
महावीर पार्क के तालाब में कूदी युवती, होमगार्ड जवान की सूझबूझ से बची जान
पानीपत के ऐतिहासिक महावीर पार्क में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवती ने अचानक पार्क के अंदर स्थित तालाब में छलांग लगा दी। हालांकि मौके पर तैनात होमगार्ड के जवानों की सतर्कता और बहादुरी के चलते युवती की जान बच गई। होमगार्ड के जवान ने बिना समय गंवाए तालाब में कूदकर युवती को बाहर निकाल लिया। इसके बाद उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। इस घटना के बाद इलाके में काफी देर तक चर्चा का माहौल बना रहा।

जानकारी के अनुसार महावीर पार्क इन दिनों आम लोगों के लिए बंद है। पार्क में मरम्मत और अन्य कार्यों के चलते लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। इसके बावजूद सोमवार को एक युवती पार्क के पिछले हिस्से से अंदर दाखिल हो गई। बताया जा रहा है कि पार्क की पीछे की दीवार का एक हिस्सा टूटा हुआ है, जिससे वह अंदर पहुंच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवती सीधे पार्क के अंदर बने तालाब की ओर बढ़ी। वहां कुछ देर तक वह आसपास घूमती रही और फिर अचानक तालाब के किनारे पहुंचकर पानी में छलांग लगा दी। यह दृश्य देखकर आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
उसी समय पार्क में ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड के जवान मांगेराम की नजर तालाब की ओर पड़ी। उन्होंने पानी में हलचल देखी तो तुरंत समझ गए कि कोई व्यक्ति तालाब में गिर गया है या कूद गया है। बिना एक पल गंवाए उन्होंने तुरंत अपनी वर्दी और जूते उतारे और तालाब में छलांग लगा दी।
तालाब का पानी काफी गहरा होने के कारण युवती को बाहर निकालना आसान नहीं था। इसके बावजूद मांगेराम ने हिम्मत नहीं हारी और तेजी से तैरते हुए युवती तक पहुंचे। उन्होंने युवती को पकड़कर धीरे-धीरे किनारे की ओर लाना शुरू किया। इस दौरान तालाब के किनारे मौजूद कुछ लोगों ने भी मदद के लिए हाथ बढ़ाया।
इसी बीच वहां मौजूद दूसरे होमगार्ड जवान कृष्ण कुमार भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने भी बचाव कार्य में सहयोग किया। दोनों की मदद से युवती को सुरक्षित तालाब से बाहर निकाल लिया गया। युवती उस समय बेहद घबराई हुई थी और उसकी हालत भी कमजोर लग रही थी।
युवती को तुरंत प्राथमिक सहायता दी गई और फिर एंबुलेंस के जरिए शहर के नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने उसका तुरंत उपचार शुरू कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल युवती की हालत स्थिर बताई जा रही है और वह खतरे से बाहर है।
बाद में युवती की पहचान केसरी गांव निवासी साक्षी के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि साक्षी पानीपत स्थित कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज की छात्रा है। घटना की सूचना मिलते ही उसके परिजन भी अस्पताल पहुंच गए।
इस घटना की जानकारी पुलिस को भी दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम अस्पताल और पार्क दोनों जगह पहुंची। पुलिस ने मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि युवती ने तालाब में छलांग क्यों लगाई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवती के पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसका बयान दर्ज किया जाएगा। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि उसने यह कदम किस वजह से उठाया। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।
वहीं दूसरी ओर इस घटना के बाद महावीर पार्क की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि जब पार्क आम जनता के लिए बंद है तो फिर टूटी हुई दीवार के जरिए अंदर जाना कैसे संभव हुआ। कई स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पार्क की दीवारों की मरम्मत कराई जाए और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।
इस पूरे घटनाक्रम में होमगार्ड के जवान मांगेराम की बहादुरी और सतर्कता की हर तरफ सराहना हो रही है। यदि वह समय रहते तालाब में छलांग न लगाते तो शायद बड़ा हादसा हो सकता था। उनकी तत्परता के कारण ही युवती की जान बच सकी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मांगेराम ने जिस तरह अपनी जान की परवाह किए बिना तालाब में कूदकर युवती को बचाया, वह काबिल-ए-तारीफ है। कई लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि होमगार्ड जवान को उनके साहस के लिए सम्मानित किया जाना चाहिए।
फिलहाल युवती अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में है और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कठिन परिस्थितियों में समय पर की गई बहादुरी और सतर्कता किसी की भी जिंदगी बचा सकती है।

