
EWS आय सीमा बढ़ी, ग्रुप-C अभ्यर्थियों को बड़ा फायदा
हरियाणा में सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। खासतौर पर पुलिस कांस्टेबल और ग्रुप-C के पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को अब आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के तहत अधिक अवसर मिलेंगे। राज्य में EWS आरक्षण के लिए आय सीमा बढ़ा दी गई है, जिससे हजारों युवाओं को सीधा लाभ मिलने वाला है।

अब तक EWS कोटे में आवेदन करने के लिए परिवार की अधिकतम वार्षिक आय छह लाख रुपये निर्धारित थी। लेकिन नए फैसले के तहत इस सीमा को बढ़ाकर आठ लाख रुपये कर दिया गया है। यानी अब ऐसे परिवार जिनकी सालाना आय आठ लाख रुपये तक है, उनके बच्चे भी EWS श्रेणी में आवेदन कर सकेंगे। इससे पहले छह लाख से ज्यादा आय वाले उम्मीदवारों को मजबूरी में सामान्य वर्ग में आवेदन करना पड़ता था, जिससे उनके चयन की संभावनाएं कम हो जाती थीं।
इस बदलाव का सबसे ज्यादा फायदा उन युवाओं को मिलेगा जो लंबे समय से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे थे, लेकिन आय सीमा के कारण आरक्षण का लाभ नहीं ले पा रहे थे। अब यह बाधा हटने के बाद वे भी प्रतिस्पर्धा में बेहतर स्थिति में आ सकेंगे।
इस बीच, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने भी अभ्यर्थियों को एक और बड़ा मौका दिया है। आयोग ने 1 से 4 जनवरी 2026 के बीच जारी किए गए विज्ञापन नंबर 01/2026, 02/2026, 03/2026 और 04/2026 के तहत निकाली गई भर्तियों के लिए करेक्शन पोर्टल खोल दिया है। यह कदम उन उम्मीदवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जिन्होंने आवेदन तो कर दिया था लेकिन उसमें किसी तरह की गलती रह गई थी या वे किसी जानकारी को अपडेट करना चाहते हैं।
अब ऐसे अभ्यर्थी 19 मार्च की रात 11:59 बजे तक अपने आवेदन पत्र में जरूरी बदलाव कर सकते हैं। आयोग की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि आवेदन में कोई भी संशोधन करते समय संबंधित दस्तावेजों को अपलोड करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही संशोधित आवेदन पत्र की साइन की हुई पीडीएफ दोबारा अपलोड करनी होगी।
यदि कोई उम्मीदवार ऐसा करने में चूक जाता है, तो उसकी पुरानी जानकारी को ही अंतिम माना जाएगा और नए बदलावों पर विचार नहीं किया जाएगा। आयोग ने साफ कर दिया है कि यह सुधार का आखिरी मौका है और इसके बाद किसी भी परिस्थिति में आवेदन पत्र में बदलाव का अवसर नहीं दिया जाएगा।
भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी एक और अहम जानकारी यह है कि विज्ञापन संख्या 04/2026 के तहत विभिन्न विभागों में पदों की संख्या भी बढ़ाई गई है। इससे अभ्यर्थियों के लिए अवसर और अधिक बढ़ गए हैं। जिन विभागों में नए पद जोड़े गए हैं, उनमें हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HUDA), हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड, हरियाणा राज्य सहकारी श्रम एवं निर्माण संघ लिमिटेड, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड और हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड शामिल हैं।
इन विभागों में खासतौर पर कनिष्ठ अभियंता (सिविल) के नए पद और श्रेणियां जोड़ी गई हैं। अभ्यर्थी आवेदन करते समय अपनी पसंद के अनुसार इन पदों की वरीयता भी दर्ज कर सकते हैं, जिससे उन्हें अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार बेहतर अवसर मिल सके।
इसके अलावा, एमपीएचडब्ल्यू (पुरुष) पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को भी आयोग ने राहत दी है। कई उम्मीदवार ऐसे थे, जिनके डिप्लोमा या डीएमसी प्रमाणपत्र में परीक्षा परिणाम की तिथि दर्ज नहीं थी, जिससे उन्हें आवेदन करने में दिक्कत आ रही थी।
इस समस्या को ध्यान में रखते हुए आयोग ने स्पष्ट किया है कि 2012-13 बैच के वे उम्मीदवार, जिनकी परीक्षा 2014 में हुई थी और प्रमाणपत्र में तारीख का उल्लेख नहीं है, वे अपने आवेदन में 1 दिसंबर 2014 की तिथि दर्ज कर सकते हैं। हालांकि यह सुविधा केवल उन्हीं उम्मीदवारों को दी गई है, जिनके प्रमाणपत्र 30 मई 2014 से पहले आयोजित परीक्षा से संबंधित हैं और जिनमें तारीख का जिक्र नहीं है।
यह फैसला उन युवाओं के लिए बेहद राहत भरा है, जो सिर्फ एक तकनीकी कमी के कारण आवेदन से वंचित रह सकते थे। अब वे भी बिना किसी परेशानी के भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।
कुल मिलाकर देखा जाए तो हरियाणा में सरकारी भर्तियों को लेकर यह समय युवाओं के लिए काफी सकारात्मक साबित हो रहा है। एक तरफ जहां EWS आय सीमा बढ़ने से अधिक अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ करेक्शन पोर्टल और नए पदों के जुड़ने से अवसरों का दायरा भी बढ़ गया है।
सरकार और आयोग के इन फैसलों से यह स्पष्ट होता है कि भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समावेशी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अब यह अभ्यर्थियों की जिम्मेदारी है कि वे इस अवसर का सही तरीके से लाभ उठाएं, अपने दस्तावेजों को ठीक से जांचें और समय रहते आवेदन में आवश्यक सुधार कर लें।
आने वाले समय में इन भर्तियों के जरिए हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है, जो न केवल उनके भविष्य को संवारेंगे, बल्कि राज्य के विकास में भी अहम भूमिका निभाएंगे।


