
सौरभ हत्याकांड में कोर्ट सख्त, पुलिस अफसर और मोबाइल कंपनी अधिकारी तलब
मेरठ। ब्रह्मपुरी के चर्चित ‘नीले ड्रम’ सौरभ हत्याकांड में सुनवाई के दौरान अदालत ने अहम कदम उठाते हुए ब्रह्मपुरी थाने के तत्कालीन एसएसआई और एयरटेल मोबाइल कंपनी के नोडल अधिकारी को तलब किया है। अदालत ने दोनों को 19 फरवरी को पेश होकर गवाही देने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश जिला जज अनुपम कुमार की अदालत ने उस समय पारित किया, जब बचाव पक्ष ने केस डायरी में शामिल कुछ साक्ष्यों पर आपत्ति जताई।

सोमवार को हुई सुनवाई में बचाव पक्ष की अधिवक्ता ने आरोपियों मुस्कान और साहिल शुक्ला की गिरफ्तारी करने वाले तत्कालीन एसएसआई कर्मवीर सिंह की केस डायरी के एक पर्चे को लेकर सवाल उठाए। अधिवक्ता का कहना था कि उस दस्तावेज की पुष्टि आवश्यक है। इस पर अदालत ने एसएसआई कर्मवीर सिंह को दोबारा तलब कर लिया, ताकि वे संबंधित बिंदुओं पर स्पष्टीकरण दे सकें।
इसी दौरान पुलिस द्वारा केस डायरी में संलग्न की गई मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) को भी मुद्दा बनाया गया। जांच के दौरान पुलिस ने मुस्कान और साहिल शुक्ला के मोबाइल फोन की सीडीआर निकलवाकर उसे साक्ष्य के रूप में केस डायरी में जोड़ा था। बचाव पक्ष ने इस पर भी आपत्ति दर्ज कराते हुए संबंधित मोबाइल कंपनी के अधिकारी की गवाही की मांग की। अदालत ने इस मांग को स्वीकार करते हुए एयरटेल के नोडल अधिकारी मयंक मिश्रा को भी 19 फरवरी को पेश होने का आदेश दिया।
अदालत का मानना है कि डिजिटल साक्ष्यों की प्रमाणिकता और प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि मुकदमे की सुनवाई निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ सके। इस बहुचर्चित मामले में अब तक 18 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और ट्रायल जारी है।
जिला जज अनुपम कुमार की अदालत में चल रहे इस मुकदमे में अभियोजन पक्ष ने क्रमवार गवाह पेश किए हैं। अब तक मृतक सौरभ राजपूत के भाई बबलू, जिन्होंने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, अपनी गवाही दे चुके हैं। रिपोर्ट दर्ज करने वाले हेड मोहर्रिर बृजेश कुमार, मृतक की मां रेणू, सौरभ के मित्र सौरभ कुमार और घटना से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण गवाह भी अदालत में बयान दे चुके हैं।
इसके अलावा हत्या में प्रयुक्त चाकू-छुरी बेचने वाले दुकानदार राकेश, नीला ड्रम बेचने वाले सैफुद्दीन, बिल्डिंग मैटेरियल कारोबारी आशु, दवा लिखने वाले डॉ. अरविंद कुमार देशवाल, उषा मेडिकल स्टोर के संचालक अमित जोशी और ड्रम को काटने वाले अशोक की भी गवाही हो चुकी है। पंचनामा भरने वाले दरोगा धर्मेंद्र गौड़, पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. दिनेश सिंह चौहान, कैब चालक अजब सिंह, पहले विवेचक एसआई कर्मवीर सिंह, चार्जशीट दाखिल करने वाले इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी, जिया मोबाइल कंपनी के नोडल अधिकारी लोकेश कुमार और फील्ड यूनिट प्रभारी अंशुल कुमार भी अदालत में अपने बयान दर्ज करा चुके हैं।
मामले की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो सौरभ राजपूत पूर्व में नेवी मर्चेंट में कार्यरत रह चुके थे और बाद में लंदन के एक मॉल में नौकरी कर रहे थे। वे 24 फरवरी 2025 को लंदन से मेरठ स्थित अपने ब्रह्मपुरी आवास पर लौटे थे। परिवार के साथ समय बिताने के दौरान उन्होंने 25 फरवरी को अपनी बेटी पीहू का जन्मदिन और 27 फरवरी को पत्नी मुस्कान रस्तोगी का जन्मदिन मनाया था।
अभियोजन के अनुसार, तीन मार्च की रात सौरभ की हत्या कर दी गई। आरोप है कि उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर पहले सौरभ के सीने में चाकू घोंपा और फिर गर्दन पर वार कर उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव के टुकड़े कर उन्हें प्लास्टिक के नीले ड्रम में डाला गया और ऊपर से सीमेंट का घोल भरकर उसे सील कर दिया गया, ताकि साक्ष्य छिपाए जा सकें।
घटना को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी पांच मार्च को हिमाचल प्रदेश के कसोल चले गए थे। बताया गया कि वे वहां कुछ दिन रुके और 17 मार्च को मेरठ लौटे। 18 मार्च को मामले का खुलासा हुआ, जिससे पूरे शहर में सनसनी फैल गई। 19 मार्च को ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने सौरभ के भाई बबलू की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। तभी से दोनों आरोपी जेल में बंद हैं।
मुकदमे के दौरान यह भी सामने आया कि नवंबर माह में मुस्कान ने जेल में एक बेटी को जन्म दिया। यह तथ्य भी अदालत की कार्यवाही के दौरान चर्चा का विषय बना रहा है।
फिलहाल अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 19 फरवरी की तारीख तय की है, जब एसएसआई कर्मवीर सिंह और एयरटेल के नोडल अधिकारी मयंक मिश्रा की गवाही दर्ज की जाएगी। माना जा रहा है कि डिजिटल साक्ष्यों और जांच प्रक्रिया से जुड़े इन गवाहों की गवाही मुकदमे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
इस बहुचर्चित हत्याकांड पर पूरे क्षेत्र की नजरें टिकी हैं। अदालत में जारी सुनवाई के साथ अब यह देखना होगा कि आगामी तारीख पर पेश होने वाले गवाहों के बयान से मामले में क्या नया मोड़ आता है।



