
Delhi Fire Update: सफदरजंग फ्लाईओवर के नीचे NDMC गोदाम में भयानक आग, दूर तक दिखीं लपटें; दमकल की 12–13 गाड़ियां तैनात
राजधानी दिल्ली के सफदरजंग एंक्लेव इलाके में शुक्रवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब सफदरजंग एंक्लेव फ्लाईओवर के नीचे स्थित एनडीएमसी (नई दिल्ली नगरपालिका परिषद) के एक गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि उसकी ऊंची लपटें और काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक नजर आने लगा। आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कुछ देर के लिए पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग ने तुरंत मोर्चा संभाला और आग बुझाने के लिए एक के बाद एक फायर टेंडर मौके पर भेजे गए। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
कैसे लगी आग, कब मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार, यह घटना दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सफदरजंग एंक्लेव थाना क्षेत्र की है। शुक्रवार शाम करीब छह बजे स्थानीय लोगों ने फ्लाईओवर के नीचे बने एनडीएमसी स्टोर से अचानक धुआं निकलते देखा। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया और लपटें तेजी से ऊपर उठने लगीं।
गोदाम में रखे सामान के जलने से आग और भी भड़क गई। फ्लाईओवर से गुजरने वाले वाहन चालकों ने जब आग की ऊंची लपटें देखीं तो कई लोग रुक गए, जिससे कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ।
दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई
आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम तुरंत हरकत में आ गई। दमकल अधिकारी सुमित ने बताया कि शुरुआत में छह फायर टेंडर मौके पर पहुंचे थे, लेकिन आग की गंभीरता को देखते हुए कुल 12 से 13 दमकल गाड़ियों को लगाया गया। दमकलकर्मी आग को चारों ओर से घेरकर बुझाने में जुट गए।
दमकल विभाग की टीम ने पानी के साथ-साथ फोम का इस्तेमाल कर आग पर काबू पाने की कोशिश की। फ्लाईओवर के नीचे संकरी जगह और गोदाम में रखे सामान के कारण आग बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन कई घंटे की मेहनत के बाद स्थिति को नियंत्रण में लाया गया।
पुलिस ने खाली कराया इलाका
दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि जैसे ही आग लगने की सूचना मिली, सरोजिनी नगर थाने की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए गोदाम के आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित दूरी पर भेजा और पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर लिया।
पुलिस की ओर से यह भी सुनिश्चित किया गया कि कोई व्यक्ति आग की चपेट में न आए। फ्लाईओवर के नीचे और आसपास मौजूद दुकानदारों व राहगीरों को हटाकर संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया।
प्राचीन शिव मंदिर के पास लगी आग
जिस स्थान पर आग लगी, वह एक प्राचीन शिव मंदिर के नजदीक स्थित है। इस वजह से स्थानीय श्रद्धालुओं और आसपास रहने वाले लोगों की चिंता और बढ़ गई थी। हालांकि पुलिस और दमकल विभाग की सतर्कता के चलते मंदिर को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि समय पर कार्रवाई नहीं होती तो आग आसपास के ढांचों तक फैल सकती थी।
कोई जनहानि नहीं, लेकिन नुकसान का आकलन जारी
दमकल अधिकारी सुमित ने स्पष्ट किया कि गोदाम के अंदर उस समय कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, इसलिए किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि आग में गोदाम में रखा काफी सामान जलकर खाक हो गया है। एनडीएमसी को नुकसान का पूरा ब्योरा सौंपा जाएगा।
फिलहाल कूलिंग ऑपरेशन जारी रखा गया ताकि आग दोबारा न भड़के। दमकलकर्मी देर रात तक मौके पर डटे रहे।
आग लगने के कारणों पर सस्पेंस
आग लगने के कारणों को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है। पुलिस और दमकल विभाग की संयुक्त टीम मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या गोदाम में मौजूद किसी ज्वलनशील सामग्री से आग लगने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण सामने आएगा।
एनडीएमसी अधिकारियों से भी गोदाम में रखे सामान और सुरक्षा इंतजामों की जानकारी मांगी गई है।
समय पर सूचना से टला बड़ा हादसा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एक जिम्मेदार नागरिक द्वारा समय पर दी गई सूचना के कारण बड़ा हादसा टल गया। अगर आग पर तुरंत काबू नहीं पाया जाता, तो यह फ्लाईओवर और आसपास के इलाकों के लिए गंभीर खतरा बन सकती थी।
स्थानीय लोगों ने भी माना कि दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले इलाके में इस तरह की घटनाएं बेहद खतरनाक हो सकती हैं और ऐसे स्थानों पर सुरक्षा मानकों की नियमित जांच जरूरी है।
धीरे-धीरे सामान्य हुआ माहौल
आग पर नियंत्रण के बाद इलाके में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो गई। पुलिस ने यातायात को सुचारू कराया और दमकल विभाग ने मौके पर निगरानी बनाए रखी। देर रात तक किसी नई घटना की सूचना नहीं मिली।
यह घटना एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में स्थित गोदामों और स्टोरेज एरिया की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद जरूरी कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
निष्कर्ष:
सफदरजंग एंक्लेव में लगी यह भीषण आग भले ही जनहानि के बिना टल गई, लेकिन इसने राजधानी में अग्नि सुरक्षा, सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया की अहमियत को उजागर कर दिया। समय पर सूचना और प्रशासन की मुस्तैदी ने एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया।



