
ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से 7 साल के मासूम की मौत, गुस्साए ग्रामीणों ने चालक को पकड़कर पीटा
हरियाणा के पानीपत जिले में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां थाना सेक्टर 13/17 क्षेत्र के गांव बरना में रेत से भरी तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से सात साल के एक मासूम बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद गांव में मातम छा गया, वहीं गुस्साए ग्रामीणों ने ट्रैक्टर चालक को पकड़कर उसकी जमकर पिटाई कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह चालक को भीड़ से छुड़ाया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

जानकारी के अनुसार गांव बरना निवासी बालकिशन ने बताया कि उनका सात वर्षीय भतीजा शिवम सोमवार सुबह अपने घर के बाहर खेल रहा था। सुबह का समय होने के कारण गांव की गलियों में आम दिनों की तरह हलचल थी। कुछ लोग अपने काम पर जाने की तैयारी कर रहे थे, तो कई महिलाएं पास के खेतों में काम कर रही थीं। इसी दौरान करीब सुबह नौ बजे राणा माजरा की तरफ से रेत से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली गांव की ओर आई।
बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली काफी तेज गति में थी। उसी समय मासूम शिवम घर के बाहर खेलते-खेलते सड़क के किनारे आ गया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और ट्रॉली बच्चे को टक्कर मारते हुए निकल गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बच्चा ट्रॉली के नीचे आ गया और गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोग मौके पर दौड़ पड़े, लेकिन तब तक बच्चे की हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। परिजनों ने उसे उठाकर देखने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही पलों में उसकी सांसें थम गईं। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन और आसपास के लोग रो-रोकर बेहाल हो गए।
वहीं हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से भागने की कोशिश करने लगा। उसने ट्रैक्टर छोड़कर वहां से निकलने का प्रयास किया, लेकिन पास के खेतों में काम कर रही महिलाओं ने उसे देख लिया। महिलाओं ने हिम्मत दिखाते हुए चालक को पकड़ लिया और शोर मचाकर गांव के अन्य लोगों को भी बुला लिया।
कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां जमा हो गए। मासूम की मौत से आक्रोशित लोगों ने चालक को पकड़कर उसकी पिटाई शुरू कर दी। लोगों का गुस्सा इतना ज्यादा था कि स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। कई लोगों ने चालक को लात-घूंसों से पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
इसी बीच किसी ने इस घटना की सूचना पुलिस को दे दी। सूचना मिलते ही थाना सेक्टर 13/17 की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए पहले भीड़ को शांत कराने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने चालक को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाया।
चालक की हालत भीड़ की पिटाई से काफी खराब हो चुकी थी, इसलिए पुलिस ने तुरंत उसे उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। वहीं दूसरी ओर पुलिस ने मृत बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंच गई थी। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसा किस कारण से हुआ। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना हादसे की वजह माना जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव की सड़कों पर अक्सर तेज गति से ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और भारी वाहन चलते रहते हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव के अंदर भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण लगाया जाए और सख्त नियम बनाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
मासूम शिवम की मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है। पड़ोसी और रिश्तेदार लगातार परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे बार-बार यही सवाल कर रहे हैं कि आखिर उनके बच्चे की क्या गलती थी।
फिलहाल पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में ले लिया है और चालक के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की पूरी जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सड़कों पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना कितना खतरनाक साबित हो सकता है। एक पल की लापरवाही ने एक मासूम की जिंदगी छीन ली और एक परिवार को हमेशा के लिए गहरे दुख में डुबो दिया।

