
कैलाशपुर में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचंद्र सर्वदेव मंदिर का लोकार्पण हुआ
कैलाशपुर में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचंद्र सर्वदेव मंदिर का लोकार्पण हुआ
कैलाशपुर में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचंद्र सर्वदेव मंदिर का लोकार्पण हुआ
कोसली, ओमप्रकाश डाबला
बुधवार को कैलाशपुर में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचंद्र सर्वदेव मंदिर का लोकार्पण जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी ओमकारानंद सरस्वती महाराज ,सांसद व भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू,व पूर्व सांसद व तिजारा से विधायक बाबा बालक नाथ के द्वारा भव्य आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समारोह के साथ किया गया । कार्यक्रम के आयोजक डॉ टीसी राव,श्रीमती कमलेश राव,सुरेंद्र सिंह,नवनीत प्रताप सिंह,नवदीप प्रताप सिंह,सयाली भगत प्रताप सिंह,किन्नी नवदीप प्रताप सिंह,मदन कोसलिया व ओमप्रकाश डाबला ,रविन्द्र आशावादी,सुरेंद्र गुरावडा सहित सैकडो साधू संत ,सम्मानित जनप्रतिनिधि व हजारो की सँख्या में अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। यह भव्य मंदिर 11 महीनों में पूर्ण हुआ है। निर्माण कार्य में देश के शीर्ष ठेकेदारों की सेवाएं ली गईं, जिन्होंने उत्कृष्टता और परंपराओं का विशेष ध्यान रखा।
इस मंदिर का विशेष आकर्षण वियतनाम से आयातित पत्थरों से निर्मित देव प्रतिमाएं हैं, जिन्हें भारत के सबसे अनुभवी मूर्तिकारों द्वारा गढ़ा गया है। इस पवित्र मंदिर में भगवान श्री रामचंद्र, सीता माता, भगवान लक्ष्मण, भगवान श्री कृष्ण, राधा रानी, भगवान हनुमान, मां दुर्गा, मां लक्ष्मी, भगवान गणेश, भगवान शिव, माता शीतला, भगवान भैरव, भगवान शनि और श्री नवग्रह की भव्य प्रतिमाएं प्रतिष्ठापित की गई। इन सभी मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा भारत के प्रसिद्ध संतों द्वारा वैदिक विधि-विधान से संपन्न करवाया गया।
प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की शुरुआत सुबह 7 बजे हुई जो रात 10 बजे तक चली। इस भव्य आयोजन का समापन श्री कृष्ण रासलीला के साथ किया गया, जिसमें भगवान शिव और पार्वती के विवाह की दिव्य झांकी प्रस्तुत की गई।
जिसमे मुख्य आकर्षण: रेजांग ला के युद्ध का मंचन , बंजारा ग्रुप द्वारा रेजांग ला युद्ध का नाट्य मंचन इस समारोह का प्रमुख आकर्षण रहा। विजय भाटोतिया, सतबीर नाहडिया और डॉ. टी. सी. राव इस ऐतिहासिक मंचन को सफल बनाने के लिए कलाकारों के साथ दिन-रात कार्य किया।प्रसाद वितर चिड़ावा के प्रसिद्ध हलवाई द्वारा बनाए गए देशी घी के लड्डू सभी भक्तों को प्रसाद के रूप में वितरित किए गए तथा प्रत्येक अतिथि का शॉल या रंगीन चुनरी से सम्मान किया गया।मंदिर और भगवान श्री राम के चित्रों से सुसज्जित विशेष स्मृति चिन्ह अतिथियों को भेंट किए गए। ग्राम कैलाशपुर की गांव की समस्त बेटियों को विशेष रूप से आमंत्रित कर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर पुस्तक विमोचन एवं साहित्यिक प्रदर्शनी लगाई गई।जिसमे दो महत्वपूर्ण पुस्तकों का लोकार्पण हुआ “मर्यादा पुरूषोत्तम श्री रामचंद्र सर्वदेव मंदिर: कैलाशपुर की आत्मा और गौरव” “शिव की शरण में आध्यात्मिक शांति की खोज की ओर” साथ ही, डॉ. टी. सी. राव द्वारा लिखित 50 पुस्तकों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जो आगंतुकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण रही। वैदिक मंत्रोच्चारण एवं पूजन विध श्री सुरेंद्र धर द्विवेदी के नेतृत्व में 15 वेदपाठी विद्वानों द्वारा वैदिक रीति-रिवाज से प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान संपन्न किया गया।इस ऐतिहासिक आयोजन में 500 से अधिक गांवों के हजारों श्रद्धालु, संत, विद्वान और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। डॉ. टी. सी. राव एवं उनकी समर्पित टीम इस आयोजन की निर्बाध और भव्य सफलता सुनिश्चित करने में दिन-रात जुटी रही।
यह मंदिर लोकार्पण समारोह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध संस्कृति, भक्ति और परंपराओं का एक भव्य संगम भी रहा।

