
सैर के दौरान मौत का मंजर, हिसार में तेज रफ्तार कार ने 12वीं की छात्रा की ली जान
हिसार जिले के बरवाला क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 18 वर्षीय छात्रा की मौत हो गई। 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली शकीना अपने परिवार के साथ सैर करने निकली थी, लेकिन तेज रफ्तार कार की टक्कर ने उसकी जिंदगी हमेशा के लिए खत्म कर दी।

घटना रविवार शाम की बताई जा रही है। शकीना अपने परिवार के पांच सदस्यों के साथ घर के पास ही टहलने के लिए निकली थी। सभी लोग सड़क किनारे आराम से चल रहे थे। तभी अचानक पीछे से तेज गति से आ रही एक कार ने उसे टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि शकीना हवा में उछलकर सड़क पर जा गिरी और गंभीर रूप से घायल हो गई। परिवार के अन्य सदस्य इस हादसे से घबरा गए और किसी तरह खुद को बचाने के लिए सड़क किनारे हट गए।
घटना के तुरंत बाद परिजन घायल शकीना को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह खबर सुनते ही परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अस्पताल परिसर में हर तरफ मातम का माहौल बन गया।
पुलिस को घटना की सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपी वाहन चालक का पता लगाया जा सके।
मृतक के पिता रामफल ने बताया कि उनकी बेटी ने हाल ही में 12वीं की परीक्षा दी थी और आगे की पढ़ाई की तैयारी कर रही थी। वह अपने परिवार की उम्मीदों का केंद्र थी, लेकिन एक लापरवाह चालक ने उनकी सारी खुशियां छीन लीं।
परिजनों ने बताया कि हादसे के समय कार चालक ने गाड़ी की गति पर कोई नियंत्रण नहीं रखा था। यही वजह रही कि यह हादसा इतना गंभीर हो गया। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उसे कड़ी सजा दी जाए।
पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। जल्द ही आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सड़क पर चलते समय सावधानी बरतें और वाहन चालक भी यातायात नियमों का पालन करें।
यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण हर साल हजारों लोग अपनी जान गंवा देते हैं। इसके बावजूद लोग नियमों की अनदेखी करते रहते हैं।
इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक होनहार छात्रा की असमय मौत ने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर कब तक सड़क हादसे इस तरह लोगों की जिंदगियां उजाड़ते रहेंगे।

