
नवजात बच्चों की तस्करी का पर्दाफाश: चार और आरोपी गिरफ्तार, नेटवर्क फैलने के मिले संकेत
बहादुरगढ़ में नवजात बच्चों की तस्करी से जुड़े मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद इस संगठित गिरोह के नेटवर्क को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस पहले ही इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी, और अब यह जांच और गहराई तक पहुंचती नजर आ रही है।

पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के नेतृत्व में और पुलिस उपायुक्त मयंक मिश्रा के निर्देशन में यह अभियान चलाया जा रहा है। अपराध शाखा और थाना शहर बहादुरगढ़ की टीमों ने मिलकर यह संयुक्त कार्रवाई की है। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था और इसके तार कई राज्यों से जुड़े हो सकते हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में संदीप पवार (बल्लभगढ़), रुद्रा प्रताप सिंह (रायपुर), विजय (ग्रेटर नोएडा वेस्ट) और मोहन पांचाल उर्फ मोनू (शाहदरा/गाजियाबाद) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार ये सभी आरोपी पहले से गिरफ्तार गिरोह के सदस्यों के संपर्क में थे और बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह नवजात बच्चों को बेचने के लिए एक मजबूत सप्लाई चेन तैयार कर चुका था। कुछ आरोपी बच्चों की व्यवस्था करते थे, जबकि अन्य ग्राहक ढूंढने और सौदे को अंजाम देने का काम करते थे। खास बात यह है कि ये लोग सोशल मीडिया के जरिए निसंतान दंपतियों को निशाना बनाते थे।
पुलिस ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर इन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चारों को अदालत में पेश कर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। इस दौरान उनसे गहन पूछताछ की जा रही है, जिससे गिरोह के बाकी सदस्यों और मुख्य सरगना तक पहुंच बनाई जा सके।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में कई अहम सुराग मिले हैं और अलग-अलग राज्यों में छापेमारी भी की जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा और बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा

