
Rataul में ठेके के सेल्समैन से मारपीट, लूट के आरोप पर विवाद
Baghpat जनपद के रटौल क्षेत्र में देर रात शराब ठेके के एक सेल्समैन के साथ मारपीट और रुपये छीनने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पुलिस क्षेत्राधिकार को लेकर उलझी रही। पीड़ित ने जहां रुपये और मोबाइल लूटने का आरोप लगाया है, वहीं पुलिस की शुरुआती जांच में इसे केवल मारपीट की घटना बताया गया है। मामले को लेकर इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है।

जानकारी के अनुसार, सरफाबाद गांव निवासी अंकित अहैड़ा गांव स्थित अंग्रेजी शराब के ठेके पर सेल्समैन के तौर पर कार्यरत है। बृहस्पतिवार की रात वह रोज की तरह अपनी ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहा था। रात करीब दस बजे जब वह रटौल-सिंगौली तगा मार्ग पर एक कुटी के पास पहुंचा, तभी बाइक पर सवार तीन युवकों ने उसे रोक लिया। अंकित के मुताबिक, युवकों ने बिना किसी स्पष्ट कारण के उससे बहस शुरू कर दी, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।
पीड़ित का आरोप है कि तीनों युवकों ने उसे घेरकर पीटा और जेब में रखे 6700 रुपये तथा मोबाइल फोन छीन लिया। अंकित ने यह भी बताया कि आरोपियों ने उसे सड़क किनारे खेत की ओर खींचने की कोशिश की। इसी दौरान रटौल की दिशा से एक कार आती दिखाई दी, जिससे घबराकर तीनों युवक मौके से फरार हो गए। कार की हेडलाइट और आहट से हमलावरों को लगा कि कोई राहगीर रुक सकता है, इसलिए वे भाग निकले।
घटना के बाद अंकित किसी तरह घर पहुंचा और परिजनों को पूरी जानकारी दी। परिवार वालों ने तुरंत गांव के प्रधान को सूचना दी। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। जब पीड़ित पक्ष रटौल चौकी पहुंचा तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने प्रारंभिक तौर पर घटना स्थल को चांदीनगर थाना क्षेत्र का बताते हुए उन्हें वहां जाने की सलाह दी। परिजन और पीड़ित चांदीनगर थाना पहुंचे, जहां से जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि घटनास्थल वास्तव में रटौल चौकी क्षेत्र में आता है। इस तरह क्षेत्राधिकार को लेकर कुछ समय तक असमंजस की स्थिति बनी रही।
आखिरकार रटौल चौकी में तहरीर दी गई और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच अधिकारी भुरेंद्र चौहान ने बताया कि प्रारंभिक जांच में लूट की पुष्टि नहीं हुई है। उनके अनुसार, अब तक जो तथ्य सामने आए हैं, वे मारपीट की घटना की ओर इशारा करते हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ित के आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह वास्तव में लूट की वारदात थी या फिर किसी पुराने विवाद या कहासुनी के चलते हुई मारपीट। पुलिस दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की कोशिश की जा रही है। साथ ही, उस समय मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों की भी पहचान की जा रही है, ताकि किसी प्रत्यक्षदर्शी का बयान मिल सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय रटौल-सिंगौली तगा मार्ग अपेक्षाकृत सुनसान रहता है, जिससे ऐसी घटनाओं की आशंका बनी रहती है। कुछ ग्रामीणों ने पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय-समय पर पेट्रोलिंग होती रहे तो असामाजिक तत्वों के हौसले कम होंगे। वहीं, ठेके पर काम करने वाले अन्य कर्मचारियों में भी इस घटना के बाद डर का माहौल है।
अंकित के परिजनों का कहना है कि उनके बेटे के साथ अन्याय हुआ है और वे निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उनका दावा है कि यदि समय रहते कार वहां से न गुजरती, तो घटना और गंभीर हो सकती थी। परिवार ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट रूप से कहा जा सकेगा कि घटना लूट की थी या केवल मारपीट का मामला। यदि लूट के साक्ष्य मिलते हैं तो संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा, अन्यथा मारपीट और धमकी की धाराओं में कार्रवाई होगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्षेत्रीय सीमा विवाद के कारण कई बार शिकायत दर्ज कराने में देरी हो जाती है, जिससे पीड़ित को अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ती है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है और तथ्यों के आधार पर उचित कदम उठाए जाएंगे।
ग्रामीणों और पीड़ित परिवार की नजर अब पुलिस की जांच पर टिकी है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से ही साफ होगा कि यह वारदात किस रूप में दर्ज होगी और आरोपियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।



