
रेवाड़ी में बंद दुकान पर कब्जे की साजिश नाकाम: दीवार तोड़कर 9 लाख का माल चोरी, आरोपी बॉबी राव गिरफ्तार
हरियाणा के रेवाड़ी शहर के ब्रह्मगढ़ इलाके में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने न केवल स्थानीय लोगों को चौंका दिया, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक बंद पड़ी दुकान को निशाना बनाकर आरोपी ने दीवार तोड़ी, लाखों रुपये का सामान चोरी किया और फिर उस पर कब्जा जमाने की कोशिश भी की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले के मुख्य आरोपी प्रवीण उर्फ बॉबी राव को गिरफ्तार कर लिया है।

लंबे समय से बंद थी दुकान, बना आसान निशाना
जानकारी के अनुसार, ब्रह्मगढ़ स्थित यह दुकान वर्ष 1986 से एक ही मालिक के कब्जे में थी। बाद में, वर्ष 2017 में दुकान के मालिक की तबीयत खराब हो गई, जिसके चलते उन्होंने दुकान को रोशनलाल नामक व्यक्ति को किराए पर दे दिया। रोशनलाल पिछले कई वर्षों से यहां व्यापार कर रहे थे और इलाके में उनकी अच्छी पहचान थी।
लेकिन करीब दो महीने पहले उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें रोहतक के पीजीआई अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 17 मार्च 2026 को उनका निधन हो गया। उनके निधन के बाद दुकान पूरी तरह से बंद हो गई और यही स्थिति आरोपी के लिए मौका बन गई।
सुनियोजित तरीके से रची गई वारदात
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी बॉबी राव ने इस पूरी वारदात को पहले से प्लान किया था। उसने दुकान के पीछे स्थित एक खाली प्लॉट की ओर से दीवार तुड़वाकर अंदर प्रवेश किया।
दुकान के भीतर घुसने के बाद आरोपी ने वहां रखा कीमती सामान, जिसकी कीमत करीब 9 लाख रुपये आंकी जा रही है, को चोरी कर लिया। इसके बाद उसने सामने की ओर एक नई दीवार खड़ी कर दी, ताकि यह दिखाया जा सके कि दुकान पर उसका अधिकार है।
यह तरीका यह दर्शाता है कि आरोपी की मंशा केवल चोरी तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह इस संपत्ति पर स्थायी कब्जा जमाना चाहता था।
शक ने खोला राज
इस पूरी घटना का खुलासा 29 मार्च को हुआ, जब रोशनलाल के परिजन दुकान पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि दुकान के सामने एक नई दीवार खड़ी कर दी गई है, जो पहले वहां नहीं थी। यह देखकर उन्हें तुरंत शक हुआ।
जब उन्होंने किसी तरह अंदर जाकर स्थिति देखी, तो पाया कि दुकान का सारा सामान गायब है। यह देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी और मामला दर्ज कराया।
पुलिस की तेज कार्रवाई से आरोपी गिरफ्तार
मामले की सूचना मिलते ही मॉडल टाउन थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और स्थानीय सूत्रों से जानकारी जुटाई। जांच के दौरान आरोपी की पहचान प्रवीण उर्फ बॉबी राव के रूप में हुई।
पुलिस ने तेजी दिखाते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है, ताकि चोरी किए गए सामान की बरामदगी की जा सके और इस मामले में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान हो सके।
विवादित छवि वाला है आरोपी
पुलिस के अनुसार, बॉबी राव पहले भी कई मामलों में चर्चा में रह चुका है। इलाके में उसकी छवि एक दबंग व्यक्ति की रही है। उसके खिलाफ महिला से छेड़छाड़ का मामला भी दर्ज बताया जा रहा है।
बताया जाता है कि वह खुद को प्रभावशाली लोगों का करीबी बताकर लोगों पर दबाव बनाने की कोशिश करता था। यही कारण है कि कई लोग उसके खिलाफ खुलकर बोलने से डरते थे।
कब्जे की मंशा ने बढ़ाई चिंता
इस मामले में सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि आरोपी ने केवल चोरी ही नहीं की, बल्कि दुकान पर कब्जा करने की भी कोशिश की। जिस तरह से उसने दीवार तोड़ी और फिर सामने नई दीवार खड़ी की, वह इस बात का साफ संकेत है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी।
यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि खाली पड़ी संपत्तियां किस तरह अपराधियों के निशाने पर रहती हैं।
स्थानीय लोगों में डर और नाराजगी
घटना के बाद इलाके के लोगों में डर और नाराजगी दोनों देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि अगर इस तरह की घटनाएं बढ़ती रहीं, तो किसी की भी संपत्ति सुरक्षित नहीं रहेगी।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
पुलिस कर रही गहन जांच
सेक्टर-3 चौकी प्रभारी एसआई राकेश ने बताया कि आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि चोरी किया गया सामान कहां छिपाया गया है और क्या इस पूरे मामले में अन्य लोग भी शामिल थे।
इसके अलावा, यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी को दुकान के बंद होने की जानकारी कैसे मिली और उसने इस योजना को कब और कैसे अंजाम दिया।
सतर्कता की जरूरत
यह घटना एक बड़ी सीख भी देती है कि अगर कोई संपत्ति लंबे समय तक बंद रहने वाली हो, तो उसकी सुरक्षा के लिए उचित इंतजाम करना जरूरी है। समय-समय पर उसकी निगरानी करना, सीसीटीवी कैमरे लगाना और आसपास के लोगों को सतर्क रखना ऐसे मामलों को रोकने में मदद कर सकता है।
निष्कर्ष:
रेवाड़ी के ब्रह्मगढ़ इलाके में हुई यह घटना केवल एक चोरी नहीं, बल्कि एक सुनियोजित कब्जे की साजिश का उदाहरण है। पुलिस की तत्परता से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि सतर्कता और सुरक्षा के बिना किसी भी संपत्ति को सुरक्षित रखना मुश्किल हो सकता है। अब देखना यह होगा कि जांच में और क्या खुलासे होते हैं और आरोपी को किस प्रकार की सजा मिलती है।

