
मुलाना मंडी में गेहूं की दस्तक तेज, तीन दिनों में 10 हजार क्विंटल पार आवक
हरियाणा के मुलाना स्थित अनाज मंडी में इन दिनों रबी सीजन की हलचल अपने चरम पर है। खेतों से कटकर आ रही गेहूं की फसल अब तेजी से मंडियों की ओर रुख कर रही है। इसी क्रम में खरीद प्रक्रिया के तीसरे दिन मंडी में 7540 क्विंटल गेहूं की आवक दर्ज की गई, जिसने मंडी के माहौल को पूरी तरह सक्रिय और जीवंत बना दिया है। किसानों की आवाजाही, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतारें और तौल केंद्रों पर बढ़ती चहल-पहल इस बात का संकेत दे रही है कि इस बार गेहूं सीजन जोरदार रहने वाला है।

यदि शुरुआत के तीन दिनों का आंकड़ा देखा जाए, तो अब तक कुल 10526 क्विंटल गेहूं मंडी में पहुंच चुका है। यह मात्रा न केवल किसानों की तत्परता को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि इस बार उत्पादन बेहतर हुआ है। मौसम की अनुकूल परिस्थितियों और समय पर सिंचाई के कारण किसानों को अच्छी पैदावार मिली है, जिसका असर अब मंडी में साफ नजर आ रहा है।
सरकारी खरीद एजेंसियां भी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभा रही हैं। वेयरहाउस एजेंसी द्वारा अब तक 2699 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे आवक बढ़ेगी, खरीद का आंकड़ा भी तेजी से ऊपर जाएगा। मंडी में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए खरीद प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया गया है।
इस बार मंडी में तकनीक का भी बेहतर उपयोग देखने को मिल रहा है। मार्केट कमेटी के सहायक सचिव मांगाराम ने जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को गेट पास जारी करने के लिए बायोमैट्रिक प्रणाली लागू की गई है। इस नई व्यवस्था से न केवल फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी, बल्कि किसानों की पहचान और उनकी फसल का रिकॉर्ड भी सटीक रूप से दर्ज किया जा सकेगा। इससे पूरी खरीद प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बन रही है।
हालांकि, मंडी प्रशासन ने गुणवत्ता को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप गेहूं की ही खरीद की जाएगी। खासतौर पर नमी की मात्रा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जा रहा है। जिन किसानों की फसल में नमी अधिक पाई जा रही है, उन्हें सलाह दी जा रही है कि वे अपनी फसल को अच्छी तरह सुखाकर ही मंडी में लाएं। इससे उन्हें बेहतर मूल्य मिलेगा और खरीद प्रक्रिया में भी तेजी आएगी।
मंडी में पहुंच रहे किसानों का कहना है कि इस बार व्यवस्थाएं पहले की तुलना में बेहतर हैं। बायोमैट्रिक सिस्टम के कारण उन्हें बार-बार कागजी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ रहा और गेट पास भी जल्दी मिल रहा है। हालांकि, कुछ किसानों ने यह भी सुझाव दिया कि तौल केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि लंबी कतारों से बचा जा सके और समय की बचत हो।
जैसे-जैसे मंडी में आवक बढ़ रही है, वैसे-वैसे व्यवस्थाओं पर दबाव भी बढ़ रहा है। इसे देखते हुए प्रशासन ने कई जरूरी इंतजाम किए हैं। मंडी परिसर में सफाई व्यवस्था को मजबूत किया गया है, पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई गई है और किसानों के लिए छाया की व्यवस्था भी की गई है। इसके अलावा, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रबंधन किया गया है, ताकि जाम की स्थिति न बने।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम अनुकूल बना रहा और बारिश जैसी कोई बाधा नहीं आई, तो आने वाले दिनों में गेहूं की आवक और बढ़ सकती है। इससे न केवल किसानों को आर्थिक लाभ होगा, बल्कि सरकारी भंडार भी मजबूत होंगे। सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद किए जाने से किसानों को उनकी फसल का उचित दाम मिल रहा है, जिससे उनमें संतोष का भाव है।
भुगतान प्रक्रिया को लेकर भी प्रशासन सजग है। अधिकारियों का कहना है कि किसानों के खातों में समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। डिजिटल माध्यम से भुगतान होने के कारण पारदर्शिता बनी रहती है और किसी भी प्रकार की देरी या गड़बड़ी की संभावना कम हो जाती है।
मंडी में इस समय जो माहौल है, वह एक सकारात्मक संकेत दे रहा है। किसान अपनी फसल लेकर उत्साह के साथ आ रहे हैं और प्रशासन भी उनकी सुविधाओं का पूरा ध्यान रख रहा है। दोनों के बीच बेहतर तालमेल से खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ रही है।
कुल मिलाकर, मुलाना अनाज मंडी में गेहूं की आवक और खरीद का मौजूदा परिदृश्य संतोषजनक कहा जा सकता है। शुरुआती आंकड़े ही इस बात का संकेत दे रहे हैं कि इस बार का सीजन किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। यदि व्यवस्थाएं इसी तरह बनी रहीं और खरीद प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं आई, तो आने वाले दिनों में यह मंडी प्रदेश की प्रमुख खरीद केंद्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकती है।
इस तरह, गेहूं की बढ़ती आवक और बेहतर प्रबंधन ने मुलाना मंडी को इस समय कृषि गतिविधियों का केंद्र बना दिया है, जहां हर दिन नई उम्मीदों और संभावनाओं के साथ किसान अपनी मेहनत का फल बेचने के लिए पहुंच रहे हैं।

