
Saharanpur Wedding Halted: ईरान-इजराइल तनाव के कारण कुवैत में अटका दूल्हा, दुल्हन की सजी मेहंदी रह गई अधूरी
उत्तर प्रदेश के Saharanpur जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने एक परिवार की खुशियों को अचानक इंतजार में बदल दिया। जहां घर में शादी की तैयारियां अपने अंतिम चरण में थीं, वहीं अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण दूल्हा अपनी ही शादी में शामिल होने के लिए भारत नहीं पहुंच सका। मजबूरी में परिवार को ऐन वक्त पर शादी टालनी पड़ी और दुल्हन मेहंदी लगाए दूल्हे का इंतजार करती रह गई।

यह मामला सहारनपुर के छुटमलपुर क्षेत्र के गांव मुसैल से जुड़ा हुआ है। यहां रहने वाले जबर सिंह की बेटी पारुल की शादी हरियाणा के Ambala जिले के बतौड़ गांव निवासी राजीव राणा के साथ तय हुई थी। राजीव पिछले कई वर्षों से Kuwait में नौकरी कर रहा है। दोनों परिवारों ने बड़े उत्साह के साथ शादी की तैयारियां की थीं, लेकिन मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और Iran–Israel conflict के कारण उड़ानों पर असर पड़ा और दूल्हा भारत नहीं पहुंच सका।
पिछले वर्ष पक्का हुआ था रिश्ता
परिवार के लोगों के अनुसार यह रिश्ता पिछले साल तय हुआ था। उस समय राजीव छुट्टी लेकर भारत आया था और उसी दौरान पारुल को देखने के बाद दोनों परिवारों ने शादी की सहमति दे दी थी।
इसके बाद दोनों परिवारों ने तय किया कि अगले वर्ष मार्च में शादी की जाएगी। उसी योजना के अनुसार तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। शादी के कार्ड छपवाकर रिश्तेदारों और परिचितों में बांट दिए गए थे और परिवार में उत्सव का माहौल बनने लगा था।
विदेश में नौकरी करता है दूल्हा
राजीव राणा लंबे समय से कुवैत में काम कर रहा है। अपनी शादी में शामिल होने के लिए उसने पहले ही अपने कार्यस्थल से छुट्टी ले ली थी। बताया जा रहा है कि उसने करीब दो महीने की छुट्टी मंजूर करवाई थी ताकि वह आराम से भारत आकर शादी की रस्मों में शामिल हो सके।
लेकिन फरवरी के आखिर में मध्य पूर्व में हालात अचानक बदल गए। क्षेत्र में तनाव बढ़ने के बाद कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ा। इसी वजह से राजीव को भारत लौटने के लिए फ्लाइट नहीं मिल सकी और वह कुवैत में ही फंस गया।
घर में पूरी हो चुकी थीं रस्में
इधर सहारनपुर में दुल्हन के घर शादी की सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं। रिश्तेदारों का आना-जाना शुरू हो गया था और घर में खुशी का माहौल था।
दुल्हन पारुल की हल्दी की रस्म पूरी हो चुकी थी और उसके हाथों में मेहंदी भी लगा दी गई थी। परिवार के लोग बारात के स्वागत की तैयारियों में जुटे हुए थे।
इसके अलावा शादी के लिए जरूरी सामान भी घर पहुंच चुका था। हलवाई के लिए सामग्री मंगवा ली गई थी और मेहमानों के ठहरने की व्यवस्था भी कर दी गई थी। परिवार ने बेटी को दहेज में दिए जाने वाले सामान को भी पहले ही उसकी ससुराल भेज दिया था।
शादी से पहले आई निराशाजनक खबर
जैसे-जैसे शादी की तारीख करीब आती गई, परिवार की चिंता भी बढ़ती रही। सभी को उम्मीद थी कि शायद आखिरी समय तक राजीव किसी तरह भारत पहुंच जाएगा।
लेकिन 8 मार्च को राजीव ने फोन कर परिवार को बताया कि फिलहाल भारत लौटने की कोई संभावना नहीं है। उड़ानों की स्थिति सामान्य नहीं होने के कारण उसे टिकट नहीं मिल पा रही थी।
यह खबर सुनते ही परिवार के सामने कठिन स्थिति खड़ी हो गई। काफी विचार-विमर्श के बाद दोनों परिवारों ने शादी को फिलहाल स्थगित करने का फैसला किया।
दुल्हन को करना पड़ा इंतजार
जिस दिन घर में बारात आने वाली थी, उसी दिन शादी टलने की खबर ने सभी को भावुक कर दिया। दुल्हन पारुल, जिसने शादी के सपने सजाए थे, उसे अब कुछ समय और इंतजार करना पड़ेगा।
रिश्तेदार और मेहमान जो शादी में शामिल होने के लिए आए थे, उन्हें भी इस फैसले के बारे में बताया गया। सभी ने परिवार की स्थिति को समझते हुए उनका साथ दिया।
पिता ने बताई मजबूरी
पारुल के पिता जबर सिंह ने बताया कि उनकी होने वाले दामाद से लगातार फोन पर बात होती रही। उन्हें उम्मीद थी कि शायद शादी से एक-दो दिन पहले तक भी वह भारत पहुंच जाएगा।
लेकिन हालात ऐसे थे कि यह संभव नहीं हो पाया। जब यह साफ हो गया कि तय तारीख तक उसका आना मुश्किल है, तब शादी टालने का फैसला लेना पड़ा।
उन्होंने बताया कि शादी की सारी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थीं और घर में उत्सव का माहौल था। लेकिन परिस्थितियों के आगे परिवार को यह कठिन निर्णय लेना पड़ा।
इलाके में चर्चा का विषय बनी घटना
यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है। आसपास के लोग भी इस घटना के बारे में सुनकर हैरानी जता रहे हैं।
कई लोगों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का असर अब आम लोगों की जिंदगी पर भी पड़ने लगा है। एक तरफ जहां दुनिया के दूसरे हिस्से में तनाव चल रहा है, वहीं उसका असर यहां एक परिवार की खुशियों पर पड़ गया।
नई तारीख का इंतजार
दोनों परिवारों का कहना है कि जैसे ही हालात सामान्य होंगे और राजीव भारत आ पाएगा, तब शादी की नई तारीख तय की जाएगी।
फिलहाल परिवार इस बात की उम्मीद कर रहा है कि जल्द ही उड़ान सेवाएं सामान्य होंगी और दूल्हा सुरक्षित तरीके से भारत पहुंच जाएगा। उसके बाद दोनों परिवार मिलकर विवाह समारोह को फिर से आयोजित करेंगे।
अधूरी रह गई खुशियां
इस घटना ने यह दिखा दिया कि जिंदगी में कभी-कभी ऐसी परिस्थितियां भी आ जाती हैं जिन पर किसी का नियंत्रण नहीं होता। जिस घर में शादी की खुशियां मनाई जानी थीं, वहां फिलहाल इंतजार का माहौल है।
हालांकि परिवार के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही सब कुछ सामान्य होगा और वह दिन आएगा जब बारात सच में उनके दरवाजे पर पहुंचेगी। तब अधूरी रह गई शादी की रस्में पूरी होंगी और घर में फिर से खुशियों का माहौल लौट आएगा।



