
मक्के के खेत में मासूम की हत्या, 13 साल का किशोर निकला आरोपी
बिहार के कटिहार जिले से एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। महज 9 साल की एक बच्ची की निर्मम हत्या ने न सिर्फ परिवार को बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि गांव का ही 13 वर्षीय किशोर है। घटना के पीछे जो वजह बताई जा रही है, वह भी उतनी ही चौंकाने वाली है।

यह पूरा मामला कटिहार जिले के कोढ़ा थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, मासूम बच्ची शनिवार दोपहर अचानक घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर उसे आसपास काफी तलाश किया, रिश्तेदारों और पड़ोसियों से भी पूछताछ की, लेकिन बच्ची का कोई पता नहीं चल सका। जैसे-जैसे शाम ढलती गई, परिवार की चिंता बढ़ती गई और घर में बेचैनी का माहौल बन गया।
रात भर परिजन बच्ची की तलाश में जुटे रहे, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो रविवार सुबह कोढ़ा थाने में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और आसपास के इलाकों में खोजबीन शुरू कर दी गई। इसी दौरान गांव के पास स्थित मक्के के खेत में बच्ची का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। शव की हालत देखकर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी भी दंग रह गए।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि बच्ची का गला किसी धारदार हथियार से रेता गया था। शव के पास से पुलिस को कुछ कपड़े और अन्य साक्ष्य भी मिले हैं, जिन्हें जब्त कर जांच के लिए भेज दिया गया है। घटना की खबर फैलते ही पूरे गांव में मातम पसर गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच का दायरा बढ़ाया और शक के आधार पर गांव के ही एक 13 वर्षीय किशोर को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान किशोर का व्यवहार संदिग्ध लगा। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी के कबूलनामे ने पुलिस के साथ-साथ गांव वालों को भी हैरान कर दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी किशोर नशे की लत का आदी बताया जा रहा है। उसे डर था कि 9 साल की बच्ची उसके नशा करने की बात उसके माता-पिता को बता देगी। इसी डर के चलते उसने बच्ची को रास्ते से हटाने की साजिश रची। आरोप है कि किशोर बच्ची को बहला-फुसलाकर मक्के के खेत में ले गया और वहां खुरपी से उसका गला रेतकर हत्या कर दी।
घटना को लेकर एक और गंभीर आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस को शक है कि हत्या से पहले बच्ची के साथ गलत काम किया गया हो सकता है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में फिलहाल कोई अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) रंजन कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि बच्ची के साथ कोई दुष्कर्म हुआ था या नहीं।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी किशोर को अभिरक्षा में लेकर उससे विस्तृत पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही घटनास्थल से जुटाए गए सबूतों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां स्पष्ट हो सकें। पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस दिल दहला देने वाली घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—कम उम्र में बच्चों का नशे की ओर झुकाव, ग्रामीण इलाकों में बच्चों की सुरक्षा, और अभिभावकों की निगरानी जैसे मुद्दे एक बार फिर चर्चा में हैं। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है और वे दोषी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।
वहीं, मृत बच्ची के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में मातम पसरा हुआ है और परिजन बेसुध हालत में हैं। गांव के लोग परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं, लेकिन मासूम की दर्दनाक मौत ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कई अहम खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जांच तेजी से पूरी होगी और मासूम को न्याय मिलेगा।
