
पानीपत में चाकुओं से गोदकर युवक की हत्या, अस्पताल पहुंचने से पहले ही तोड़ा दम
हरियाणा में बढ़ते अपराध के बीच पानीपत से एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। यहां 18 वर्षीय एक युवक की कुछ अज्ञात हमलावरों ने बेरहमी से चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। यह वारदात शनिवार रात शहर के कुटानी रोड इलाके में हुई, जहां युवक पर अचानक हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया गया।

मृतक की पहचान अश्वनी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला था और पानीपत के जगदीश नगर में अपने परिवार के साथ रह रहा था। परिवार का पालन-पोषण करने के लिए अश्वनी गोलगप्पों की रेहड़ी लगाता था और मेहनत-मजदूरी करके घर का खर्च चलाता था। उसकी उम्र महज 18 साल थी और वह अपने परिवार का सहारा माना जाता था।
शनिवार रात करीब 8:15 बजे अश्वनी कुटानी रोड से पैदल गुजर रहा था। यह इलाका आमतौर पर शाम के समय व्यस्त रहता है, लेकिन उस रात जो हुआ, उसने हर किसी को हैरान कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, अचानक 4 से 5 युवक वहां पहुंचे और उन्होंने अश्वनी को घेर लिया। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाता या अपनी जान बचाने की कोशिश करता, हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ चाकुओं से हमला करना शुरू कर दिया।
हमलावरों ने अश्वनी को किसी भी तरह का मौका नहीं दिया। उन्होंने उसके पेट, छाती और शरीर के अन्य हिस्सों पर कई वार किए। बताया जा रहा है कि उसके शरीर पर पांच से ज्यादा गहरे जख्म मिले हैं, जो इस बात का संकेत देते हैं कि हमला बेहद क्रूर और सुनियोजित था। हमले के दौरान अश्वनी मदद के लिए चिल्लाता रहा, लेकिन हमलावरों ने बेरहमी की सारी हदें पार कर दीं।
वारदात को अंजाम देने के बाद सभी हमलावर मौके से फरार हो गए, जबकि अश्वनी खून से लथपथ हालत में सड़क पर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों ने जब उसे इस हालत में देखा, तो तुरंत उसके परिजनों को सूचना दी गई। खबर मिलते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए उसे पानीपत के सिविल अस्पताल लेकर गए।
सिविल अस्पताल में डॉक्टरों ने अश्वनी की हालत को बेहद गंभीर बताया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए रोहतक के PGI (पंडित भगवत दयाल शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) रेफर कर दिया। परिजन उसे एंबुलेंस के जरिए रोहतक ले जा रहे थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। रास्ते में ही अश्वनी ने दम तोड़ दिया, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानीपत में लगातार अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं और इस तरह की वारदातें आम लोगों में डर पैदा कर रही हैं। लोग अपने घरों से निकलने में भी असुरक्षित महसूस करने लगे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। शुरुआती जांच में पुलिस पुरानी रंजिश, आपसी विवाद या लूटपाट जैसे एंगल से मामले की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए पानीपत के सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
अश्वनी की मौत ने उसके परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है। जिस बेटे के सहारे घर चल रहा था, वही अब इस दुनिया में नहीं रहा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।
यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में बढ़ती हिंसा की भी एक गंभीर तस्वीर पेश करती है। एक मासूम युवक, जो अपने परिवार का पेट पालने के लिए मेहनत कर रहा था, उसे इस तरह बेरहमी से मार दिया जाना कहीं न कहीं व्यवस्था की विफलता को भी दर्शाता है।
पानीपत में हुई इस वारदात ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर कब तक ऐसे निर्दोष लोग अपराधियों का शिकार होते रहेंगे। जरूरत है कि प्रशासन सख्त कदम उठाए, ताकि आम जनता खुद को सुरक्षित महसूस कर सके और ऐसे अपराधों पर लगाम लगाई जा सके।

