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भारतीय सशस्‍त्र सेनाओं के रक्षा प्रमुख (सीडीएस) से मिली राष्ट्रीय शहीद परिवार कल्याण फाउंडेशन की टीम

भारतीय सशस्‍त्र सेनाओं के रक्षा प्रमुख (सीडीएस) से मिली राष्ट्रीय शहीद परिवार कल्याण फाउंडेशन की टीम

  1. भारतीय सशस्‍त्र सेनाओं के रक्षा प्रमुख (सीडीएस) से मिली राष्ट्रीय शहीद परिवार कल्याण फाउंडेशन की टीम

सैनिकों की समस्याओं पर हुई महत्वपूर्ण चर्चा
कोसली, ओमप्रकाश डाबला
राष्‍ट्रीय शहीद परिवार कल्‍याण फाउंडेशन के संस्थापक एवं संयोजक मेजर (डॉ.) टी.सी. राव तथा फाउंडेशन के अध्यक्ष कर्नल महाबीर सिंह यादव ने भारत सरकार के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान, पीवीएसम,उवाईएसम, एवीएसएम, एसएम विएएसएम से साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली में भेंट की।
जनरल चौहान ने दोनों अधिकारियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर मेजर (डॉ.) टी.सी. राव ने अपनी पुस्तक “Forgotten Warriors: Ahirs’ Peaceful Struggle for a Regiment” भेंट की और भारतीय सेना में ‘अहीर रेजिमेंट’ के गठन की मांग को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि यह बहादुर और सैन्य परंपरा वाली मार्शल कौम को सम्मान देने और रोजगार के अवसर बढ़ाने का महत्वपूर्ण कदम होगा।
इस पर जनरल चौहान ने कहा कि ब्रिटिश सरकार ने जाति-आधारित रेजिमेंट्स भारतीयों को विभाजित करने के लिए बनाई थीं, और वह इस सिद्धांत के खिलाफ हैं। इस पर मेजर राव और कर्नल यादव ने उनके दृष्टिकोण की सराहना की, लेकिन साथ ही सुझाव दिया कि यदि जातिगत रेजिमेंट्स को जारी रखना उचित नहीं है, तो सभी रेजिमेंट्स के नामों से जातिगत संदर्भ हटाए जाने चाहिए।
सूबेदार मेजर की सेवा अवधि और PBOR पदोन्नति पर चर्चा
मेजर राव ने भारतीय सेना में सूबेदार मेजर की सेवा अवधि बढ़ाने की मांग उठाई। उन्होंने सूबेदार संजय कुमार, PVC (जाट रेजिमेंट) का उदाहरण दिया, जिन्होंने सूबेदार मेजर के पद को अस्वीकार कर दिया, क्योंकि इस पद पर अधिकतम चार वर्ष की सेवा की सीमा है। उन्होंने बताया कि नौसेना और वायुसेना में MCPO और MWO रैंक के अधिकारी 57 वर्ष तक सेवा कर सकते हैं, लेकिन थलसेना में सूबेदार मेजर को केवल चार वर्ष की सेवा की अनुमति है।
इसलिए, सेना में भी सूबेदार मेजर को 57 वर्ष तक सेवा जारी रखने की अनुमति देने की मांग रखी गई।
इसके अलावा, PBOR (Personnel Below Officer Rank) के लिए टाइम स्केल प्रमोशन की मांग रखी गई, ताकि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) का अनुपालन हो सके।
रिकॉर्ड्स विभाग के अपग्रेडेशन की मांग
मेजर राव और कर्नल यादव ने सेना के “इंस्पेक्टर ऑफ रिकॉर्ड्स” के पद को अपग्रेड कर “डीजी रिकॉर्ड्स” (Director General Records) बनाने की मांग की। उन्होंने बताया कि अन्य विभागों जैसे RVC, AEC, CMP, JAG और ADC (Army Dental Corps) में प्रमुख पदों को बढ़ाकर लेफ्टिनेंट जनरल कर दिया गया है, लेकिन रिकॉर्ड्स विभाग में यह पद पिछले 50 वर्षों से ब्रिगेडियर ही बना हुआ है।
ECHS योजना की बदहाल स्थिति पर चर्चा
बैठक में सेवानिवृत्त सैनिकों के लिए चलाई जा रही ECHS (Ex-Servicemen Contributory Health Scheme) की समस्याओं पर भी चर्चा हुई।
मुख्य मुद्दे:
• सम्बद्ध अस्पतालों (Empanelled Hospitals) को देर से भुगतान, जिससे अस्पताल सैनिकों का इलाज करने से बचते हैं।
• दवाइयों की अनुपलब्धता और जांच/उपचार दरों में संशोधन न होने से सेवानिवृत्त सैनिकों को भारी असुविधा।
• सेवानिवृत्त सैनिकों को अस्पतालों में प्राथमिकता न मिलने से भर्ती में दिक्कतें।
मेजर राव और कर्नल यादव ने CDS से अनुरोध किया कि इस मुद्दे को रक्षा मंत्रालय (RM) के समक्ष उचित अवसर पर रखा जाए।
महत्वपूर्ण पुस्तकों का उपहार
मेजर (डॉ.) टी.सी. राव ने अपनी तीन अन्य पुस्तकें भी जनरल चौहान को भेंट की:
1. “Bunker to Billionaire: A Success Story of a Soldier”
2. “रेजांगला में अहीरों का बलिदान: सत्‍य, न्‍याय और सम्‍मान के लिए संघर्ष”
3. “भारतीय सैनिक: सुरक्षा की गारंटी”
CDS जनरल अनिल चौहान ने इस महत्वपूर्ण और सैनिक कल्याण से जुड़ी चर्चा के लिए आभार व्यक्त किया और सैनिकों के कल्याण हेतु उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया।
बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में समाप्त हुई।

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