
बाराबंकी कांड: खेत में जली मिली किशोरी की मौत, अंतिम बयान में युवक का नाम; पुलिस कई एंगल से कर रही जांच
बाराबंकी जिले में हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। एक 17 वर्षीय किशोरी संदिग्ध परिस्थितियों में जली हुई अवस्था में खेत में मिली, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। मरने से पहले उसने पुलिस के सामने एक युवक का नाम लिया, जिससे मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस अब हत्या, दुष्कर्म और आत्महत्या—सभी संभावित पहलुओं से जांच कर रही है।

खेत से उठता धुआं और मची चीख-पुकार
घटना मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र की है। गुरुवार दोपहर थाना परिसर से कुछ दूरी पर स्थित खेत से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। आसपास के लोगों ने जब चीखने की आवाज सुनी तो वे मौके की ओर दौड़े।
वहां पहुंचकर उन्होंने देखा कि एक किशोरी गंभीर रूप से जली हुई हालत में पड़ी है। उसके शरीर का बड़ा हिस्सा आग से झुलस चुका था और वह दर्द से कराह रही थी।
स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और किशोरी को तत्काल अस्पताल भिजवाया गया।
गंभीर हालत में लखनऊ रेफर
प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी हालत बेहद नाजुक बताई और बेहतर इलाज के लिए उसे लखनऊ के सिविल अस्पताल भेज दिया गया।
बर्न वार्ड में भर्ती किशोरी की हालत लगातार बिगड़ती रही। डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद देर शाम उसने दम तोड़ दिया।
उसकी मौत की खबर फैलते ही परिवार और गांव में मातम छा गया।
मौत से पहले दिया अहम बयान
इलाज के दौरान पुलिस ने किशोरी का बयान दर्ज किया। बताया जाता है कि उसने कस्बे के एक पेट्रोल पंप पर काम करने वाले युवक का नाम लिया और कहा कि उसने पहले धमकी दी थी कि उसे जला देंगे।
बयान देते समय उसकी आवाज कमजोर हो रही थी और वह आगे ज्यादा कुछ नहीं बोल सकी।
पुलिस इस बयान को केस का अहम सुराग मानते हुए आरोपी की तलाश में जुट गई है।
परिवार का आरोप – पहले दुष्कर्म, फिर हत्या
किशोरी के परिजनों ने इस घटना को सुनियोजित अपराध बताया है। उनका कहना है कि लड़की के साथ पहले दुष्कर्म किया गया और उसके बाद उसे पेट्रोल डालकर जला दिया गया।
परिजनों ने आशंका जताई है कि इस अपराध में एक से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं।
उनका कहना है कि जब वे मौके पर पहुंचे तो लड़की के शरीर पर कपड़े नहीं थे, जिससे अपराध की आशंका और गहरी हो जाती है।
परिवार ने पुलिस से निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।
घर से शौच के लिए निकली थी
परिवार के अनुसार, किशोरी दोपहर करीब 12 बजे घर से शौच के लिए निकली थी। कुछ ही मिनट बाद उसकी बड़ी बहन को सूचना मिली कि वह खेत में जली हुई अवस्था में पड़ी है।
परिवार के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि लड़की बुरी तरह झुलस चुकी थी।
पास के खेत में बने मचान से रजाई लाकर उसे ढंका गया और मदद के लिए पुकार लगाई गई।
घटनास्थल से मिला पेट्रोल का डिब्बा
पुलिस जांच के दौरान घटनास्थल से कई अहम चीजें बरामद हुई हैं। वहां से पेट्रोल का डिब्बा, पानी की बोतल और अन्य सामग्री मिली है।
इन वस्तुओं से यह संकेत मिलता है कि आग लगाने में पेट्रोल का इस्तेमाल किया गया।
फोरेंसिक टीम ने भी मौके का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है।
80 प्रतिशत तक झुलसी थी किशोरी
डॉक्टरों के अनुसार किशोरी लगभग 80 प्रतिशत तक जल चुकी थी। शरीर पर गहरे जख्म थे और सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी।
डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारण और घटना की परिस्थितियां स्पष्ट होने की उम्मीद है।
पुलिस की जांच कई दिशाओं में
जिले के पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
पुलिस टीमों को आरोपी युवक की तलाश में लगाया गया है और आसपास के इलाकों में पूछताछ की जा रही है।
इलाके में गुस्सा और डर का माहौल
घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि थाना के इतने करीब ऐसी घटना होना बेहद चिंता की बात है।
लोगों ने प्रशासन से इलाके में सुरक्षा बढ़ाने और दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
समाज के लिए चेतावनी
यह घटना केवल एक अपराध नहीं बल्कि समाज के सामने गंभीर सवाल खड़े करती है।
महिला सुरक्षा, ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था और सामाजिक जागरूकता की कमी जैसी समस्याएं फिर उजागर हुई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित जांच और सख्त कार्रवाई ही लोगों का भरोसा कायम रख सकती है।
न्याय की उम्मीद में परिवार
किशोरी की मौत से परिवार पूरी तरह टूट चुका है। अब उनकी उम्मीद केवल न्याय से है।
परिजन चाहते हैं कि जांच जल्द पूरी हो और दोषियों को सख्त सजा मिले ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
यह घटना पूरे समाज को यह सोचने पर मजबूर करती है कि बेटियों की सुरक्षा केवल कानून नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी भी है।



