
बरवाला हिसार 6 मार्च 2025
- *कल सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि SDM बरवाला को 12:00 बजे सौंपेंगे ज्ञापन।*
आज बरवाला एसडीएम कार्यालय में बरवाला उकलाना के सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक भिखु भंते कांशी रत्न जी की अध्यक्षता में हुई। मीटिंग का संचालन बौद्धाचार्य राज रत्न बौद्ध सारी पुत ने किया। मीटिंग का मुख्य एजेंडा*महाबोधि महाविहार, बोधगया (बि.प्र.)* बौद्ध अनुयायियों की महान विरासत को अबौद्धो के हस्तक्षेप से मुक्त कराने बाबत
कल एसडीएम बरवाला के मार्फत*माननीय महामहिम राष्ट्रपति महोदया* भारत सरकार, नई दिल्ली एंव माननीय महामहिम राष्ट्रपति महोदय के नाम एक ज्ञापन सौंपेंगे।
जारी एक प्रेस बयान में भिखु भंते कांशी रत्न जी बताया की संविधान ने देश के प्रत्येक नागरिक को अपनी आस्था और श्रद्धा के रूप में धर्म और उपासना की स्वतंत्रता दी है इसी कारण यहां हर एक धर्म का अनुयाई अपने -अपने धार्मिक स्थलों पर जाकर अपने धर्म की मान्यताओं के अनुरूप श्रद्धा के साथ नमन करते हैं ।धार्मिक स्थलों पर सम्बंधित धर्म को मानने वाले अनुयायियों की प्रबंधन समिति या धर्म गुरु होते हैं। ध्यातव्य है कि बौद्ध अनुयायियों की महान विरासत महाबोधि महाविहार, बोधगया, भारत के इतिहास में ही नहीं अपितु विश्व इतिहास में बुद्ध ज्ञान स्थली के रूप में जाना जाता है इसी कारण यह बौद्ध अनुयायियों की विश्व धरोहर है और बौद्ध धम्म की इस अद्वितीय विरासत के कारण विश्व पटल पर हमारा देश गौरवान्वित है ।इसीलिए यहां भारत वासियों के साथ -साथ विश्व के लोग बोधगया में बुद्ध ज्ञान स्थली को नमन करने आते हैं।हालांकि संवैधानिक रूप से कोई भी नागरिक किसी भी धर्म के स्थलों पर जाने व दर्शन करने के लिए स्वतंत्र हैं परन्तु सम्बंधित धार्मिक स्थलों पर एकाधिकार, प्रबंधन समिति या धर्म गुरु केवल सम्बंधित धर्म का ही होता है तो महाबोधि महाविहार बोधगया के प्रबंधन या धर्म गुरुओं के सम्बन्ध में बौद्ध धम्म के अनुयायियों के अलावा अबौद्धों का हस्तक्षेप धार्मिक मान्यताओं के विपरीत है और कहीं भी किसी भी धर्म के स्थलों पर इस प्रकार का हस्तक्षेप नहीं है। बौद्ध धम्म के उपासक उपासिकाएं माननीय महामहिम राष्ट्रपति महोदय से अनुरोध करते हैं कि महाबोधि महाविहार बोधगया को अपने संज्ञान में लेकर अबौद्धो के हस्तक्षेप से मुक्त करवाकर बौद्ध धम्म की इस महान विरासत को केवल बौद्ध प्रबंधन समिति या बौद्ध भिक्खु संघ को ही सौंपा जाए।
आज मीटिंग में समस्त बौद्ध धम्म अनुयाई,तरंग बुद्ध विहार, उकलाना,सत्यशोधक सत्संग मिशन, बरवाला ,सद्भावना मंच बरवाला,दलित अधिकार मंच, बरवाला आदि जनसंगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे। राम अवतार,भंते राज रत्न बौद्ध सारी पुत,भंते ज्ञानेंद्र, डॉ. पवन कुमार मोर्य,भंते राजबीर बौद्ध,सरदानन्द राजली,राम देव रंगा,सचिन चोपडा,मुकेश रंगा,सुनील बधावड़,चांदी राम बधावड,सीताराम बालक,नसीब रसीला आदि शामिल रहे।
