
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत का बड़ा अभियान — कतर से 1,000 से अधिक भारतीय सुरक्षित स्वदेश लौटे
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संघर्ष के कारण वहां रहने वाले या यात्रा के लिए पहुंचे हजारों भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। मौजूदा हालात को देखते हुए भारत सरकार अपने नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में पिछले तीन दिनों के दौरान कतर की राजधानी दोहा से 1,000 से अधिक भारतीय नागरिकों को सुरक्षित भारत वापस लाया गया है। इस अभियान में भारतीय दूतावास और कतर एयरवेज ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने सोमवार को इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए बताया कि कतर में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। दूतावास ने बताया कि पिछले तीन दिनों के दौरान कई विशेष उड़ानों के माध्यम से बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों को भारत भेजा गया है।
दोहा से दिल्ली पहुंची विशेष उड़ान
सोमवार को कतर एयरवेज द्वारा दोहा से नई दिल्ली के लिए एक विशेष फ्लाइट संचालित की गई। इस उड़ान के माध्यम से 300 से अधिक भारतीय यात्री सुरक्षित रूप से नई दिल्ली पहुंचे। ये यात्री पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वहां फंस गए थे और भारत लौटने का इंतजार कर रहे थे।
भारतीय दूतावास ने बताया कि इन यात्रियों में ऐसे लोग भी शामिल थे जो ट्रांजिट में थे या फिर अल्पकालिक यात्रा के लिए कतर पहुंचे थे, लेकिन क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष और अस्थिरता के कारण वापस नहीं लौट पा रहे थे।
तीन दिनों में हजार से अधिक भारतीयों की वापसी
भारतीय दूतावास की ओर से जारी जानकारी के अनुसार पिछले तीन दिनों में कुल मिलाकर करीब 1,000 भारतीय नागरिकों को कतर से सुरक्षित भारत भेजा गया है। इन सभी लोगों ने कतर एयरवेज की उड़ानों के जरिए अपने देश की यात्रा की।
दूतावास ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए कतर एयरवेज का आभार जताया। पोस्ट में कहा गया कि संकट की इस घड़ी में एयरलाइन ने भारतीय नागरिकों को सुरक्षित घर पहुंचाने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया है।
मानवीय पहल की भी सराहना
भारतीय दूतावास ने कतर एयरवेज की मानवीय पहल की भी सराहना की। जानकारी के अनुसार एक भारतीय नागरिक की प्राकृतिक कारणों से मौत हो गई थी। एयरलाइन ने उस व्यक्ति के शव को भारत वापस लाने में भी मदद की।
इसके अलावा संबंधित परिवार के सदस्यों को यात्रा में सहायता देने के लिए भी कतर एयरवेज ने सहयोग किया। दूतावास ने इस कठिन समय में मदद करने के लिए भारतीय समुदाय के स्वयंसेवकों का भी धन्यवाद किया।
और उड़ानों की तैयारी
भारतीय नागरिकों की वापसी की प्रक्रिया अभी जारी है। कतर एयरवेज ने 10 मार्च को दिल्ली, मुंबई और कोच्चि के लिए तीन और उड़ानें संचालित करने की योजना बनाई है।
इन उड़ानों के जरिए कतर में फंसे अन्य भारतीय नागरिकों को भी भारत लौटने का अवसर मिलेगा। दूतावास ने यात्रियों से अपील की है कि वे इन उड़ानों का लाभ उठाकर सुरक्षित अपने देश लौटें।
अन्य देशों के रास्ते भारत लौट रहे भारतीय
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर कई देशों में देखने को मिल रहा है। ईरान, अमेरिका और इस्राइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण कई भारतीय नागरिक सीधे भारत की उड़ान नहीं पकड़ पा रहे हैं।
ऐसे में कुछ लोग सऊदी अरब जैसे पड़ोसी देशों में जाकर वहां से भारत लौटने की कोशिश कर रहे हैं। भारतीय दूतावास ने बताया कि जो लोग सऊदी अरब के रास्ते भारत लौटना चाहते हैं, उनके वीजा संबंधी मामलों में भी दूतावास सहायता कर रहा है।
सुरक्षा के लिए जारी की गई एडवाइजरी
कतर में रहने वाले भारतीय नागरिकों को सुरक्षा को लेकर विशेष सलाह भी दी गई है। भारतीय दूतावास ने सभी भारतीयों से अपील की है कि वे कतर के आंतरिक मंत्रालय द्वारा जारी सुरक्षा दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें।
दूतावास ने कहा है कि मौजूदा हालात में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है और किसी भी तरह की अफवाहों से बचना चाहिए।
सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर भी चेतावनी
दूतावास ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर भी भारतीय समुदाय को सावधान किया है। सलाह दी गई है कि लोग सोशल मीडिया पर किसी भी संवेदनशील जानकारी या तस्वीरों को साझा न करें।
विशेष रूप से वर्तमान हालात से जुड़ी तस्वीरें या वीडियो साझा करने से बचने की अपील की गई है। दूतावास ने कहा है कि लोग सिर्फ आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।
ईरान में फंसे भारतीयों के लिए अलग निर्देश
ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए भी भारतीय दूतावास ने अलग से एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि भारतीय नागरिक बिना दूतावास से संपर्क किए ईरान से बाहर निकलने की कोशिश न करें।
विशेष रूप से किसी भी जमीनी सीमा के जरिए दूसरे देश में जाने से पहले दूतावास से समन्वय करना जरूरी बताया गया है।
बिना समन्वय सीमा पार करना जोखिम भरा
एडवाइजरी में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति बिना समन्वय के ईरान की सीमा पार करने की कोशिश करता है और तीसरे देश में प्रवेश नहीं कर पाता, तो ऐसी स्थिति में भारतीय दूतावास उसकी मदद करने की स्थिति में नहीं होगा।
इसलिए सभी भारतीय नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी यात्रा से पहले दूतावास से संपर्क करें और उचित मार्गदर्शन प्राप्त करें।
संकट के समय सक्रिय भारत सरकार
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास और विभिन्न एयरलाइंस मिलकर फंसे हुए भारतीयों को सुरक्षित निकालने का काम कर रहे हैं।
सरकार की कोशिश है कि संकटग्रस्त क्षेत्रों में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।
भारतीय समुदाय की भी अहम भूमिका
इस पूरे अभियान में विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय ने भी अहम भूमिका निभाई है। कई स्वयंसेवकों ने फंसे हुए यात्रियों की मदद की, उन्हें जरूरी जानकारी दी और यात्रा की व्यवस्था में सहयोग किया।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
अधिकारियों के अनुसार स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। इसलिए भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने और दूतावास के संपर्क में रहने की सलाह दी गई है।
भारत सरकार का यह प्रयास जारी रहेगा ताकि किसी भी भारतीय नागरिक को संकट की स्थिति में अकेला न छोड़ा जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्वदेश वापस लाया जा सके।
