
पश्चिमी विक्षोभ का असर: उत्तर भारत समेत कई राज्यों में बदलेगा मौसम, बारिश-आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट
देश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत से लेकर पूर्वी भारत तक कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। आने वाले दिनों में कई जगहों पर तेज हवाएं चलने, बारिश होने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में लोगों को सावधान रहने की सलाह भी दी है।

मौसम विभाग के अनुसार रविवार से उत्तर भारत में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। विशेष रूप से पहाड़ी राज्यों में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और कई इलाकों में बारिश की संभावना बनेगी। इसके साथ ही तेज हवाएं और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है। मौसम के इस बदलाव का असर मैदानी राज्यों में भी दिखाई देगा।
विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ एक ऐसा मौसमी सिस्टम है जो भूमध्य सागर के आसपास के क्षेत्रों से उठता है और उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करता है। जब यह सक्रिय होता है तो पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी की स्थिति बन जाती है, जबकि मैदानी इलाकों में बादल, तेज हवाएं और हल्की बारिश देखने को मिलती है।
मौसम विभाग के अनुसार 15 मार्च को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कई हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में 15 और 18 मार्च को मौसम खराब रह सकता है। यहां कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।
उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी 15 और 16 मार्च के दौरान मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 16 मार्च को बादलों की गतिविधि बढ़ने और बारिश होने की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने विशेष अलर्ट जारी किया है। रविवार के लिए कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि मौसम की स्थिति सामान्य से ज्यादा खराब हो सकती है और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
इसके अलावा सोमवार और बुधवार के लिए चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। साथ ही गरज-चमक के साथ बारिश भी हो सकती है।
पिछले 24 घंटों के दौरान हिमाचल प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहा। हालांकि तापमान में काफी अंतर देखने को मिला। ताबो राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं ऊना में अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में सबसे ज्यादा था।
मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि 17 मार्च की रात से उत्तर-पश्चिम भारत में एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में बादल छा सकते हैं और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इस कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है।
राजस्थान में भी मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कई इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी भी हो सकती है।
श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इसके साथ ही बादलों की गरज और धूल भरी आंधी की स्थिति भी बन सकती है।
रविवार को अजमेर, जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में मौसम अचानक बदल सकता है। यहां धूल भरी आंधी के साथ हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। इससे तापमान में थोड़ी गिरावट भी आ सकती है।
पूर्वी भारत की बात करें तो झारखंड में भी मौसम बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कई जिलों में अगले चार दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इससे मौसम में ठंडक महसूस हो सकती है।
हालांकि गढ़वा, पलामू, चतरा और लातेहार जिलों में बारिश की संभावना अपेक्षाकृत कम बताई गई है। बाकी जिलों में बादल छाए रह सकते हैं और हल्की बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग का कहना है कि झारखंड में अगले दो दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद बारिश के कारण तापमान में गिरावट आ सकती है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मार्च के महीने में इस तरह का मौसम बदलाव सामान्य माना जाता है। इस समय पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से उत्तर भारत के मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतें। गरज-चमक के समय खुले मैदान में खड़े न रहें और पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें, क्योंकि बिजली गिरने का खतरा रहता है।
किसानों के लिए भी मौसम विभाग ने सलाह जारी की है। किसानों को कहा गया है कि वे मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए खेती से जुड़े काम करें, ताकि फसलों को नुकसान से बचाया जा सके।
फिलहाल देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक की गतिविधियां अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकती हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
