रक्रिया और तेज हो सकेगी।
हालांकि निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी प्रकार के मामले इस फोरम में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। जिन मामलों की सुनवाई पहले से किसी अदालत में चल रही है, उन्हें इस मंच पर नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा दो वर्ष से अधिक पुराने मामलों को भी सुनवाई के लिए पात्र नहीं माना जाएगा। यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि फोरम ताजा और प्रासंगिक शिकायतों का शीघ्र समाधान कर सके।
बिजली चोरी से संबंधित शिकायतों को भी इस बैठक में नहीं सुना जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों के लिए अलग से कानूनी और विभागीय प्रक्रिया निर्धारित है, इसलिए उन्हें उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के दायरे से बाहर रखा गया है।
बिजली निगम का मानना है कि इस तरह की सुनवाई बैठकों से उपभोक्ताओं और विभाग के बीच बेहतर संवाद स्थापित होता है। इससे न केवल शिकायतों का निपटारा तेज होता है, बल्कि उपभोक्ताओं का भरोसा भी बढ़ता है। निगम समय-समय पर ऐसी बैठकें आयोजित करता रहता है, ताकि लोगों को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
अधिकारियों ने बताया कि बैठक के दौरान प्रत्येक उपभोक्ता की शिकायत को गंभीरता से सुना जाएगा और नियमों के अनुसार त्वरित समाधान का प्रयास किया जाएगा। जिन मामलों का तुरंत समाधान संभव होगा, उन्हें मौके पर ही निपटाया जाएगा, जबकि जटिल मामलों में निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निगम ने यह भी कहा है कि उपभोक्ता अपनी शिकायत स्पष्ट और तथ्यात्मक रूप से प्रस्तुत करें, ताकि फोरम को निर्णय लेने में आसानी हो। अपूर्ण जानकारी या दस्तावेजों की कमी होने पर मामले के निस्तारण में समय लग सकता है।
स्थानीय स्तर पर कई उपभोक्ता लंबे समय से बिजली बिलों में गड़बड़ी, मीटर संबंधी समस्याएं और आपूर्ति से जुड़ी दिक्कतों को लेकर परेशान रहते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं के लिए यह बैठक राहत का अवसर मानी जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ता अपनी समस्याएं लेकर विद्युत सदन पहुंचेंगे।
बिजली निगम ने उपभोक्ताओं से समय पर पहुंचने और अनुशासन बनाए रखने की भी अपील की है, ताकि सुनवाई प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो सके। साथ ही यह भी कहा गया है कि केवल पात्र मामलों पर ही विचार किया जाएगा, इसलिए उपभोक्ता पहले से अपने मामले की पात्रता की जांच कर लें।
कुल मिलाकर, यह पहल बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। निगम को उम्मीद है कि इस सुनवाई के माध्यम से लंबित मामलों में कमी आएगी और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। अब निगाहें 3 मार्च को होने वाली इस बैठक पर टिकी हैं, जहां कई उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान निकलने की उम्मीद है।

