
गुरु बना गुनहगार!” लखनऊ में ट्यूशन टीचर की हैवानियत, नाबालिग को बनाया शिकार — गर्भ ठहरने पर कराया गर्भपात, रसूख का डर दिखाकर चुप कराता रहा
राजधानी लखनऊ से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां पढ़ाई के नाम पर भरोसा जीतने वाले एक ट्यूशन टीचर ने नाबालिग छात्रा की जिंदगी बर्बाद कर दी। आरोप है कि शिक्षक ने पहले किशोरी को अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया, फिर धमकियों और डर का सहारा लेकर महीनों तक उसका शोषण करता रहा। मामला तब खुला जब पीड़िता की तबीयत बिगड़ी और सच्चाई घरवालों के सामने आ गई।

घटना शहर के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके की है, जहां परिवार के साथ रहने वाली 13 वर्षीय किशोरी 9वीं कक्षा में पढ़ती है। उसके माता-पिता सरकारी नौकरी में हैं और रोजाना ड्यूटी पर चले जाते थे। परिवार को क्या पता था कि जिस व्यक्ति को उन्होंने बेटी का भविष्य संवारने के लिए घर बुलाया, वही उसकी जिंदगी अंधेरे में धकेल देगा।
पीड़िता के पिता के अनुसार, आरोपी वीर सिंह यादव उनकी बेटी को ट्यूशन पढ़ाने आता था। वह मूल रूप से बांदा जिले का रहने वाला बताया जा रहा है और इलाके में काफी समय से पढ़ाने का काम कर रहा था। आरोप है कि 22 जनवरी की दोपहर माता-पिता के घर से बाहर होने और दादी के बाहर बैठने का फायदा उठाकर उसने घर के अंदर अकेली किशोरी के साथ जबरन दुष्कर्म किया।
बताया जा रहा है कि घटना के बाद आरोपी ने किशोरी को धमकी दी कि अगर उसने किसी को बताया तो उसकी पढ़ाई, परिवार और सामाजिक प्रतिष्ठा सब खत्म कर देगा। डर और शर्म के कारण किशोरी चुप रही। इसी चुप्पी का फायदा उठाकर आरोपी बार-बार ट्यूशन के बहाने घर आने लगा और ब्लैकमेल कर उसका शोषण करता रहा।
सूत्रों के अनुसार, यह सिलसिला कई हफ्तों तक चलता रहा। इसी दौरान किशोरी गर्भवती हो गई। आरोप है कि आरोपी ने अपनी करतूत छिपाने के लिए उसे दवा देकर गर्भपात करा दिया। इसके बाद किशोरी की तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। दर्द और कमजोरी से परेशान बच्ची आखिरकार अपनी मां के सामने टूट गई और पूरी घटना बता दी।
सच्चाई सामने आते ही परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। माता-पिता तुरंत पुलिस के पास पहुंचे और लिखित शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म, पॉक्सो, गर्भपात और एससी-एसटी एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
मामले की जांच कर रहे डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल के मुताबिक आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया गया है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी जल्द ही कानून की गिरफ्त में होगा।
इस मामले में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। पीड़िता के पिता का आरोप है कि आरोपी खुद को राजनीतिक रूप से प्रभावशाली बताता था। वह अक्सर लोगों को बड़े नेताओं के साथ अपनी तस्वीरें दिखाकर दबाव बनाने की कोशिश करता था और खुद को समाजवादी पार्टी से जुड़ा बताता था। यही कारण रहा कि परिवार भी शुरुआत में उससे उलझने से डर रहा था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी इलाके में लंबे समय से पढ़ाने आता-जाता था और लोगों के बीच भरोसेमंद छवि बनाने में सफल रहा। लेकिन इस घटना ने उसकी असलियत उजागर कर दी। आसपास के लोगों में घटना को लेकर गुस्सा है और वे आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में सबसे बड़ा खतरा डर और सामाजिक दबाव होता है, जिसके कारण पीड़ित अक्सर समय पर बोल नहीं पाते। बच्चों को सुरक्षित माहौल देने के लिए परिवारों को सतर्क रहने और संवाद बनाए रखने की जरूरत है।
यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि भरोसे के साथ विश्वासघात का उदाहरण है। जिस शिक्षक को ज्ञान देने वाला माना जाता है, जब वही अपराधी बन जाए तो समाज के सामने गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता को मेडिकल सहायता और काउंसलिंग उपलब्ध कराई जा रही है ताकि वह मानसिक रूप से इस सदमे से उबर सके। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि जांच निष्पक्ष और तेज गति से पूरी हो।
अब पूरे शहर की नजर इस बात पर है कि आरोपी कब तक पकड़ा जाता है और उसे उसके अपराध की सजा कब मिलती है। क्योंकि इस बार मामला सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा और भरोसे का है।



