
लखनऊ में सनसनीखेज डबल मर्डर — घर में घुसकर दिव्यांग मां-बेटे की हत्या, बेटे का शव टब में मिला
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां सिसेंडी गांव में अज्ञात हमलावरों ने घर में घुसकर एक महिला और उसके दिव्यांग बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी। इस वारदात के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

घटना की सबसे भयावह बात यह है कि महिला का शव बिस्तर के नीचे मिला और उसके कपड़े अस्त-व्यस्त थे, जबकि बेटे का शव पानी से भरे टब में सिर डूबा हुआ मिला। इस स्थिति ने हत्या से पहले हुए संघर्ष और हमले की गंभीरता को और स्पष्ट कर दिया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और मामले के हर पहलू की पड़ताल की जा रही है।
सिसेंडी गांव में हुई दर्दनाक वारदात
जानकारी के अनुसार सिसेंडी गांव में रहने वाली 45 वर्षीय रेशमा बानो अपने 18 वर्षीय बेटे शादाब के साथ रहती थीं। सोमवार शाम उनके घर में यह दर्दनाक घटना हुई।
जब काफी देर तक घर से कोई हलचल नहीं हुई तो परिजनों को शक हुआ। बाद में रिश्तेदार जब घर के अंदर पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
घर के अंदर मिला खौफनाक दृश्य
घर के अंदर प्रवेश करने पर सबसे पहले रेशमा बानो का शव नजर आया। उनका शव चारपाई के नीचे पड़ा था और शरीर का कुछ हिस्सा कंबल से ढका हुआ था। उनके कपड़े अस्त-व्यस्त थे, जिससे यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि हमलावरों के साथ उनका संघर्ष हुआ होगा।
वहीं पास में उनके बेटे शादाब का शव भी पड़ा था। उसका सिर पानी से भरे टब में डूबा हुआ था, जबकि शरीर का बाकी हिस्सा फर्श पर था। बेटे के कपड़े भी फटे हुए थे, जो इस बात का संकेत देते हैं कि उसने हमलावरों से बचने की कोशिश की होगी।
दोनों ही थे दिव्यांग
पड़ोसियों और परिजनों के अनुसार रेशमा बानो और उनका बेटा दोनों ही शारीरिक रूप से कमजोर स्थिति में थे। रेशमा को एक आंख से दिखाई नहीं देता था, जबकि उनका बेटा शादाब पूरी तरह दृष्टिहीन था और दोनों आंखों से नहीं देख सकता था।
इसी कारण वह अपनी मां पर पूरी तरह निर्भर था। रेशमा ही उसका सहारा थीं और वही घर चलाने की जिम्मेदारी निभा रही थीं।
गुमटी चलाकर करती थीं गुजारा
रेशमा बानो आर्थिक रूप से भी ज्यादा मजबूत नहीं थीं। वह अपने घर के बाहर एक छोटी सी गुमटी चलाती थीं और उसी से मिलने वाली आमदनी से घर का खर्च चलाती थीं।
पड़ोसियों के मुताबिक वह मेहनती महिला थीं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने बेटे की देखभाल में कोई कमी नहीं आने देती थीं।
पति की पहले ही हो चुकी थी मौत
बताया जा रहा है कि रेशमा बानो के दूसरे पति इकबाल पठान की मौत कोरोना महामारी के दौरान हो गई थी। पति की मौत के बाद रेशमा अपने बेटे के साथ उसी घर में रह रही थीं।
पति के निधन के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी रेशमा पर ही आ गई थी। वह अकेले ही बेटे की परवरिश कर रही थीं।
फोन कॉल से खुला मामला
इस पूरे मामले का खुलासा एक फोन कॉल के जरिए हुआ। रेशमा के रिश्तेदार सलमान के अनुसार सोमवार शाम करीब छह बजे उन्हें रेशमा के बहनोई शब्बू का फोन आया।
शब्बू ने बताया कि वह रेशमा से फोन पर बात कर रहे थे। उसी दौरान अचानक ऐसा लगा कि किसी ने उनका फोन छीन लिया है। इसके बाद फोन कट गया।
इस घटना से शब्बू को शक हुआ और उन्होंने सलमान से तुरंत रेशमा के घर जाकर हालचाल देखने को कहा।
घर का दरवाजा बाहर से बंद मिला
सलमान अपने भाई फरहान के साथ तुरंत रेशमा के घर पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने देखा कि घर का दरवाजा बाहर से बंद था।
दरवाजा बंद देखकर दोनों को और ज्यादा शक हुआ। उन्होंने दरवाजे की सिटकनी खोलकर अंदर प्रवेश किया।
अंदर का दृश्य देखकर उड़ गए होश
जैसे ही दोनों घर के अंदर पहुंचे, वहां का दृश्य देखकर वे स्तब्ध रह गए। घर के अंदर रेशमा बानो का शव चारपाई के नीचे पड़ा था।
वहीं उनके बेटे शादाब का शव भी पास में पड़ा हुआ था। उसका सिर पानी से भरे टब में डूबा हुआ था।
टब में डुबोकर हत्या की आशंका
शादाब के शव की स्थिति देखकर यह आशंका जताई जा रही है कि हमलावरों ने उसे पानी से भरे टब में डुबोकर मार डाला। हालांकि मौत का असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
संघर्ष के संकेत
घटनास्थल पर मिले हालात से यह भी संकेत मिल रहे हैं कि हत्या से पहले घर के अंदर संघर्ष हुआ होगा। कपड़ों का फटा होना और सामान की स्थिति यह दर्शाती है कि पीड़ितों ने हमलावरों का विरोध किया होगा।
महिला के कपड़ों की स्थिति भी कई सवाल खड़े कर रही है। पुलिस इस मामले की हर संभावित दिशा में जांच कर रही है।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। टीम ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं।
पुलिस आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
एसीपी का बयान
मामले को लेकर एसीपी विकास कुमार पांडेय ने बताया कि पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। शुरुआती जांच में दम घोंटकर हत्या करने की आशंका जताई जा रही है।
उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी।
इलाके में दहशत
इस दोहरे हत्याकांड के बाद पूरे सिसेंडी गांव में दहशत का माहौल है। लोग इस घटना से काफी सहमे हुए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रेशमा बानो का किसी से कोई विवाद नहीं था, इसलिए इस तरह की घटना सभी के लिए चौंकाने वाली है।
जल्द खुलासा करने की कोशिश
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इस दोहरे हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा और दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
फिलहाल पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है ताकि इस जघन्य अपराध के पीछे की असली सच्चाई सामने लाई जा सके।



