
टिकट जांच में सख्ती: अंबाला मंडल में एक दिन में 267 यात्री पकड़े, 1.36 लाख रुपये वसूले
अंबाला। उत्तर रेलवे के अंबाला मंडल में शुक्रवार, 25 अप्रैल को चलाया गया विशेष टिकट जांच अभियान चर्चा का विषय बन गया। रेलवे के वाणिज्य विभाग द्वारा की गई इस बड़ी कार्रवाई में बिना टिकट और नियमों का उल्लंघन कर यात्रा करने वाले यात्रियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। पूरे दिन चले इस अभियान में कुल 267 मामलों में कार्रवाई करते हुए 1,36,105 रुपये का जुर्माना वसूला गया। इस अभियान ने साफ कर दिया कि रेलवे अब नियमों को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।

इस विशेष अभियान का नेतृत्व सहायक वाणिज्य प्रबंधक ने किया। उनके निर्देशन में टिकट चेकिंग स्टाफ की कई टीमें बनाई गईं, जिन्हें अलग-अलग रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में तैनात किया गया। इन टीमों ने सुबह से लेकर देर शाम तक लगातार जांच अभियान चलाया और यात्रियों के टिकटों की बारीकी से जांच की। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान पहले से योजना बनाकर चलाया गया था ताकि ज्यादा से ज्यादा मामलों को पकड़ा जा सके।
अभियान के दौरान अंबाला छावनी, सहारनपुर, यमुनानगर-जगाधरी और लालड़ू जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर विशेष फोकस रखा गया। इन स्टेशनों को इसलिए चुना गया क्योंकि यहां से बड़ी संख्या में यात्री रोजाना यात्रा करते हैं। स्टेशन परिसर में प्रवेश करने वाले यात्रियों की जांच के साथ-साथ प्लेटफॉर्म पर भी टिकट चेकिंग की गई। बिना प्लेटफॉर्म टिकट के अंदर आने वालों को भी नहीं छोड़ा गया।
इसके अलावा, रेलवे की टीमें ट्रेनों के अंदर भी सक्रिय रहीं। विभिन्न रूटों पर चलने वाली पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों में टिकट निरीक्षकों ने अचानक जांच की। कई यात्री बिना टिकट यात्रा करते हुए पकड़े गए, जबकि कुछ यात्री गलत श्रेणी में सफर करते मिले। ऐसे सभी यात्रियों पर नियमानुसार जुर्माना लगाया गया।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभियान का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं है, बल्कि यात्रियों को नियमों के प्रति जागरूक करना भी है। बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्री न सिर्फ कानून का उल्लंघन करते हैं, बल्कि इससे ईमानदारी से टिकट खरीदने वाले यात्रियों को भी परेशानी होती है। कई बार भीड़ बढ़ने के कारण सीटों की उपलब्धता प्रभावित होती है और यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है।
इस अभियान में दर्ज किए गए 267 मामलों में अलग-अलग तरह के उल्लंघन शामिल थे। इनमें बिना टिकट यात्रा करना, गलत क्लास में सफर करना, टिकट की अवधि समाप्त होने के बावजूद यात्रा करना और प्लेटफॉर्म टिकट के बिना स्टेशन में प्रवेश करना शामिल है। सभी मामलों में यात्रियों से मौके पर ही जुर्माना वसूला गया। कुल मिलाकर 1,36,105 रुपये का राजस्व रेलवे को प्राप्त हुआ।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक यशनजीत सिंह ने बताया कि रेलवे यात्रियों को बेहतर सेवा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे विशेष अभियान आगे भी जारी रहेंगे, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो यात्री नियमों का पालन करते हैं, उनके हितों की रक्षा करना रेलवे की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे हमेशा वैध टिकट लेकर ही यात्रा करें और प्लेटफॉर्म पर प्रवेश करने से पहले प्लेटफॉर्म टिकट अवश्य लें। इससे न केवल वे जुर्माने से बचेंगे, बल्कि यात्रा भी अधिक सुविधाजनक होगी।
रेलवे ने इस मौके पर डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देने की भी पहल की। अधिकारियों ने यात्रियों को ‘रेल वन’ ऐप के माध्यम से टिकट बुक करने की सलाह दी। इस ऐप के जरिए यात्री आसानी से अपने मोबाइल फोन से टिकट खरीद सकते हैं, जिससे लंबी लाइनों में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ती। डिजिटल टिकटिंग से समय की बचत होती है और प्रक्रिया भी पारदर्शी रहती है।
रेलवे का मानना है कि डिजिटल माध्यम अपनाने से टिकटिंग सिस्टम अधिक व्यवस्थित होगा और बिना टिकट यात्रा की घटनाओं में कमी आएगी। इसके साथ ही, यात्रियों को कई तरह की सुविधाएं और ऑफर भी मिल सकते हैं, जिससे उनका यात्रा अनुभव बेहतर होगा।
अभियान के दौरान कई यात्रियों ने मौके पर ही अपनी गलती स्वीकार की और जुर्माना भरकर आगे की यात्रा जारी रखी। वहीं, कुछ यात्रियों ने यह भी कहा कि उन्हें नियमों की पूरी जानकारी नहीं थी। इस पर अधिकारियों ने उन्हें नियमों के बारे में जागरूक किया और भविष्य में ऐसा न करने की सलाह दी।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि इस तरह के अभियान से न केवल राजस्व में वृद्धि होती है, बल्कि सिस्टम में अनुशासन भी आता है। जब यात्रियों को यह पता होता है कि किसी भी समय जांच हो सकती है, तो वे नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित होते हैं।
अंबाला मंडल में चलाया गया यह अभियान रेलवे की सख्ती और प्रतिबद्धता का स्पष्ट संकेत है। आने वाले समय में ऐसे और अभियान चलाए जाने की योजना है, जिससे बिना टिकट यात्रा पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।
अंत में, रेलवे ने सभी यात्रियों से सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि यदि यात्री नियमों का पालन करेंगे, तो यात्रा अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और व्यवस्थित होगी। उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को दंडित करना नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर सेवा देना है।
इस कार्रवाई ने यह संदेश दे दिया है कि रेलवे नियमों के पालन को लेकर गंभीर है और किसी भी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। यात्रियों के हित में उठाया गया यह कदम निश्चित रूप से रेलवे व्यवस्था को और मजबूत बनाने में सहायक साबित होगा।

