
जेल प्रशासन पर गिरी गाज—रेवाड़ी फरारी कांड में 7 स्टाफ सस्पेंड, जांच जारी
रेवाड़ी जिला जेल से दो कैदियों के फरार होने की घटना ने पूरे हरियाणा में सनसनी फैला दी है। इस मामले में डीजी जेल आलोक मित्तल ने सख्त कदम उठाते हुए सात जेल कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसमें कर्मचारियों की गंभीर लापरवाही सामने आई है।

बताया जा रहा है कि फरारी की यह घटना शुक्रवार को हुई थी। दो हवालाती बंदी जेल से भाग निकले थे, जिससे जेल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की गई।
जांच में पाया गया कि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया। इसी का फायदा उठाकर दोनों कैदी जेल से निकलने में सफल हो गए। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए पांच हेड वार्डर और दो वार्डर को सस्पेंड कर दिया गया।
हालांकि, राहत की बात यह रही कि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों फरार कैदियों को 24 घंटे के भीतर पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान फैजान और जाहिद के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। दोनों ऑनलाइन ठगी के मामलों में जेल में बंद थे।
सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। उनके खिलाफ भी जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डीजी जेल ने सभी जेल अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपनी जिम्मेदारियों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि जेल सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस घटना के बाद जेल विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, गार्ड्स की तैनाती और नियमित निरीक्षण को और सख्त किया जा रहा है।
प्रशासन का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

