
तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की टक्कर से जीजा की मौत
हरियाणा के Kurukshetra जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में जीजा की अपने साले की आंखों के सामने ही मौत हो गई। यह हादसा लाडवा क्षेत्र में मुस्ताबाद-लाडवा रोड पर उस समय हुआ, जब तेज रफ्तार स्कॉर्पियो कार ने पीछे से एक इलेक्ट्रिक स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कूटी पर सवार दोनों व्यक्ति सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे में स्कूटी के पीछे बैठे अधेड़ व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि स्कूटी चला रहा उसका साला गंभीर रूप से घायल हो गया।

मृतक की पहचान 50 वर्षीय मामचंद के रूप में हुई है, जो अंबाला जिले के अलावलपुर फोकसा गांव का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि वह कुछ दिन पहले अपने साले से मिलने के लिए लाडवा क्षेत्र के जोगीमाजरा गांव आया हुआ था। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल बन गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, मामचंद 6 मार्च को अपने साले ज्ञानचंद के घर जोगीमाजरा आया था। दोनों के बीच काफी अच्छा पारिवारिक रिश्ता था और वह अक्सर एक-दूसरे के घर आते-जाते रहते थे। घटना वाले दिन दोनों किसी जरूरी काम से लाडवा बाजार की ओर जा रहे थे। ज्ञानचंद इलेक्ट्रिक स्कूटी चला रहा था और मामचंद पीछे बैठा हुआ था।
इसी दौरान ज्ञानचंद का बेटा अरुण कुमार भी अपने पिता और फूफा के पीछे-पीछे बाइक पर चल पड़ा। अरुण कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि जब उसके पिता और फूफा ध्यांगला बस अड्डे से आगे लाडवा की ओर बढ़ रहे थे, तभी मुस्ताबाद की तरफ से तेज रफ्तार में आ रही काले रंग की स्कॉर्पियो कार ने उनकी स्कूटी को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी तेज थी कि स्कूटी का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया और दोनों सवार सड़क पर दूर जा गिरे। वहीं स्कूटी स्कॉर्पियो कार के आगे फंस गई। हादसा इतना भयावह था कि आसपास के लोग भी मौके पर इकट्ठा हो गए। अरुण कुमार ने तुरंत बाइक रोककर अपने पिता और फूफा को संभालने की कोशिश की।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अरुण ने राहगीरों की मदद से दोनों घायलों को सड़क से उठाया और तुरंत सरकारी एंबुलेंस को सूचना दी। कुछ ही देर में एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई और दोनों को उपचार के लिए लाडवा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने जांच के दौरान मामचंद को मृत घोषित कर दिया। वहीं ज्ञानचंद की हालत काफी गंभीर बताई गई। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए Kurukshetra के एलएनजेपी अस्पताल में रेफर कर दिया। फिलहाल वहां उसका इलाज चल रहा है।
इस घटना के बाद मृतक के परिवार में मातम छा गया। जैसे ही हादसे की खबर अंबाला स्थित उसके घर पहुंची, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार के लोगों का कहना है कि मामचंद एक मिलनसार और मेहनती व्यक्ति था। उसकी अचानक मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
घटना की सूचना मिलने के बाद थाना लाडवा पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने अरुण कुमार के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। शिकायत में स्कॉर्पियो कार के नंबर का भी जिक्र किया गया है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपी चालक की पहचान करने में जुटी हुई है।
पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। वहीं पुलिस फरार स्कॉर्पियो चालक की तलाश में छापेमारी कर रही है।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि हादसा तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हुआ। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि आरोपी चालक का सुराग लगाया जा सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मुस्ताबाद-लाडवा रोड पर अक्सर तेज रफ्तार वाहनों के कारण हादसे होते रहते हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस सड़क पर वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और आरोपी स्कॉर्पियो चालक को जल्द गिरफ्तार करने की बात कही जा रही है। वहीं घायल ज्ञानचंद का अस्पताल में इलाज जारी है और डॉक्टर उसकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना न सिर्फ चालक के लिए बल्कि दूसरों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है। मामचंद की मौत ने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है और पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है।

