
मन की बात में गूंजी यमुनानगर के छात्र की सोच, पीएम मोदी ने किया जिक्र
यमुनानगर के एक छात्र की सोच और लेखन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। बीकॉम अंतिम वर्ष के छात्र प्रथम बराड़ का नाम उस समय चर्चा में आ गया, जब प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपने कार्यक्रम Mann Ki Baat में उनके निबंध का जिक्र किया।

यह निबंध पर्यावरण संरक्षण विषय पर आधारित था, जिसमें प्रथम ने “ग्रीन और क्लीन भारत ही समृद्ध भारत का मार्ग है” जैसी प्रभावशाली पंक्ति लिखी थी। प्रधानमंत्री ने इस विचार की सराहना करते हुए कहा कि यह एक युवा की गहरी और सकारात्मक सोच को दर्शाता है।
प्रथम बराड़ यमुनानगर के प्रताप नगर क्षेत्र के निवासी हैं और एमएलएन कॉलेज में बीकॉम अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने फरवरी में माय भारत पोर्टल पर आयोजित ऑनलाइन निबंध प्रतियोगिता में भाग लिया था।
इस प्रतियोगिता में उन्होंने लगभग 620 शब्दों का अंग्रेजी में निबंध लिखा, जिसमें पर्यावरण संतुलन और सतत विकास पर विशेष जोर दिया गया था। उन्होंने अपने लेख में बताया कि कैसे स्वच्छता, नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु योजनाएं भारत को विकसित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
प्रथम के अनुसार, देश के विकास के लिए केवल आर्थिक प्रगति ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने अपने निबंध में यह भी उल्लेख किया कि सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों और हरित उद्योगों को बढ़ावा देने से प्रदूषण कम किया जा सकता है और रोजगार के अवसर भी बढ़ाए जा सकते हैं।
उनकी इस उपलब्धि पर हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कुरुक्षेत्र में एक कार्यक्रम के दौरान प्रथम बराड़ का जिक्र करते हुए कहा कि यह पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है कि एक छात्र की सोच को प्रधानमंत्री ने सराहा है।
प्रथम बराड़ के परिवार ने बताया कि उन्होंने बचपन से ही कठिन परिस्थितियों का सामना किया है। 10 वर्ष की उम्र में उनकी बाईपास सर्जरी हुई थी, लेकिन उन्होंने कभी अपने हौसले को कमजोर नहीं होने दिया।
उन्होंने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभाई। कॉलेज में एनएसएस ज्वाइन कर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई अभियानों में हिस्सा लिया।
प्रथम को पर्यावरण के प्रति जागरूकता की प्रेरणा 11वीं कक्षा के दौरान एक समर कैंप से मिली थी, जहां उन्हें विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में बताया गया था।
उनका मानना है कि यदि हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझे और छोटे-छोटे कदम उठाए, तो देश को स्वच्छ और हरित बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं की भागीदारी से ही सतत विकास का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
आज प्रथम बराड़ की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह देश के युवाओं के लिए भी एक प्रेरणा है कि अगर सोच सकारात्मक हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी मंच दूर नहीं होता।

