
होली पर गुफा वाले बाबा मंदिर में उमड़ा जनसैलाब
बागपत जिले में होली पर्व के अवसर पर दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित प्रसिद्ध गुफा वाले बाबा मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। आस्था का ऐसा सैलाब देखने को मिला कि सुबह तड़के चार बजे से ही भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए मन्नतें मांगीं।

हर वर्ष की तरह इस बार भी होली के मौके पर सरूरपुर कलां गांव के पास स्थित इस मंदिर पर विशेष मेले का आयोजन हुआ। आधी रात के बाद से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। जैसे-जैसे सुबह हुई, मंदिर परिसर और हाईवे के आसपास श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ती चली गई। भक्तों में बाबा के दर्शन को लेकर गहरी श्रद्धा और उत्साह देखने को मिला।
मंदिर परिसर में प्रवेश से पहले श्रद्धालु कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। कई परिवार छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ पहुंचे थे। भक्तों ने मंदिर में पहुंचकर दूध और जल से अभिषेक किया, प्रसाद चढ़ाया और दीप जलाकर घर-परिवार की खुशहाली की कामना की। कई श्रद्धालु ऐसे भी थे जो हर साल होली पर यहां आकर दर्शन करने की अपनी परंपरा निभाते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार गुफा वाले बाबा मंदिर पर होली के दिन लगने वाला मेला क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक आयोजन माना जाता है। इस मेले में न सिर्फ पश्चिमी उत्तर प्रदेश बल्कि पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार भी बागपत, मेरठ, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जिलों के अलावा हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।
भक्तों की आस्था का आलम यह था कि कई लोग रात में ही मंदिर पहुंच गए थे, ताकि सुबह जल्दी दर्शन कर सकें। मंदिर परिसर में “जय बाबा” के जयकारों से माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। कुछ श्रद्धालुओं ने परिवार की खुशहाली के लिए विशेष पूजा कराई, तो कई लोगों ने मनोकामना पूरी होने पर भंडारे का आयोजन भी किया। मंदिर परिसर में जगह-जगह प्रसाद वितरण और भंडारे चलते रहे, जिससे आने वाले श्रद्धालुओं को भोजन भी कराया गया।
भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति और प्रशासन ने पहले से ही व्यापक तैयारियां कर रखी थीं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग की गई थी और अलग-अलग लाइनें बनाई गई थीं, ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रहे। पुलिस बल भी तैनात रहा, जो लगातार भीड़ को नियंत्रित करता नजर आया।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ का असर दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर भी देखने को मिला। ट्रैफिक दबाव बढ़ने के कारण पुलिस को वाहनों के लिए रूट डायवर्जन लागू करना पड़ा। हरियाणा की ओर से बड़ौत जाने वाले वाहनों को फैजपुर निनाना मार्ग से होकर निकाला गया। वहीं बागपत से बड़ौत की ओर जाने वाले वाहनों को अमीनगर सराय के रास्ते डायवर्ट किया गया। इसी तरह बड़ौत से सराय होते हुए वाहनों को बागपत की ओर भेजा गया।
रूट डायवर्जन के बावजूद कुछ समय के लिए हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें भी देखने को मिलीं। हालांकि पुलिसकर्मियों ने मौके पर मुस्तैदी दिखाते हुए ट्रैफिक को धीरे-धीरे सामान्य कराया। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रमुख चौराहों और मोड़ों पर पुलिस तैनात रही।
पुलिस अधिकारियों ने स्वयं मौके पर पहुंचकर सुरक्षा और व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने मंदिर समिति के सदस्यों से भी बातचीत की और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन का कहना है कि भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे और पूरे आयोजन को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया गया।
स्थानीय दुकानदारों के लिए भी यह मेला खासा फायदेमंद साबित हुआ। मंदिर के आसपास मिठाई, खिलौने, पूजा सामग्री और खाने-पीने की दुकानों पर दिनभर रौनक रही। बच्चों और महिलाओं ने मेले का भरपूर आनंद लिया। कई परिवार दर्शन के बाद आसपास लगे मेले में घूमते और खरीदारी करते नजर आए।
श्रद्धालुओं का कहना है कि गुफा वाले बाबा मंदिर में होली के दिन दर्शन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यही वजह है कि हर साल यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। इस बार भी उम्मीद से ज्यादा भीड़ देखने को मिली।
दिन चढ़ने के साथ-साथ मंदिर परिसर में भीड़ और बढ़ती रही, लेकिन प्रशासन और मंदिर समिति की व्यवस्था के चलते दर्शन प्रक्रिया सुचारु रूप से चलती रही। शाम तक हजारों श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर चुके थे।
कुल मिलाकर होली के पावन अवसर पर गुफा वाले बाबा मंदिर में आस्था, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। भक्तों ने पूरे विधि-विधान से पूजा कर अपने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। प्रशासन की सतर्कता और बेहतर प्रबंधन के चलते इतना बड़ा धार्मिक आयोजन शांतिपूर्वक संपन्न हो गया।



