
“हैप्पी होली” कहने पर युवक की हत्या, लखनऊ में तनाव
लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र की बेगरिया कॉलोनी में होली के दिन एक मामूली विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। होली की खुशियों के बीच हुई इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। बताया जा रहा है कि केवल “हैप्पी होली” कहने को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और गुस्साए परिजनों ने दुबग्गा थाने का घेराव कर जमकर हंगामा किया। स्थिति को संभालने के लिए आसपास के कई थानों की पुलिस फोर्स को मौके पर बुलाना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, बेगरिया कॉलोनी में रहने वाला 21 वर्षीय सूरज रावत पेशे से पेंटर कारीगर था। वह मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। बुधवार शाम करीब साढ़े पांच बजे इलाके में होली मिलन समारोह का माहौल था। लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर और बधाई देकर त्योहार की खुशियां मना रहे थे। इसी दौरान सूरज रावत ने अपने पड़ोसी मोहित तिवारी को “हैप्पी होली” कह दिया।
बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया। इसी दौरान मोहित तिवारी की बहन शिवानी तिवारी भी मौके पर पहुंच गई। आरोप है कि गुस्से में आकर शिवानी ने सूरज रावत पर चाकू से हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सूरज के पेट में चार बार चाकू मारा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़ा।
घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घायल सूरज को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया।
सूरज रावत की मौत की खबर फैलते ही स्थानीय लोग और परिजन आक्रोशित हो गए। गुस्साए लोगों ने दुबग्गा थाने का घेराव कर लिया और जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। करीब तीन घंटे तक थाने के बाहर हंगामा चलता रहा, जिससे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन हरकत में आया। दुबग्गा थाने के अलावा नाका, काकोरी और पारा थानों की पुलिस फोर्स भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों और स्थानीय लोगों को समझाने-बुझाने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद लोगों को शांत कराया जा सका।
दुबग्गा थाना प्रभारी श्रीकांत राय ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि सूरज रावत और मोहित तिवारी के बीच मामूली विवाद हुआ था, जो अचानक हिंसक झगड़े में बदल गया। इसी दौरान शिवानी तिवारी ने चाकू से हमला कर दिया, जिससे सूरज की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है और दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि घटना की हर पहलू से जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।
मृतक सूरज रावत के परिवार की हालत बेहद खराब है। परिवार में उसके पिता राजेंद्र रावत और छोटा भाई शिवा हैं। बताया जा रहा है कि सूरज की मां का कुछ साल पहले ही निधन हो चुका था। ऐसे में घर की जिम्मेदारी काफी हद तक सूरज के कंधों पर ही थी। वह मेहनत करके अपने पिता और छोटे भाई की देखभाल करता था।
परिजनों का कहना है कि सूरज बहुत ही मेहनती और सीधा-सादा युवक था। वह किसी से बेवजह विवाद नहीं करता था। परिवार वालों के अनुसार, उन्हें समझ नहीं आ रहा कि इतनी छोटी सी बात पर किसी की जान कैसे ली जा सकती है। बेटे की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे घर में मातम पसरा हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि होली का त्योहार खुशियों और भाईचारे का प्रतीक माना जाता है, लेकिन इस तरह की घटना ने पूरे माहौल को दुखद बना दिया है। लोग इस बात से हैरान हैं कि केवल त्योहार की शुभकामना देने जैसी छोटी सी बात पर इतना बड़ा विवाद कैसे हो गया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और घटना के पीछे की असली वजह का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
इस घटना के बाद बेगरिया कॉलोनी में सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर इलाके में गश्त बढ़ा दी है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके। वहीं स्थानीय लोग भी इस घटना से काफी आहत हैं और जल्द से जल्द न्याय की मांग कर रहे हैं।



