
KMP पर बड़ा खुलासा—चावल की बोरियों में छिपाकर ले जाई जा रही हजारों पेटी शराब जब्त
हरियाणा के सोनीपत जिले में नगर निगम चुनाव के बीच अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता (सीएम फ्लाइंग) की टीम ने कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेस-वे पर छापेमारी करते हुए चावल की बोरियों के नीचे छिपाकर ले जाई जा रही भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब को बरामद किया है। इस कार्रवाई से तस्करों में हड़कंप मच गया है, वहीं संबंधित विभागों की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

यह मामला खरखौदा क्षेत्र का है, जहां पिपली टोल प्लाजा के सामने बनी पार्किंग में एक संदिग्ध ट्राला खड़ा मिला। गुप्त सूचना के आधार पर पहुंची टीम ने जब ट्राले की जांच की तो उसमें ऊपर से चावल के भूसे की बोरियां लदी हुई दिखाई दीं। पहली नजर में यह सामान्य माल ढुलाई जैसा लग रहा था, लेकिन शक होने पर अधिकारियों ने गहन जांच शुरू की।
जैसे ही बोरियों को हटाया गया, नीचे शराब की पेटियां नजर आने लगीं। जांच के दौरान करीब 1280 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद की गई, जो अलग-अलग ब्रांड की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि यह शराब चंडीगढ़ के लिए अधिकृत थी, लेकिन इसे गुप्त तरीके से कहीं और सप्लाई करने की योजना थी।
छापेमारी के दौरान ट्राला चालक मौके से फरार हो गया और अपना बैग भी वहीं छोड़ गया। इससे साफ संकेत मिलता है कि उसे कार्रवाई का अंदेशा हो गया था। फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में जुटी है और ट्राले के मालिक के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
अधिकारियों का मानना है कि नगर निगम चुनाव को देखते हुए इस शराब को अवैध रूप से बांटने की तैयारी की जा रही थी, ताकि मतदाताओं को प्रभावित किया जा सके। इसी वजह से इस तस्करी को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया जा रहा था।
कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग की टीम को मौके पर बुलाया गया, जिसने शराब को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है। हालांकि इतनी बड़ी मात्रा में शराब की तस्करी पकड़े जाने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि संबंधित विभाग पहले से सतर्क क्यों नहीं था।

सीएम फ्लाइंग टीम का कहना है कि यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई और आगे भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे। टीम अब इस पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी है, जिसमें तस्करी से जुड़े सभी लोगों की पहचान की जा रही है।
यह घटना दिखाती है कि तस्कर किस तरह नए-नए तरीके अपनाकर कानून को चकमा देने की कोशिश करते हैं। लेकिन प्रशासन की सतर्कता के कारण इस बार उनकी योजना नाकाम हो गई।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस तस्करी से जुड़े सभी आरोपी कानून के शिकंजे में होंगे। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि चुनाव के दौरान किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

