
जेल से रिहा होकर गांव पहुंचे मोनू मानेसर, समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ किया स्वागत
नासिर और जुनैद हत्याकांड में गिरफ्तार गौरक्षक और बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ता मोनू मानेसर के जेल से रिहा होने के बाद हरियाणा के गुरुग्राम जिले के मानेसर गांव में देर रात जश्न जैसा माहौल देखने को मिला। करीब दो साल तक जेल में रहने के बाद जब मोनू मानेसर अपने गांव पहुंचा तो उसके समर्थकों और स्थानीय लोगों ने ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ उसका जोरदार स्वागत किया। गांव में काफी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और देर रात तक उत्साह का माहौल बना रहा।

बताया जा रहा है कि जैसे ही मोनू मानेसर के गांव पहुंचने की खबर फैली, वैसे ही आसपास के इलाकों से भी लोग उसे देखने और स्वागत करने के लिए पहुंचने लगे। कई लोगों ने हाथों में फूलों की मालाएं लेकर उसका इंतजार किया। जब वह मानेसर पहुंचा तो समर्थकों ने उसे फूलों की मालाएं पहनाईं और कुछ लोगों ने उसे कंधों पर उठाकर घर तक पहुंचाया। ढोल-नगाड़ों की आवाज और नारेबाजी के बीच लोगों ने उसका स्वागत किया, जिससे पूरा गांव देर रात तक जागता रहा।
जानकारी के अनुसार मोनू मानेसर को नासिर और जुनैद हत्याकांड के मामले में करीब दो साल पहले राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उस समय वह गुरुग्राम में था, जहां से पुलिस उसे हिरासत में लेकर राजस्थान ले गई थी। इसके बाद से वह राजस्थान की जेल में बंद था और मामले की सुनवाई चल रही थी।
हाल ही में इस मामले में उसे जयपुर हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। अदालत से जमानत मिलने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और बेल बॉन्ड भरने के बाद उसे 7 फरवरी की देर रात जेल से रिहा कर दिया गया। जेल से बाहर आने के बाद उसके समर्थक बड़ी संख्या में वहां पहले से मौजूद थे और उन्होंने उसका स्वागत किया।
बताया जा रहा है कि मोनू मानेसर को राजस्थान से गुरुग्राम लाने के लिए कई गाड़ियों का काफिला गया था। जैसे ही वह जेल से बाहर निकला, उसके समर्थकों ने उसे घेर लिया और खुशी जताते हुए फूलों की मालाएं पहनाईं। इसके बाद काफिले के साथ उसे सड़क मार्ग से हरियाणा के गुरुग्राम जिले के मानेसर गांव लाया गया।
गांव में उसके पहुंचते ही लोगों की भीड़ जमा हो गई। ढोल-नगाड़ों की थाप पर लोग नाचते-गाते दिखाई दिए और कई लोगों ने उसे गोद में उठाकर घर तक पहुंचाया। समर्थकों का कहना था कि उन्हें काफी समय से उसके रिहा होने का इंतजार था और उसके घर लौटने पर उन्होंने खुशी जाहिर की।
गौरतलब है कि मोनू मानेसर का नाम 12 अगस्त 2023 को भी चर्चा में आया था, जब गुरुग्राम पुलिस ने उसे पटौदी इलाके में हुई फायरिंग के एक मामले में गिरफ्तार किया था। उस समय उस पर फायरिंग की घटना में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। इसके अलावा नूंह में हुए दंगों के दौरान सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने के मामले में भी पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था।
हालांकि इन दोनों मामलों में बाद में गुरुग्राम की अदालत ने उसे जमानत दे दी थी। लेकिन इसी दौरान राजस्थान पुलिस ने अदालत से अनुमति लेकर उसे नासिर और जुनैद हत्याकांड के मामले में ट्रांजिट रिमांड पर ले लिया था। राजस्थान पुलिस ने उसे इस मामले में मुख्य आरोपी बताया था और उसे वहां की अदालत में पेश किया गया था।
राजस्थान की अदालत में पेशी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था और तब से वह राजस्थान की जेल में बंद था। इस दौरान मामले की जांच और अदालत में सुनवाई चलती रही। करीब दो साल तक जेल में रहने के बाद आखिरकार उसे जयपुर हाईकोर्ट से जमानत मिल गई।
जमानत मिलने के बाद जब उसके समर्थकों को यह जानकारी मिली तो उन्होंने उसकी रिहाई की तैयारी शुरू कर दी थी। जेल से बाहर आते ही समर्थकों ने खुशी जाहिर की और उसे लेकर काफिले के साथ मानेसर गांव पहुंचे। गांव में भी बड़ी संख्या में लोग उसका इंतजार कर रहे थे।
गांव पहुंचने के बाद माहौल किसी उत्सव जैसा नजर आया। कई लोग ढोल-नगाड़ों के साथ नाचते-गाते दिखाई दिए और फूलों की बारिश करते हुए मोनू का स्वागत किया गया। समर्थकों का कहना था कि वे काफी समय से उसकी रिहाई का इंतजार कर रहे थे और अब उसके वापस आने से उन्हें खुशी हुई है।
हालांकि इस पूरे मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आती रही हैं। नासिर और जुनैद हत्याकांड देशभर में काफी चर्चा में रहा था और इस मामले की जांच को लेकर भी कई तरह की बहस होती रही है। फिलहाल मोनू मानेसर को अदालत से जमानत मिल चुकी है और आगे मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
दूसरी ओर, उसके गांव पहुंचने के बाद स्थानीय स्तर पर जश्न जैसा माहौल देखने को मिला। देर रात तक लोग उसके घर के बाहर इकट्ठा रहे और उसके समर्थन में नारे लगाते रहे। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर भी उसकी वापसी से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो साझा किए।
फिलहाल मोनू मानेसर अपने गांव मानेसर में है और आगे अदालत में चल रही कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे समय-समय पर पेश होना पड़ सकता है। वहीं पुलिस और प्रशासन भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
करीब दो साल बाद जेल से रिहा होकर गांव लौटे मोनू मानेसर का इस तरह से स्वागत होना इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। गांव में लोगों के बीच इस घटना को लेकर काफी बातचीत हो रही है और कई लोग इसे लेकर अलग-अलग राय भी व्यक्त कर रहे हैं।

