
काशी में फिर विकास की सौगात की तैयारी, पीएम मोदी के संभावित दौरे से तेज हुई हलचल
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक बार फिर से हलचल तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संभावित दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां जोर पकड़ चुकी हैं। चर्चा है कि प्रधानमंत्री 27 अप्रैल की शाम अपने संसदीय क्षेत्र काशी पहुंच सकते हैं और दो दिन के प्रवास के दौरान कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।

हालांकि, इस दौरे को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी रफ्तार से चल रही हैं। विभिन्न विभागों के अधिकारी लगातार बैठकों में व्यस्त हैं और परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जा रही है, ताकि प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान किसी तरह की कमी न रह जाए।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री 28 अप्रैल को शहर में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में हिस्सा ले सकते हैं। इस दौरान वे कई तैयार परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और नई योजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इसके साथ ही एक जनसभा को भी संबोधित करने की संभावना जताई जा रही है, जिसमें वे देश के साथ-साथ राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी बात रख सकते हैं।
इसी कड़ी में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की टीम भी सक्रिय हो गई है। हाल ही में एक ऑनलाइन बैठक के जरिए काशी में चल रही विकास परियोजनाओं की स्थिति का जायजा लिया गया। इस बैठक में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी बैठकें होंगी, जिनमें हर परियोजना की स्थिति का बारीकी से मूल्यांकन किया जाएगा।
इस बार पीएमओ की टीम खासतौर पर सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है। स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, पेयजल और सीवरेज जैसी सुविधाओं की समीक्षा की जा रही है। इन क्षेत्रों में चल रही परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उन्हें प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान जनता को समर्पित किया जा सके।
जानकारी के अनुसार, इस दौरे के दौरान करीब 3000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया जा सकता है। वाराणसी में इस समय 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 100 से ज्यादा परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें से कई परियोजनाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं और उनके उद्घाटन का इंतजार किया जा रहा है।
लोकार्पण के लिए जिन परियोजनाओं के नाम सामने आ रहे हैं, उनमें कज्जाकपुरा रेलवे ओवर ब्रिज प्रमुख है, जो लंबे समय से निर्माणाधीन था और अब तैयार हो चुका है। इसके अलावा कादीपुर में रेलवे ओवर ब्रिज, चंद्रावती क्षेत्र में विकास कार्य, यूपी कॉलेज में आधुनिक एस्ट्रो टर्फ मैदान, भगवानपुर में 55 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और काली मंदिर पांडेयपुर से आजमगढ़ तक सड़क चौड़ीकरण जैसी परियोजनाएं भी शामिल हो सकती हैं।
इसके अलावा काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में क्रिटिकल केयर यूनिट (CCU) और रामनगर क्षेत्र में वृद्धाश्रम जैसी परियोजनाओं के लोकार्पण की भी संभावना है। ये परियोजनाएं सीधे तौर पर आम जनता की जरूरतों से जुड़ी हैं और इनके शुरू होने से लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
वहीं, जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया जा सकता है, उनमें नगर निगम का नया भवन प्रमुख है, जिसकी लागत लगभग 97 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा लोहता में 60 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, 18 वार्डों में सीवर और पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने वाली परियोजनाएं, राजघाट पुल और रेलवे लाइन जैसी बड़ी योजनाएं भी शामिल हो सकती हैं।
इसके साथ ही कबीरचौरा क्षेत्र में एक मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण की योजना पर भी मुहर लग सकती है। यह अस्पताल क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री का यह दौरा केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल में चल रहे चुनावी माहौल के बीच काशी से दिया गया उनका संबोधन राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण हो सकता है। माना जा रहा है कि वे अपने भाषण के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा संदेश देने की कोशिश कर सकते हैं।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को भी लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। पुलिस और अन्य एजेंसियां संभावित कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण कर रही हैं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। इसके अलावा ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भी विस्तृत योजना बनाई जा रही है।
स्थानीय नागरिकों में प्रधानमंत्री के इस संभावित दौरे को लेकर उत्साह साफ नजर आ रहा है। लोगों को उम्मीद है कि इस बार भी काशी को विकास की नई सौगात मिलेगी और शहर के बुनियादी ढांचे को और मजबूत किया जाएगा।
कुल मिलाकर, वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संभावित दौरे को लेकर तैयारियां अपने चरम पर हैं। अब सभी को आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, जिसके बाद यह साफ हो जाएगा कि इस दौरे के दौरान काशी को कौन-कौन सी नई सौगातें मिलने वाली हैं।



