
गोरखपुर में रिश्तों का खौफनाक अंत: मोबाइल पर बात करने से नाराज पिता ने हंसिए से काटकर की बेटी की हत्या
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पिता-बेटी के रिश्ते को ही सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। पिपराइच थाना क्षेत्र में 23 वर्षीय युवती की मौत के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि युवती की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं बल्कि उसके अपने पिता ने ही की थी। आरोपी पिता ने पुलिस पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।

मृतका की पहचान नेहा भारती के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मोबाइल फोन पर किसी युवक से बात करने को लेकर पिता और बेटी के बीच कई दिनों से विवाद चल रहा था। इसी विवाद ने शुक्रवार को इतना उग्र रूप ले लिया कि गुस्से में आकर पिता ने अपनी बेटी पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
मोबाइल फोन बना विवाद की वजह
पुलिस जांच के मुताबिक नेहा मोबाइल फोन पर एक युवक से बातचीत करती थी। यह बात उसके पिता कमलेश भारती को बिल्कुल पसंद नहीं थी। वह कई बार अपनी बेटी को इस बारे में समझा चुका था और फोन पर बातचीत बंद करने की चेतावनी भी दे चुका था।
परिवार के लोगों के अनुसार कमलेश को यह डर था कि कहीं उसकी बेटी का किसी लड़के के साथ संबंध न बन जाए, जिससे परिवार की बदनामी हो सकती है। इसी वजह से वह अक्सर नेहा को फोन इस्तेमाल करने को लेकर टोकता रहता था।
शुक्रवार सुबह हुआ झगड़ा
शुक्रवार की सुबह जब कमलेश ने अपनी बेटी को फिर से मोबाइल पर बात करते हुए देखा तो वह गुस्से में आ गया। उसने नेहा को डांटना शुरू कर दिया। देखते ही देखते दोनों के बीच बहस शुरू हो गई।
कमलेश ने पुलिस को बताया कि गुस्से में उसने बेटी को थप्पड़ मार दिया। लेकिन नेहा ने भी विरोध करते हुए अपने पिता पर हाथ उठा दिया। यह बात कमलेश को इतनी बुरी लगी कि उसने अपना आपा खो दिया।
गुस्से में उठाया हंसिया
कमलेश ने बताया कि बेटी के हाथ उठाने से वह बेहद नाराज हो गया। इसी गुस्से में उसने घर में रखा हंसिया उठा लिया। इसके बाद उसने नेहा पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।
हंसिए के वार सीधे नेहा की गर्दन पर लगे, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ी। घर के अंदर हुई इस घटना से परिवार के अन्य लोग भी घबरा गए।
अस्पताल ले जाने पर भी नहीं बच सकी जान
घटना के बाद परिजन घबराकर नेहा को तुरंत गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले गए। डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताई और इलाज शुरू किया।
लेकिन गर्दन पर गहरे घाव होने के कारण नेहा को बचाया नहीं जा सका। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने उसकी मौत की पुष्टि कर दी।
घटना को हादसा बताने की कोशिश
नेहा की मौत के बाद परिवार के लोगों ने इस मामले को छिपाने की कोशिश की। उन्होंने पुलिस को गुमराह करने के लिए इसे हादसा बताया।
आरोपी कमलेश ने अपनी पत्नी मनोरमा से पुलिस को झूठी तहरीर दिलवाई। परिवार ने यह कहानी बनाई कि नेहा किसी दुर्घटना में घायल हो गई थी।
इतना ही नहीं, परिवार ने जल्दबाजी में नेहा का अंतिम संस्कार भी कर दिया। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पुलिस को हुआ शक
हालांकि पुलिस को शुरुआत से ही इस मामले में कुछ गड़बड़ी का शक हो रहा था। परिवार के लोगों के बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खा रहे थे।
पूछताछ के दौरान परिजन बार-बार अपनी कहानी बदल रहे थे। कभी वे हादसा बता रहे थे तो कभी कुछ और कहानी कह रहे थे। इससे पुलिस का शक और गहरा हो गया।
हथियार भी छिपा दिया गया
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जिस हंसिए से हमला किया गया था, उसे भी परिवार के लोगों ने छिपा दिया था। पुलिस ने आसपास के इलाके में खोजबीन शुरू की और साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया।
जब पुलिस ने कमलेश से सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया और उसने पूरी सच्चाई बता दी।
आरोपी पिता गिरफ्तार
रविवार को पुलिस ने आरोपी पिता कमलेश भारती को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में साफ तौर पर स्वीकार किया है कि उसने गुस्से में आकर अपनी बेटी की हत्या की थी।
पुलिस अधिकारी ने दी जानकारी
मामले को लेकर एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि युवती की मौत के मामले में जांच के दौरान कई अहम सबूत मिले हैं। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर आरोपी पिता को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
इलाके में फैली सनसनी
इस घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। लोग इस बात से हैरान हैं कि एक पिता अपनी ही बेटी की जान ले सकता है।
पड़ोसियों का कहना है कि परिवार सामान्य दिखाई देता था और उन्हें कभी अंदाजा नहीं था कि घर के अंदर इतना बड़ा विवाद चल रहा था।
समाज के लिए सबक
यह घटना समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि गुस्सा और गलतफहमी किस तरह एक परिवार को बर्बाद कर सकती है। छोटी-सी बात पर लिया गया गलत फैसला कई जिंदगियां तबाह कर देता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि परिवार में संवाद और समझदारी बहुत जरूरी है। अगर समय रहते बात करके समस्या सुलझाई जाए तो ऐसी दुखद घटनाओं से बचा जा सकता है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी है। वहीं नेहा की मौत से उसका परिवार और पूरा इलाका गहरे सदमे में है।



