
China Dor Deaths in Ludhiana: दो जानें गईं, गांवों में सख्ती; पतंगबाजी पर रोक, डोर बेचने वालों की अब खैर नहीं
लुधियाना: पंजाब के लुधियाना जिले में चाइनीज डोर ने एक बार फिर अपनी खतरनाक हकीकत दिखा दी है। बीते दिनों महिला और 15 वर्षीय किशोर की मौत के बाद पूरे इलाके में डर और आक्रोश का माहौल है। इन घटनाओं ने न सिर्फ आम लोगों को झकझोर दिया है, बल्कि अब पंचायतें और पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है।

हादसों ने बदला गांवों का रुख
चाइनीज डोर की चपेट में आकर जान गंवाने वाले तरनजोत सिंह और सरबजीत कौर की मौत के बाद ग्रामीण इलाकों में सख्त फैसले लिए जा रहे हैं। ऐतिहासिक गांव सुधार की पंचायत ने बड़ा कदम उठाते हुए पूरे गांव में पतंग उड़ाने पर ही प्रतिबंध लगा दिया है। पंचायत का मानना है कि जब तक जान की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक किसी भी तरह का जोखिम स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सामाजिक बहिष्कार तक का फैसला
मृतका सरबजीत कौर के ससुराल अकालगढ़ गांव की पंचायत ने भी कड़ा रुख अपनाया है। पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर चाइनीज डोर बेचने और इसका इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सामाजिक बहिष्कार करने का फैसला लिया है। साथ ही ऐसे लोगों को पुलिस तक पहुंचाने में सहयोग देने की बात भी कही गई है। नई आबादी अकालगढ़ सहित आसपास के अन्य गांवों में भी इसी तरह के प्रस्तावों पर विचार शुरू हो गया है।
पुलिस का ताबड़तोड़ अभियान
घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी दाखा वरिंदर सिंह खोसा के नेतृत्व में पुलिस ने विशेष अभियान शुरू किया है। थाना दाखा, जोधां और सुधार की पुलिस टीमों ने एक साथ कई जगहों पर छापेमारी कर अवैध चाइनीज डोर बेचने वालों को निशाने पर लिया है। इस कार्रवाई से डोर विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है।
बड़े विक्रेता की गिरफ्तारी
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान इलाके के बड़े पतंग और डोर विक्रेता “सुंदर पतंग एवं डोर हाउस” के मालिक सुरिंदर कुमार को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 60 से अधिक चरखड़ियां बरामद की गई हैं, जिनमें कई बेहद खतरनाक चाइनीज डोर की थीं। थाना प्रभारी गुरदीप सिंह के अनुसार, यह डोर आम लोगों की जान के लिए सीधा खतरा साबित हो सकती थी।
कैसे गईं दो जानें
रविवार को मुल्लांपुर शहर की रायकोट रोड पर सरबजीत कौर चाइनीज डोर की चपेट में आ गईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इससे पहले 24 जनवरी को स्कूल से घर लौट रहे 15 वर्षीय तरनजोत सिंह का गला चाइनीज डोर से कट गया था। इलाज के दौरान उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया, जबकि उसके साथ मौजूद दोस्त घायल हो गया।
कानूनी सख्ती की मांग तेज
इन दर्दनाक घटनाओं के बाद लोगों में जबरदस्त नाराजगी है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों की मांग है कि चाइनीज डोर बेचने और इस्तेमाल करने वालों पर हत्या या हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए जाएं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने चाइनीज डोर पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया था, लेकिन इसके बावजूद यह अवैध रूप से बाजार में बिकती रही।
अब नहीं होगी लापरवाही
पुलिस और पंचायतों का कहना है कि इस बार किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। आने वाले दिनों में अभियान और तेज किया जाएगा, ताकि चाइनीज डोर के अवैध कारोबार को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
लगातार हो रही मौतों ने यह साफ कर दिया है कि चाइनीज डोर सिर्फ एक खेल का साधन नहीं, बल्कि एक जानलेवा खतरा बन चुकी है—और अब इसके खिलाफ निर्णायक लड़ाई शुरू हो चुकी है।


