हरियाणा

दोस्त की पत्नी की हत्या पर उम्रकैद, अदालत ने सुनाया सख्त फैसला

हरियाणा के बैरथली गांव में हुई महिला की निर्मम हत्या के मामले में अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। करीब तीन साल तक चली लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई, साथ ही उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। इस फैसले को पीड़ित परिवार के लिए न्याय की बड़ी जीत माना जा रहा है।

यह मामला एक बेहद संवेदनशील और भरोसे को तोड़ने वाली घटना से जुड़ा है, जहां आरोपी ने अपने ही परिचित की पत्नी को निशाना बनाया। जानकारी के अनुसार, आरोपी और मृतका के पति के बीच पहले से जान-पहचान थी। दोनों एक साथ राजमिस्त्री का काम करते थे और इसी कारण आरोपी का परिवार में आना-जाना भी था। लेकिन समय के साथ उसकी हरकतों से परेशान होकर मृतका के परिवार ने उससे दूरी बना ली थी।

बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर आरोपी के मन में रंजिश पैदा हो गई थी। उसने बदला लेने की नीयत से इस खौफनाक वारदात की योजना बनाई। 14 अप्रैल 2023 को आरोपी ने महिला रीटा को फोन किया और उसे पैसे देने का बहाना बनाकर खेत में बुलाया।

उस दिन रीटा अपनी बेटी के साथ घास लेने के लिए खेत में गई थी। कुछ देर तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन अचानक वहां से उसकी चीखने की आवाज आने लगी। यह आवाज सुनकर उसकी बेटी घबराकर खेत के अंदर पहुंची, जहां उसने जो देखा, वह बेहद भयावह था।

बेटी के सामने आरोपी उसकी मां की छाती पर बैठा हुआ था और चुन्नी से उसका गला घोंट रहा था। यह दृश्य इतना डरावना था कि वह तुरंत मदद के लिए चिल्लाने लगी। हालांकि तब तक आरोपी अपनी वारदात को अंजाम दे चुका था और महिला की हालत गंभीर हो चुकी थी।

घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी। कुछ ही समय में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया।

जांच के दौरान पुलिस ने कई महत्वपूर्ण सबूत जुटाए, जिनमें प्रत्यक्षदर्शी के रूप में बेटी का बयान भी बेहद अहम साबित हुआ। इसके अलावा घटनास्थल से मिले साक्ष्य और परिस्थितिजन्य सबूतों ने भी आरोपी के खिलाफ मजबूत केस तैयार किया।

मामला अदालत में पहुंचा, जहां इसकी सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) में शुरू हुई। लगभग तीन वर्षों तक चले इस केस में कई गवाहों के बयान दर्ज किए गए और सबूतों की बारीकी से जांच की गई।

अदालत ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी पाया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यह एक गंभीर अपराध है, जिसमें आरोपी ने न सिर्फ एक महिला की हत्या की, बल्कि विश्वास का भी घोर उल्लंघन किया है।

इसी को ध्यान में रखते हुए अदालत ने आरोपी को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आरोपी जुर्माना नहीं भरता है, तो उसे अतिरिक्त छह महीने की सजा और भुगतनी होगी।

इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है। लंबे समय से न्याय की उम्मीद में बैठे परिवार को आखिरकार इंसाफ मिला है। हालांकि, इस घटना ने उनके जीवन में जो खालीपन छोड़ा है, उसे कोई भी सजा भर नहीं सकती।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहा। एक परिचित व्यक्ति द्वारा इस तरह की वारदात को अंजाम देना लोगों के लिए चौंकाने वाला था। इस घटना ने समाज में यह संदेश भी दिया है कि किसी भी तरह का अविश्वास और व्यक्तिगत रंजिश किस हद तक खतरनाक हो सकती है।

यह फैसला न केवल पीड़ित परिवार के लिए न्याय का प्रतीक है, बल्कि समाज के लिए भी एक सख्त संदेश है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और अपराधी चाहे कितना भी चालाक क्यों न हो, अंततः उसे सजा जरूर मिलती है।

इस पूरे मामले ने यह भी साबित कर दिया कि मजबूत जांच, गवाहों के साहस और न्यायिक प्रक्रिया की दृढ़ता से अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जा सकता है।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on X-twitter Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Back to top button