
दिल्ली-एनसीआर में बिजली गिरने से मकान क्षतिग्रस्त, परिवार सुरक्षित
दिल्ली-एनसीआर में बुधवार शाम अचानक बदले मौसम ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं एक परिवार के लिए यह बदलाव डरावना अनुभव बन गया। तेज आंधी और बारिश के बीच गिरी आसमानी बिजली ने एक मकान को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित बच गए, लेकिन घटना के बाद से वे गहरे सदमे में हैं।

जानकारी के अनुसार, यह घटना एक गांव में रहने वाले रामकिशन के घर पर हुई। शाम के समय अचानक मौसम ने करवट ली। पहले तेज धूल भरी आंधी चली, जिससे पूरे इलाके में अंधेरा सा छा गया। इसके बाद आसमान में काले बादल घिर आए और बिजली की तेज कड़कड़ाहट शुरू हो गई। लोग अभी मौसम के इस बदलाव को समझ ही रहे थे कि अचानक एक जोरदार धमाका हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह धमाका इतना तेज था कि आसपास के घरों में रहने वाले लोग भी डर गए और बाहर निकल आए। कुछ लोगों ने तो इसे पहले किसी विस्फोट की तरह समझा, लेकिन बाद में पता चला कि आसमानी बिजली सीधे रामकिशन के मकान पर गिरी थी।
बिजली गिरने का असर इतना जबरदस्त था कि पूरे घर में कंपन महसूस हुआ। मकान की दीवारों में दरारें आ गईं और छत भी प्रभावित हुई। घर के अंदर मौजूद सामान भी इस झटके से हिल गया। हालांकि उस समय घर में मौजूद परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित थे, जो किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि जब यह घटना हुई, तब वे सभी घर के अंदर ही थे। अचानक तेज आवाज के साथ पूरा घर कांप उठा। कुछ पल के लिए ऐसा लगा जैसे मकान गिर जाएगा। घटना के बाद सभी लोग घबराकर बाहर भागे और काफी देर तक सहमे रहे।
बिजली गिरने से घर में लगे कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी खराब हो गए। वायरिंग जलने की भी जानकारी सामने आई है। इससे परिवार को आर्थिक नुकसान भी हुआ है। रामकिशन के मुताबिक, उन्होंने अपने जीवन में पहले कभी ऐसा खौफनाक मंजर नहीं देखा था। उनका कहना है कि जान बच गई, यही सबसे बड़ी बात है, लेकिन अब घर की हालत देखकर चिंता हो रही है।
हादसे के बाद से पूरा परिवार डरा हुआ है। वे अब उस मकान में रहने को लेकर भी असहज महसूस कर रहे हैं, क्योंकि दीवारों में आई दरारें घर की मजबूती पर सवाल खड़े कर रही हैं। परिवार का कहना है कि उन्हें डर है कि कहीं मकान और कमजोर न हो जाए या फिर कोई और हादसा न हो जाए।
आसपास के लोगों ने भी इस घटना को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं बहुत कम देखने को मिलती हैं, लेकिन जब होती हैं तो काफी नुकसान पहुंचा सकती हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि ऐसे प्रभावित परिवारों की मदद की जाए और उनके मकान की मरम्मत के लिए सहायता प्रदान की जाए।
विशेषज्ञों के अनुसार, बदलते मौसम और बढ़ती गर्मी के कारण इस तरह की घटनाएं अब पहले से ज्यादा देखने को मिल रही हैं। आंधी-तूफान के दौरान बिजली गिरने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है, जैसे खुले स्थानों से दूर रहना, पेड़ों के नीचे खड़े न होना और बिजली के उपकरणों का उपयोग सीमित करना।
इस घटना ने एक बार फिर यह याद दिला दिया है कि प्राकृतिक आपदाएं कभी भी और कहीं भी आ सकती हैं। हालांकि, इस मामले में सबसे राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। समय रहते सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
फिलहाल परिवार अपने मकान की स्थिति को लेकर चिंतित है और उम्मीद कर रहा है कि उन्हें प्रशासन से मदद मिलेगी, ताकि वे अपने घर को दोबारा सुरक्षित बना सकें और बिना डर के उसमें रह सकें।

