
अमेरिका में पकड़ा गया ‘मोटा’, हत्या केस में भारत लाकर हरियाणा पुलिस के हवाले
हत्या के एक चर्चित मामले में फरार चल रहे आरोपी सोमबीर उर्फ ‘मोटा’ को आखिरकार अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित कर लिया गया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के सहयोग से इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया। भारत पहुंचने के बाद आरोपी को औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर हरियाणा पुलिस की हिरासत में दे दिया गया।

सीबीआई के आधिकारिक बयान के मुताबिक, सोमबीर मोटा हरियाणा में दर्ज हत्या और आग्नेयास्त्रों के इस्तेमाल से जुड़े गंभीर मामले में वांछित था। वारदात के बाद वह देश छोड़कर विदेश भाग गया था। उसकी तलाश लंबे समय से की जा रही थी, लेकिन उसके अमेरिका में होने की जानकारी मिलने के बाद मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा।
रेड कॉर्नर नोटिस से शुरू हुई सख्ती
हरियाणा पुलिस के अनुरोध पर सीबीआई ने 11 फरवरी 2025 को इंटरपोल के जरिए आरोपी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया था। रेड नोटिस जारी होने का मतलब है कि संबंधित व्यक्ति किसी गंभीर अपराध में वांछित है और दुनिया भर की एजेंसियों को उसकी गिरफ्तारी के लिए सतर्क किया जाता है।
इसके बाद सीबीआई ने अमेरिका स्थित नेशनल सेंट्रल ब्यूरो (NCB) वाशिंगटन के साथ तालमेल स्थापित किया। लगातार संवाद और कानूनी प्रक्रिया के बाद आरोपी को अमेरिका में हिरासत में लिया गया। दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि के तहत जरूरी कागजी कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया पूरी की गई।
10 फरवरी 2026 को भारत लाया गया
अधिकारियों के अनुसार, 10 फरवरी 2026 को सोमबीर मोटा को अमेरिका से भारत के लिए रवाना किया गया। सीबीआई की टीम उसे लेकर दिल्ली पहुंची, जहां से आगे की कार्रवाई करते हुए हरियाणा पुलिस को सौंप दिया गया।
इस पूरी कार्रवाई को कानून प्रवर्तन एजेंसियों की समन्वित सफलता माना जा रहा है। सीबीआई प्रवक्ता ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी आरोपी को वापस लाना आसान नहीं होता। इसमें कानूनी, कूटनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर कई चरणों से गुजरना पड़ता है।
हत्या और हथियारों के इस्तेमाल का आरोप
हरियाणा पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक, सोमबीर मोटा पर हत्या और अवैध हथियारों के उपयोग से जुड़ा गंभीर आरोप है। जांच एजेंसियों का मानना है कि अपराध के बाद वह कानूनी शिकंजे से बचने के लिए विदेश भाग गया था।
पुलिस अब उससे पूछताछ कर यह जानने की कोशिश करेगी कि वारदात में और कौन-कौन शामिल था, क्या किसी ने उसकी फरारी में मदद की, और क्या उसके खिलाफ अन्य आपराधिक मामले भी जुड़े हुए हैं।
डिजिटल और अंतरराष्ट्रीय समन्वय की भूमिका
इस मामले में इंटरपोल और अमेरिकी एजेंसियों के साथ समन्वय अहम साबित हुआ। रेड नोटिस के जरिए आरोपी की लोकेशन ट्रैक करने और उसे हिरासत में लेने की प्रक्रिया तेज हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के वर्षों में भारत ने कई वांछित आरोपियों को विदेशों से वापस लाने में सफलता हासिल की है, जो अंतरराष्ट्रीय सहयोग की मजबूत होती व्यवस्था को दर्शाता है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
अब आरोपी को संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस उससे रिमांड लेकर विस्तृत पूछताछ कर सकती है। प्रत्यर्पण की शर्तों के तहत आमतौर पर आरोपी पर वही मुकदमा चलाया जाता है, जिसके आधार पर उसे भारत लाया गया है।
हरियाणा पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी से केस की जांच को नई दिशा मिलेगी और पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
सख्त संदेश
इस कार्रवाई को उन अपराधियों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है जो गंभीर अपराध के बाद विदेश भागकर कानून से बचने की कोशिश करते हैं। एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कानूनी कदम उठाए जाएंगे और आरोपियों को न्याय के कटघरे तक लाया जाएगा।
फिलहाल सोमबीर मोटा पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है। आने वाले दिनों में मामले से जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना है।

