
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर भीषण हादसा: ट्राले की टक्कर से पलटा टेंपो, 11 वर्षीय बच्चे की मौत, चार घायल
हरियाणा के रेवाड़ी जिले में दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर देर रात एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हो गई। इस हादसे में एक मासूम बच्चे की जान चली गई, जबकि उसके परिवार के चार अन्य सदस्य घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों की मदद कर उन्हें अस्पताल पहुंचाया।

जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना रविवार देर रात करीब 11 बजे के आसपास हुई। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के पटेलपुरा गांव के रहने वाले मनोज कुमार साहू अपने परिवार के साथ खाटूश्याम मंदिर के दर्शन कर वापस लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि मनोज कुमार साहू अपने परिवार के साथ गुरुग्राम जिले के कासन (मानेसर) क्षेत्र में किराये के मकान में रहते हैं और वहीं काम करते हैं।
धार्मिक यात्रा पूरी करने के बाद परिवार के सदस्य एक लोडिंग टेंपो में सवार होकर गुरुग्राम लौट रहे थे। यात्रा के दौरान सभी लोग थके हुए थे और देर रात तक घर पहुंचने की उम्मीद कर रहे थे। लेकिन रास्ते में अचानक हुए हादसे ने उनकी यात्रा को मातम में बदल दिया।
बताया जा रहा है कि जब टेंपो दिल्ली-जयपुर हाईवे पर कसौला चौक के पास बाबा भारती होटल के नजदीक पहुंचा, उसी समय सामने से तेज गति से आ रहा एक ट्राला अचानक उनकी गाड़ी के पास आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्राला काफी तेज रफ्तार में था और चालक लापरवाही से वाहन चला रहा था।
आरोप है कि ट्राला चालक ने अचानक टेंपो की ओर गाड़ी दबा दी, जिससे दोनों वाहनों के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि टेंपो अनियंत्रित होकर पलट गया। गाड़ी पलटते ही उसमें बैठे सभी लोग जोर से उछलकर इधर-उधर गिर गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई।
हादसे के दौरान मनोज कुमार साहू के भांजे सुमित कुमार साहू को सबसे ज्यादा चोट लगी। सुमित की उम्र करीब 11 साल बताई जा रही है। टक्कर के दौरान उसके सिर में गंभीर चोट लग गई थी।
टेंपो में बैठे अन्य लोगों को भी चोटें आईं, लेकिन सुमित की हालत सबसे ज्यादा गंभीर थी। हादसे के बाद आसपास से गुजर रहे लोगों ने अपने वाहन रोक दिए और तुरंत मदद के लिए आगे आए।
स्थानीय लोगों ने टेंपो में फंसे घायलों को बाहर निकाला और उन्हें सड़क किनारे सुरक्षित स्थान पर बैठाया। इसके साथ ही कुछ लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी।
बताया जा रहा है कि दुर्घटना के तुरंत बाद ट्राला चालक मौके से फरार हो गया। वह अपना वाहन वहीं छोड़कर भाग निकला। माना जा रहा है कि हादसे के बाद चालक घबरा गया और गिरफ्तारी के डर से भाग गया।
राहगीरों की मदद से सभी घायलों को तुरंत रेवाड़ी के नागरिक अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने घायलों का इलाज शुरू किया, लेकिन सुमित की हालत बेहद गंभीर थी।
जांच के बाद डॉक्टरों ने सुमित कुमार साहू को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बताया जा रहा है कि सुमित अपने मामा मनोज कुमार साहू के साथ ही रहता था और पढ़ाई कर रहा था।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त टेंपो और ट्राले को कब्जे में ले लिया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ट्राला राजस्थान नंबर का है। वाहन के नंबर के आधार पर उसके मालिक और चालक की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस ने मामले में लापरवाही से वाहन चलाने और दुर्घटना के बाद मौके से फरार होने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी चालक को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाही कई बार छोटे वाहनों के लिए खतरनाक साबित होती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दिल्ली-जयपुर हाईवे पर कई बार ट्रक और ट्राला चालक तेज रफ्तार में वाहन चलाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। कई बार चालक ओवरटेक करने के चक्कर में भी नियंत्रण खो देते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क हादसों को रोकने के लिए सख्त यातायात नियमों का पालन जरूरी है। खासतौर पर भारी वाहनों के चालकों को अधिक जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाना चाहिए।
फिलहाल इस दुर्घटना ने एक मासूम की जिंदगी छीन ली और उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। परिवार के लोग अभी भी इस घटना से उबर नहीं पाए हैं और उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा कि एक धार्मिक यात्रा से लौटते समय उनका बच्चा हमेशा के लिए उनसे दूर हो गया।
पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और फरार चालक की तलाश जारी है। वहीं घायल लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। प्रशासन का कहना है कि दोषी चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही से होने वाले हादसों को रोका जा सके।

