
सूने घर को बनाया निशाना, जाल काटकर लाखों के जेवर और नकदी ले उड़े बदमाश
खेकड़ा क्षेत्र के बड़ागांव में एक परिवार की खुशियों के बीच उस समय मातम जैसा माहौल बन गया, जब शादी समारोह में शामिल होने गए परिवार के सूने मकान में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई। अज्ञात चोरों ने मकान के आंगन में लगे लोहे के जाल को काटकर भीतर प्रवेश किया और कमरे का ताला तोड़कर अलमारी में रखे करीब 12 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवर और 12 हजार रुपये नकद पार कर दिए। घटना की जानकारी बुधवार सुबह मिली, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाई है।

बड़ागांव निवासी अजय ने बताया कि मंगलवार को वह अपने पूरे परिवार के साथ चचेरे भाई की शादी में शामिल होने के लिए घर पर ताला लगाकर गए थे। शादी समारोह देर रात तक चला, इसलिए परिवार वापस नहीं लौट सका। इसी दौरान चोरों ने सुनसान पड़े घर को निशाना बना लिया। अनुमान है कि बदमाशों ने पहले घर की टोह ली और यह सुनिश्चित किया कि अंदर कोई मौजूद नहीं है, उसके बाद वारदात को अंजाम दिया।
चोर घर के आंगन की तरफ से दाखिल हुए। वहां लगा लोहे का जाल उनकी राह में बाधा बना, लेकिन उन्होंने किसी धारदार औजार से उसे काट दिया। जाल काटने के बाद वे आसानी से भीतर पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने उस कमरे का ताला तोड़ा, जहां अलमारी रखी थी। अलमारी को खंगालते हुए उन्होंने व्यवस्थित तरीके से जेवर और नकदी निकाल ली। कमरे में सामान अस्त-व्यस्त पड़ा मिला, जिससे साफ था कि चोरों ने आराम से पूरी तलाशी ली।
अजय के अनुसार, चोरी हुए गहनों में सोने की चेन, अंगूठियां, कंगन, झुमके, मंगलसूत्र और चांदी के कई आभूषण शामिल हैं। ये गहने परिवार की महिलाओं द्वारा वर्षों से संजोकर रखे गए थे। कुछ जेवर पारिवारिक विरासत के रूप में भी थे, जिनका भावनात्मक महत्व बेहद ज्यादा था। अजय ने बताया कि कुल मिलाकर लगभग 12 लाख रुपये मूल्य के आभूषण चोरी हुए हैं, साथ ही 12 हजार रुपये नकद भी गायब हैं।
घटना का खुलासा बुधवार सुबह तब हुआ, जब पड़ोसियों ने मकान का मुख्य दरवाजा खुला देखा। चूंकि परिवार बाहर गया हुआ था, इसलिए दरवाजा खुला देख उन्हें शक हुआ। उन्होंने तुरंत अजय को फोन कर इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही अजय परिवार सहित घर पहुंचे। अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। आंगन का जाल कटा पड़ा था, कमरे का ताला टूटा हुआ था और अलमारी का सामान बिखरा पड़ा था।
परिवार के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जरूरी साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। आसपास के लोगों से पूछताछ की गई। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं किसी ने रात के समय संदिग्ध गतिविधि तो नहीं देखी। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि बदमाशों की पहचान हो सके।
जांच अधिकारी प्रभाकर कैंतुरा ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। प्रारंभिक जांच में ऐसा प्रतीत होता है कि चोरों को घर की स्थिति की पहले से जानकारी थी। संभावना जताई जा रही है कि किसी ने पहले रेकी की हो। पुलिस स्थानीय आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है और पुराने चोरी के मामलों से भी कड़ियां जोड़कर देख रही है।
इस घटना के बाद गांव में असुरक्षा का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि हाल के समय में चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। लोगों ने पुलिस से रात में गश्त बढ़ाने और संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखने की मांग की है। कई ग्रामीणों का मानना है कि जब भी किसी घर में शादी या अन्य कार्यक्रम होता है और परिवार बाहर जाता है, तो चोर सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे में सामुदायिक सतर्कता बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है। घर खाली छोड़ते समय विश्वसनीय पड़ोसियों को सूचना देना, मजबूत ताले लगाना, सीसीटीवी कैमरे लगवाना और कीमती सामान बैंक लॉकर में रखना बेहतर विकल्प हो सकता है। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी कई लोग गहने घर में ही सुरक्षित मानकर रखते हैं, जिससे ऐसे अपराधियों को मौका मिल जाता है।
अजय ने पुलिस से मांग की है कि जल्द से जल्द चोरी का खुलासा किया जाए और उनके जेवर बरामद किए जाएं। उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि परिवार की भावनाओं से जुड़ा मामला है। गहनों में कई यादें जुड़ी थीं, जिन्हें वापस पाना आसान नहीं होगा।
फिलहाल पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। गांव के लोग भी उम्मीद कर रहे हैं कि पुलिस जल्द ही चोरों को पकड़कर घटना का खुलासा करेगी।
इस वारदात ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। जब तक सतर्कता और सामुदायिक सहयोग नहीं बढ़ेगा, तब तक ऐसे अपराधियों के हौसले पस्त करना मुश्किल रहेगा। फिलहाल पीड़ित परिवार न्याय और राहत की उम्मीद में है, जबकि गांव में यह घटना चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है।



