
ITI युवाओं के लिए बड़ी पहल: हर जिले में रोजगार मेले और डिजिटल पोर्टल की तैयारी
हरियाणा सरकार ने राज्य के आईटीआई पास युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए हैं कि आईटीआई से पास होने वाले प्रशिक्षुओं के लिए एक मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था तैयार की जाए, जिससे उन्हें आसानी से नौकरी और प्रशिक्षण के अवसर मिल सकें। इसके तहत राज्य के हर जिले में बड़े स्तर पर रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे और एक डिजिटल पोर्टल भी विकसित किया जाएगा।

यह निर्णय बुधवार को हरियाणा निवास में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान लिया गया, जिसमें युवा सशक्तीकरण एवं उद्यमिता विभाग की गतिविधियों का जायजा लिया गया। बैठक में राज्य मंत्री गौरव गौतम भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आईटीआई पास युवाओं का पूरा डाटा एकत्रित किया जाए और इसे एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जाए।
मुख्यमंत्री का कहना है कि इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य उद्योगों और प्रशिक्षित युवाओं के बीच सीधा संपर्क स्थापित करना है। जब कंपनियों को योग्य और प्रशिक्षित युवाओं की जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी, तो रोजगार के अवसर स्वतः बढ़ेंगे। इसके साथ ही युवाओं को भी अपने कौशल के अनुसार नौकरी ढूंढने में सहूलियत होगी।
सरकार की योजना के अनुसार, हर जिले में नियमित अंतराल पर रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए विभाग को एक वार्षिक कैलेंडर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि युवाओं को पहले से जानकारी मिल सके और वे इन मेलों में भाग लेकर नौकरी के अवसर हासिल कर सकें। इन रोजगार मेलों में विभिन्न औद्योगिक संस्थान, कंपनियां और नियोक्ता भाग लेंगे, जिससे युवाओं को सीधे इंटरव्यू देने और नौकरी पाने का मौका मिलेगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक के दौरान यह भी जोर दिया कि आईटीआई पास छात्रों की नियमित मॉनिटरिंग की जानी चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाए कि पास आउट होने के बाद उन्हें रोजगार मिला या नहीं। अगर किसी युवा को नौकरी नहीं मिल पाती है, तो उसके लिए वैकल्पिक अवसर और प्रशिक्षण उपलब्ध कराए जाएं। इसके अलावा, इंटर्नशिप करने वाले छात्रों का भी पूरा रिकॉर्ड रखा जाए, ताकि उनके अनुभव और प्रगति का आकलन किया जा सके।
उन्होंने नरेन्द्र मोदी की नई शिक्षा नीति के विजन का जिक्र करते हुए कहा कि आज के समय में केवल सैद्धांतिक शिक्षा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि छात्रों के पास व्यावहारिक कौशल होना भी जरूरी है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए आईटीआई संस्थानों को और अधिक मजबूत और आधुनिक बनाने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के सभी आईटीआई संस्थानों को चरणबद्ध तरीके से अपग्रेड किया जाए। जिन संस्थानों में मशीनरी पुरानी या खराब है, उन्हें नई तकनीक से लैस किया जाए, ताकि छात्रों को आधुनिक औद्योगिक जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण मिल सके। इसके साथ ही संस्थानों की बिल्डिंग, चारदीवारी और साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।
उन्होंने यह भी बताया कि हरियाणा में 10 नए आईएमटी (इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप) विकसित किए जा रहे हैं, जिनके शुरू होने के बाद कुशल श्रमिकों और तकनीकी रूप से प्रशिक्षित युवाओं की मांग तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में आईटीआई पास युवाओं के लिए यह एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है, बशर्ते उन्हें सही दिशा और मंच मिल सके।
बैठक में निजी आईटीआई संस्थानों के कामकाज की भी समीक्षा की गई। कुछ जगहों पर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिस पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राज्य मंत्री गौरव गौतम ने भी इस दौरान कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि आईटीआई संस्थानों में पढ़ाई के साथ-साथ खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इसके लिए एक अलग कैलेंडर जारी किया जाए, जिससे छात्रों का सर्वांगीण विकास हो सके। इसके अलावा, प्रशिक्षणार्थियों के लिए औद्योगिक संस्थानों के शैक्षणिक दौरे भी आयोजित किए जाएं, ताकि वे वास्तविक कार्यस्थल का अनुभव प्राप्त कर सकें।
सरकार की यह पहल न केवल युवाओं को रोजगार दिलाने में मदद करेगी, बल्कि राज्य के औद्योगिक विकास को भी गति देगी। जब उद्योगों को प्रशिक्षित और कुशल कार्यबल मिलेगा, तो उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।
कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार का यह कदम युवाओं के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। रोजगार मेलों, डिजिटल पोर्टल और आईटीआई संस्थानों के आधुनिकीकरण से न केवल बेरोजगारी कम होगी, बल्कि राज्य में स्किल डेवलपमेंट को भी नई दिशा मिलेगी।

