
प्रेम जाल बना मौत का जाल
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से प्यार, ब्लैकमेल और साजिश से जुड़ा एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है। यहां एक महिला ने अपने पति, भाई और भाभी सहित रिश्तेदारों के साथ मिलकर प्रेमी की बेरहमी से हत्या कर दी। पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने शव के चेहरे पर तेजाब डालकर उसे खेत में फेंक दिया। पुलिस ने 19 दिन बाद इस पूरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य महिला आरोपी और उसका पति फरार बताए जा रहे हैं।

यह मामला रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के चिलकहर नत्थोपुर लोहटा मार्ग का है, जहां कुछ दिन पहले एक अज्ञात युवक का जला हुआ शव मिला था। उस समय शव की पहचान नहीं हो सकी थी, क्योंकि चेहरे पर तेजाब डालकर उसे बुरी तरह से विकृत कर दिया गया था। पुलिस ने नियमानुसार पोस्टमार्टम कर शव का अंतिम संस्कार करा दिया था, लेकिन जांच जारी रखी गई।
करीब 19 दिन बाद पुलिस को बड़ी सफलता मिली, जब मृतक की पहचान आजमगढ़ जिले के लाहीडीह थाना फूलपुर निवासी 30 वर्षीय पंकज गुप्ता के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने जब मामले की गहराई से जांच की तो चौंकाने वाली साजिश का खुलासा हुआ।
पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने रविवार को पुलिस लाइन सभागार में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि पंकज गुप्ता का विजय पाल सिंह की बहन रेखा सिंह से प्रेम संबंध था। दोनों के बीच काफी समय से नजदीकियां थीं। जांच में सामने आया कि पंकज के पास रेखा के कुछ आपत्तिजनक फोटो और वीडियो थे, जिनके जरिए वह उसे लगातार ब्लैकमेल कर रहा था।
बताया गया कि पंकज आए दिन वीडियो वायरल करने की धमकी देकर रेखा पर दबाव बनाता था। इस वजह से रेखा मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगी थी। आखिरकार उसने अपने पति अरुण सोनी, भाई विजय पाल सिंह और भाभी अंजनी सिंह को पूरी बात बताई। इसके बाद परिवार ने मिलकर पंकज से छुटकारा पाने की साजिश रच डाली।
इसी दौरान पांच फरवरी को अंजनी सिंह के मायके चिलकहर थाना गड़वार क्षेत्र में उसकी छोटी बहन की शादी थी। शादी में विजय पाल सिंह, उसकी पत्नी अंजनी सिंह, बहन रेखा सिंह और रेखा का पति अरुण सोनी भी मौजूद थे। वहीं पर चारों ने इस समस्या पर गंभीर चर्चा की और अंजनी के भाई मनीष सिंह को भी इसमें शामिल कर लिया। सभी ने मिलकर पंकज की हत्या की योजना बना ली।
योजना के तहत रेखा सिंह ने सात फरवरी को पंकज गुप्ता को फोन कर मिलने के बहाने रसड़ा बुलाया। प्रेमिका के बुलावे पर पंकज बिना किसी शक के वहां पहुंच गया। पहले से घात लगाए बैठे पांचों आरोपियों ने उसे पकड़ लिया और बेरहमी से उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए पंकज के चेहरे पर तेजाब डाल दिया, जिससे चेहरा पूरी तरह झुलस गया। इसके बाद शव को पास के खेत में फेंक दिया गया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने पंकज के बैग और कुछ कपड़ों को वहीं जला दिया और उसका मोबाइल फोन कुछ दूरी पर फेंक दिया, ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिले।
उधर, पंकज के अचानक लापता होने से उसके परिवार में चिंता बढ़ गई। उसकी बहन की शादी 24 फरवरी को तय थी, लेकिन उससे पहले ही वह गायब हो गया। मोबाइल फोन बंद मिलने पर परिजनों ने काफी खोजबीन की और आखिरकार फूलपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
पुलिस ने जब सर्विलांस के जरिए जांच शुरू की तो पंकज की आखिरी लोकेशन रसड़ा रेलवे स्टेशन के पास मिली। इसके बाद आजमगढ़ पुलिस ने रसड़ा पुलिस से संपर्क किया। जांच के दौरान वहां मिले अज्ञात शव से पंकज का हुलिया मेल खाने लगा। परिजनों को फोटो और कपड़े दिखाए गए, जिसके बाद उन्होंने शव की पहचान पंकज के रूप में की।
इसके बाद पुलिस ने सबूतों को जोड़ते हुए शक के आधार पर रेखा के भाई विजय पाल सिंह को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ में उसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विजय पाल सिंह, उसकी पत्नी अंजनी सिंह और मनीष सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन, तेजाब की दो खाली बोतलें और घटना में प्रयुक्त बाइक भी बरामद कर ली है। वहीं, मुख्य आरोपी रेखा सिंह और उसका पति अरुण सोनी अभी फरार हैं। पुलिस को जानकारी मिली है कि दोनों मध्य प्रदेश की ओर भाग गए हैं और उनकी तलाश में टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
एसपी ओमवीर सिंह ने बताया कि यह हत्या पूरी तरह से सोची-समझी साजिश के तहत की गई थी। पुलिस ने घटना का खुलासा करने वाली स्वाट, सर्विलांस और रसड़ा पुलिस की संयुक्त टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
यह सनसनीखेज मामला एक बार फिर दिखाता है कि अवैध संबंध, ब्लैकमेल और पारिवारिक दबाव किस तरह खौफनाक अपराध में बदल सकते हैं। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।



