
गोरखपुर रंगदारी कांड: अंशिका गैंग का एक और सदस्य गिरफ्तार, फायरिंग मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
गोरखपुर में रंगदारी और फायरिंग के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने एक और अहम सफलता हासिल करते हुए मुख्य आरोपी अंशिका सिंह के एक और साथी को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही इस पूरे मामले में शामिल लगभग सभी आरोपियों को पुलिस ने कानून के शिकंजे में ले लिया है। हालांकि, इस घटना ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था और अपराधियों के बढ़ते हौसले पर कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं।

यह मामला 20 जनवरी का है, जब सिंघड़ियां मॉडल शॉप के पास एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया था। जानकारी के अनुसार, हॉस्पिटल मैनेजर विशाल मिश्रा से अंशिका सिंह ने रंगदारी की मांग की थी। जब विशाल ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो अंशिका ने अपने साथियों के साथ मिलकर उन पर जानलेवा हमला कर दिया। इस दौरान आरोपियों ने खुलेआम फायरिंग की, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
फायरिंग के दौरान एक गोली विशाल मिश्रा के चालक अमिताभ निषाद को जा लगी, जो जंगल सिकरी का रहने वाला है। गोली लगने से अमिताभ गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज शुरू किया गया। इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को डरा दिया, बल्कि पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया।
घटना के तुरंत बाद विशाल मिश्रा ने साहस दिखाते हुए मुख्य आरोपी अंशिका सिंह को मौके पर ही पकड़ लिया। लोगों की मदद से उसे पिस्टल सहित काबू कर लिया गया और बाद में कैंट पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अंशिका के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया।
जांच के दौरान सामने आया कि इस वारदात में अंशिका के साथ अर्जुन वर्मा और बंटी वर्मा भी शामिल थे। पुलिस ने कुछ ही दिनों में अर्जुन वर्मा को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं, बंटी वर्मा और अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने इस पूरे गैंग के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया, जिससे यह साफ हो गया कि यह कोई सामान्य अपराध नहीं, बल्कि संगठित आपराधिक गतिविधि का हिस्सा था।
इस मामले में एक और आरोपी शिवम सिंह लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही थी। आखिरकार बुधवार को पुलिस को बड़ी सफलता मिली, जब शिवम सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
शिवम सिंह देवरिया जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र के भदीला गांव का निवासी है और वह अपने क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ पहले से ही आठ आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि इस गैंग से जुड़े अन्य अपराधों की भी जानकारी सामने आ सकती है।
कैंट थाना प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह ने बताया कि इस पूरे मामले में शामिल चारों मुख्य आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस इस तरह के अपराधों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगी और शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
इस घटना ने यह भी दिखा दिया कि अपराधी किस तरह से खुलेआम रंगदारी मांगने और न देने पर जानलेवा हमले करने से भी नहीं हिचक रहे हैं। हालांकि, पुलिस की तत्परता और कार्रवाई के चलते सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जिससे लोगों में कुछ हद तक भरोसा भी बढ़ा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं शहर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं। उनका मानना है कि पुलिस को ऐसे अपराधियों के खिलाफ और सख्त कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की वारदात को अंजाम देने की हिम्मत न कर सके।
वहीं, पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस गैंग का संबंध किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क से है या फिर यह स्थानीय स्तर पर ही सक्रिय था। इसके अलावा, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने इससे पहले और किन-किन लोगों को अपना निशाना बनाया है।
फिलहाल, सभी आरोपी जेल में हैं और उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी है। आने वाले समय में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अपराध के खिलाफ सख्ती और समय पर कार्रवाई ही समाज में सुरक्षा और विश्वास कायम रख सकती है।



